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Jalaun News: अधूरी पेयजल योजनाएं पकड़ेंगी रफ्तार, बुझेगी प्यास
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उरई। बुंदेलखंड की लंबित पेयजल योजनाओं के लिए बजट मिला है। जिले को जल्द ही पानी के संकट से निजात मिलती नजर आ रही है। सालों में लंबित पेयजल योजनाओं के अधूरे कामों को दो माह के अंदर पूरा करवा लिया जाएगा। कैबिनेट से बजट मंजूर होने के बाद जिले के अधिकारियों ने भी कमर कस ली।जिले के अधिकारी दिनभर कार्ययोजना बनाते दिखे।
जिले मेें पानी के संकट को दूर करने के लिए हर घर जल योजना लाई गई इसके बाद गांवों में पाइप लाइन बिछाने का काम तेजी से चला लेकिन कई इलाकाें में अभी भी घर की टोटियों से जल नहीं निकल सका था। बजट मिलते ही लंबित कई योजनाओं के कामों में तेजी आने की संभावना है। जल जीवन मिशन के तहत अब पीने के पानी के लिए लाइनें बिछाने का काम तेजी से होगा। इसके लिए बुंदेलखंड को 11, 580 करोड़ रुपये का बजट कैबिनेट मेें मंजूर किया गया। इसमें जालौन भी शामिल है। कई परियोजनाओं पर पहले से काम चल रहा था। अब इसमें ही 1,394 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।बजट की डोज से हर गांव में पानी के लिए लाइन पहुंच जाएगी।
जिले में सला घाट पेयजल परियोजना, 156 नलकूप पेयजल योजना चल रही है। इसके तहत हर गांव में पानी की सप्लाई दी जानी है। इस दौरान जो नलकूप लगाए जाएंगे। उनसे दो से तीन गांव को पानी की सप्लाई दी जाएगी। वहीं सला घाट परियोजना से डकोर और कोंच ब्लाक के गांव को पानी की सप्लाई दी जाएगी। इसमें भी करीब 120 गांव को पानी मिलेगा। वहीं हर घर जल योजना के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख लोगों तक सप्लाई पहुंचाने का लक्ष्य जल निगम का है। इसमें 300 पानी की टंकी भी बननी है। जिले को कुल बजट एक हजार करोड़ मिला था। जिसको दो भागों में बांटा गया था।
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256 नलकूप में खर्च हो रहे 600 करोड़ रुपये
नलकूप पेयजल योजना में 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत दो से तीन गांव के आसपास नलकूप बनाकर उनमें पाइप लाइन डालनी है। इससे सभी को पीने का पानी मिल सके। इस योजना में 256 नलकूप बनाए जाने हैं। वहीं इस योजना में भी बजट की बढ़ोतरी हुई है। जिसके बाद अधिकारी अब काम में तेजी ला रहे हैं। वहीं जल निगम का दावा है कि ये काम इतनी जल्दी नहीं हो पाएगा। इसके लिए करीब दिसंबर का समय लग सकता है।
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सला घाट परियोजना में मिले थे 400 करोड़ रुपये
सला घाट परियोजना में 400 करोड़ रुपये का बजट खर्च हो रहा है। इस योजना में डकोर ब्लॉक और कोंच ब्लॉक के गांव को शामिल किया गया था। करीब 120 गांव के ग्रामीणों को इस योजना से लाभ देना है। इस योजना में नलकूप और टंकी का निर्माण न करके सीधे सला घाट से पानी को शुद्ध करके घरों तक पहुंचाया जाना है। वहीं इस योजना में चार गांव मड़ोरा, गिरथान, नुनवई, खुटमिली को भी खारे पानी से निजात दिलाई गई। इस योजना को दो महीने के अंदर पूरा करने का दावा विभाग कर रहा है। इस योजना में भी बजट बढ़ने से काम में तेजी आ सकती है।
बजट मिला है। इसकी जानकारी है। लेकिन कितना बजट जिले को मिला है। इसकी कोई जानकारी नहीं है। लखनऊ से ही बजट योजना में शामिल किया जाता है। इसलिए इसकी जानकारी नहीं हो पाती है। बजट मिलने के बाद आगे की कार्ययोजना बनाई जा रही है।बजट के साथ समय पर काम करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
अंचल गुप्ता, अधिशासी अभिंयता, जल निगम, ग्रामीण
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जिले मेें पानी के संकट को दूर करने के लिए हर घर जल योजना लाई गई इसके बाद गांवों में पाइप लाइन बिछाने का काम तेजी से चला लेकिन कई इलाकाें में अभी भी घर की टोटियों से जल नहीं निकल सका था। बजट मिलते ही लंबित कई योजनाओं के कामों में तेजी आने की संभावना है। जल जीवन मिशन के तहत अब पीने के पानी के लिए लाइनें बिछाने का काम तेजी से होगा। इसके लिए बुंदेलखंड को 11, 580 करोड़ रुपये का बजट कैबिनेट मेें मंजूर किया गया। इसमें जालौन भी शामिल है। कई परियोजनाओं पर पहले से काम चल रहा था। अब इसमें ही 1,394 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।बजट की डोज से हर गांव में पानी के लिए लाइन पहुंच जाएगी।
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जिले में सला घाट पेयजल परियोजना, 156 नलकूप पेयजल योजना चल रही है। इसके तहत हर गांव में पानी की सप्लाई दी जानी है। इस दौरान जो नलकूप लगाए जाएंगे। उनसे दो से तीन गांव को पानी की सप्लाई दी जाएगी। वहीं सला घाट परियोजना से डकोर और कोंच ब्लाक के गांव को पानी की सप्लाई दी जाएगी। इसमें भी करीब 120 गांव को पानी मिलेगा। वहीं हर घर जल योजना के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख लोगों तक सप्लाई पहुंचाने का लक्ष्य जल निगम का है। इसमें 300 पानी की टंकी भी बननी है। जिले को कुल बजट एक हजार करोड़ मिला था। जिसको दो भागों में बांटा गया था।
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256 नलकूप में खर्च हो रहे 600 करोड़ रुपये
नलकूप पेयजल योजना में 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत दो से तीन गांव के आसपास नलकूप बनाकर उनमें पाइप लाइन डालनी है। इससे सभी को पीने का पानी मिल सके। इस योजना में 256 नलकूप बनाए जाने हैं। वहीं इस योजना में भी बजट की बढ़ोतरी हुई है। जिसके बाद अधिकारी अब काम में तेजी ला रहे हैं। वहीं जल निगम का दावा है कि ये काम इतनी जल्दी नहीं हो पाएगा। इसके लिए करीब दिसंबर का समय लग सकता है।
सला घाट परियोजना में मिले थे 400 करोड़ रुपये
सला घाट परियोजना में 400 करोड़ रुपये का बजट खर्च हो रहा है। इस योजना में डकोर ब्लॉक और कोंच ब्लॉक के गांव को शामिल किया गया था। करीब 120 गांव के ग्रामीणों को इस योजना से लाभ देना है। इस योजना में नलकूप और टंकी का निर्माण न करके सीधे सला घाट से पानी को शुद्ध करके घरों तक पहुंचाया जाना है। वहीं इस योजना में चार गांव मड़ोरा, गिरथान, नुनवई, खुटमिली को भी खारे पानी से निजात दिलाई गई। इस योजना को दो महीने के अंदर पूरा करने का दावा विभाग कर रहा है। इस योजना में भी बजट बढ़ने से काम में तेजी आ सकती है।
बजट मिला है। इसकी जानकारी है। लेकिन कितना बजट जिले को मिला है। इसकी कोई जानकारी नहीं है। लखनऊ से ही बजट योजना में शामिल किया जाता है। इसलिए इसकी जानकारी नहीं हो पाती है। बजट मिलने के बाद आगे की कार्ययोजना बनाई जा रही है।बजट के साथ समय पर काम करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
अंचल गुप्ता, अधिशासी अभिंयता, जल निगम, ग्रामीण