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हुल्का मैय्या को विदाई देने उमड़ा सैलाब
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
Updated Sat, 26 Sep 2015 11:36 PM IST
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आपदा से बचाव के लिए हर तीसरे साल होने वाली बड़ी पूजा के समापन के दौरान शनिवार को हुल्का मैय्या को विदाई देने के श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। श्रद्धालु मैय्या की विदाई करने हुल्का देवी मंदिर तक चिलचिलाती धूप में नंगे पांव आए। खासतौर पर महिलाओं की श्रद्धा देखते ही बनी।
बजरिया स्थित लाला हरदौल के स्थान से शुरू हुई हुल्का मैय्या की शोभायात्रा (डोला) मुख्य राजमार्ग पर लगभग चार किमी का भ्रमण कर पुन: हुल्का देवी मंदिर पर पहुंची।
अकाल और महामारी जैसी आपदा से बचाव के लिए बड़ी पूजा का आयोजन एक साल के अंतराल पर होता है। जानकार बताते हैं कि शताब्दी पूर्व यह पूजा शुरू हुई थी, तब से हर तीसरे साल हो रही है। वर्ष 1913 में जब महामारी फैली थी, तब इसकी शुरूआत हुई थी।
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आज भी उसी आस्था और विश्वास के साथ यह आयोजन बड़े रूप में जारी है। इस बार सप्ताह भर से नगर में बड़ी पूजा का आयोजन चल रहा था। शनिवार को पूजा के समापन पर धूमधाम से हुल्का मैय्या को विदाई दी गई। इस दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
चिलचिलाती धूप में श्रद्धालु नंगे पांव मंदिर तक मां हुल्का देवी को विदाई देने पहुंचे। इस बीच मां के डोला को कंधा देने की होड़ मची रही। सांसद भानुप्रताप वर्मा समेत तमाम गणमान्य लोगों ने डोला को कंधा दिया। इस दौरान शहर के तमाम स्थानों पर भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बड़ी तादाद में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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बजरिया स्थित लाला हरदौल के स्थान से शुरू हुई हुल्का मैय्या की शोभायात्रा (डोला) मुख्य राजमार्ग पर लगभग चार किमी का भ्रमण कर पुन: हुल्का देवी मंदिर पर पहुंची।
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अकाल और महामारी जैसी आपदा से बचाव के लिए बड़ी पूजा का आयोजन एक साल के अंतराल पर होता है। जानकार बताते हैं कि शताब्दी पूर्व यह पूजा शुरू हुई थी, तब से हर तीसरे साल हो रही है। वर्ष 1913 में जब महामारी फैली थी, तब इसकी शुरूआत हुई थी।
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आज भी उसी आस्था और विश्वास के साथ यह आयोजन बड़े रूप में जारी है। इस बार सप्ताह भर से नगर में बड़ी पूजा का आयोजन चल रहा था। शनिवार को पूजा के समापन पर धूमधाम से हुल्का मैय्या को विदाई दी गई। इस दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
चिलचिलाती धूप में श्रद्धालु नंगे पांव मंदिर तक मां हुल्का देवी को विदाई देने पहुंचे। इस बीच मां के डोला को कंधा देने की होड़ मची रही। सांसद भानुप्रताप वर्मा समेत तमाम गणमान्य लोगों ने डोला को कंधा दिया। इस दौरान शहर के तमाम स्थानों पर भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बड़ी तादाद में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।