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Jalaun News: कोटेदारों ने नहीं बांटा राशन, कार्ड धारक मायूस लौटे
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उरई। कोटेदारों का आंदोलन जारी है। रविवार को भी उन्होंने राशन नहीं बांटा।
मानदेय और लाभांश की मांग पर अड़े कोटेदारों ने 15 जनवरी तक काम बंद रखने का ऐलान कर दिया है और उसके बाद आंदोलन के तहत दिल्ली कूच की तैयारी शुरू कर दी है। खाद्यान्न लेने पहुंचे राशन कार्ड धारकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
डीलर्स एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष रवींद्र दीक्षित ने बताया कि जिले में 768 कोटेदार हैं, जहां से दो लाख से ज्यादा कार्ड धारक राशन प्राप्त करते हैं। कोटेदार 200 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश या 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय, दिया जाना चाहिए। मिडडे मील और आंगनबाड़ी केंद्र पर जाने वाले राशन के लंबित देयों के भुगतान, खराब हो चुकी ईपॉस मशीनों को बदलने, राशन के ऑनलाइन वितरण की दशा में स्टॉक, बिक्री व वितरण प्रमाणपत्र की अनिवार्यता समाप्त की जानी चाहिए। कहा कि मांग पूरी न होने पर कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे। बताया कि प्रदेश में केवल 90 रुपये प्रति क्विंटल में कमीशन मिलता है, जिससे परिवार का गुजारा संभव नहीं है।
उधर, विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 10 जनवरी तक वितरण शुरू किया जा सकता है। उम्मीद है कि कार्य बहिष्कार खत्म होगा। तब तक नए सॉफ्टवेयर के साथ मशीनों का इंस्टालेशन भी हो सकेगा।
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मानदेय और लाभांश की मांग पर अड़े कोटेदारों ने 15 जनवरी तक काम बंद रखने का ऐलान कर दिया है और उसके बाद आंदोलन के तहत दिल्ली कूच की तैयारी शुरू कर दी है। खाद्यान्न लेने पहुंचे राशन कार्ड धारकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
डीलर्स एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष रवींद्र दीक्षित ने बताया कि जिले में 768 कोटेदार हैं, जहां से दो लाख से ज्यादा कार्ड धारक राशन प्राप्त करते हैं। कोटेदार 200 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश या 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय, दिया जाना चाहिए। मिडडे मील और आंगनबाड़ी केंद्र पर जाने वाले राशन के लंबित देयों के भुगतान, खराब हो चुकी ईपॉस मशीनों को बदलने, राशन के ऑनलाइन वितरण की दशा में स्टॉक, बिक्री व वितरण प्रमाणपत्र की अनिवार्यता समाप्त की जानी चाहिए। कहा कि मांग पूरी न होने पर कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे। बताया कि प्रदेश में केवल 90 रुपये प्रति क्विंटल में कमीशन मिलता है, जिससे परिवार का गुजारा संभव नहीं है।
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उधर, विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 10 जनवरी तक वितरण शुरू किया जा सकता है। उम्मीद है कि कार्य बहिष्कार खत्म होगा। तब तक नए सॉफ्टवेयर के साथ मशीनों का इंस्टालेशन भी हो सकेगा।
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