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Jalaun News: तहसीलदार के कोर्ट में नहीं पहुंचने पर अवमानना की कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
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उरई। कलक्ट्रेट परिसर में न्यायिक मामलों की सुनवाई के दौरान तहसीलदार के उपस्थित नहीं होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं आईएएस रिंकू सिंह राही ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने तहसीलदार के खिलाफ कोर्ट अवमानना की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
दरअसल, 31 जुलाई को न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की कोर्ट में परशुराम बनाम हसीना बेगम (वाद संख्या-38) मामले की सुनवाई चल रही थी। इस दौरान उन्होंने दोनों पक्षों का नाम पुकारने के बाद पूछा कि मामले से संबंधित तहसीलदार कोर्ट में उपस्थित क्यों नहीं हैं। तहसीलदार के नहीं पहुंचने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में अधिकारियों की उपस्थिति जरूरी है, जिससे मामलों का समय पर निस्तारण हो सके।
बताया गया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तहसीलदार को फोन कर तत्काल उपस्थित होने का अवसर भी दिया, लेकिन इसके बाद भी वह कोर्ट में नहीं पहुंचे। इस पर उन्होंने तहसीलदार के खिलाफ कोर्ट अवमानना की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
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वहीं न्यायिक कार्रवाई में संतोषजनक रिपोर्ट नहीं मिलने पर एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
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दरअसल, 31 जुलाई को न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की कोर्ट में परशुराम बनाम हसीना बेगम (वाद संख्या-38) मामले की सुनवाई चल रही थी। इस दौरान उन्होंने दोनों पक्षों का नाम पुकारने के बाद पूछा कि मामले से संबंधित तहसीलदार कोर्ट में उपस्थित क्यों नहीं हैं। तहसीलदार के नहीं पहुंचने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में अधिकारियों की उपस्थिति जरूरी है, जिससे मामलों का समय पर निस्तारण हो सके।
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बताया गया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तहसीलदार को फोन कर तत्काल उपस्थित होने का अवसर भी दिया, लेकिन इसके बाद भी वह कोर्ट में नहीं पहुंचे। इस पर उन्होंने तहसीलदार के खिलाफ कोर्ट अवमानना की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
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वहीं न्यायिक कार्रवाई में संतोषजनक रिपोर्ट नहीं मिलने पर एसडीएम को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।