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एचटी लाइन की चपेट में आने से किशोरी की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Tue, 24 Nov 2015 11:17 PM IST
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गन्ने के खेत पर जा रही किशोरी टूटी पड़ी एचटी लाइन की चपेट में आकर गंभीर
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रूप से झुलस गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों व ग्रामीणों ने
सड़क पर जाम लगाकर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विभाग पर
कार्रवाई और मुआवजे के आश्वासन पर चार घंटे बाद जाम खोल दिया।
गोहन थाना क्षेत्र के गांव राजपुरा निवासी महावीर पाल की 13 वर्षीय पुत्री मोहनी मंगलवार की सुबह करीब सात बजे गांव के बाहर स्थित अपने गन्ने के खेत पर जा रही थी। वह गांव से कुछ दूर ही निकली थी कि वहां टूटी पड़ी एचटी लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। किशोरी की मौत की सूचना मिलते ही
बदहवास परिजन मौके पर पहुंचे और रोने बिलखने लगे। वहां ग्रामीण भी जमा हो गए और नारेबाजी कर गोहन-जालौन मार्ग पर जाम लगाकर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पाकर एसडीएम एसपी अग्रवाल, सीओ महेंद्र
कुमार व थानाध्यक्ष बृजनेश यादव मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जाम के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। स्कूली वाहन व नौकरी पेशा लोग अपने गंतव्य तक नहीं जा सके।
आखिर कब चेतेगा विभाग
रजपुरा गांव के ग्रामीणों के मुताबिक वह कई मर्तबा जर्जर तार बदलने को लेकर तहसील दिवस से लेकर थाना दिवस में प्रार्थना पत्र दे चुके है लेकिन नतीजा अब तक सिफर रहा और यही मोहनी की मौत का कारण बना। ग्रामीणों ने मांग की आरोपी बिजली अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादउतन हत्या की रिपोर्ट दर्जकर परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
जिले में कई जगह जर्जर तारों का संजाल
किशोरी की मौत के बाद क्या बिजली विभाग चेतेगा या फिर उसी पुराने ढर्रे पर चलता रहेगा। बताते चलें कि कुठौंद से लेकर रामपुरा व गोहन से लेकर रेंढ़र तक जर्जर तारों का संजाल है। इस साल 10 लोग टूटे पड़े जर्जर तार की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं। अधिशासी अभियंता से लेकर कई बिजली कर्मियों पर रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी है लेकिन विभाग
ने जर्जर तार बदलने की जहमत नहीं उठाई है। बीते दिनों मदनेपुर गांव के बाहर भी एक किसान की मौत हो गई थी। आक्रोशित लोगों ने जाम लगाकर पथराव भी किया था । बिजली विभाग के अधिकारियों पर भी गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद भी समस्या जस की तस है।
50 हजार दिए, दो लाख और मिलेंगे
एसडीएम माधौगढ़ ने मोहनी के पिता महावीर पाल को बिजली विभाग की ओर से फौरी तौर पर पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई है। अभी करीब दो लाख का और मुआवजा दिलाने की बात कही है। एसओ गोहन ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया है। परिजन जो भी तहरीर देंगे उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
गोहन थाना क्षेत्र के गांव राजपुरा निवासी महावीर पाल की 13 वर्षीय पुत्री मोहनी मंगलवार की सुबह करीब सात बजे गांव के बाहर स्थित अपने गन्ने के खेत पर जा रही थी। वह गांव से कुछ दूर ही निकली थी कि वहां टूटी पड़ी एचटी लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। किशोरी की मौत की सूचना मिलते ही
बदहवास परिजन मौके पर पहुंचे और रोने बिलखने लगे। वहां ग्रामीण भी जमा हो गए और नारेबाजी कर गोहन-जालौन मार्ग पर जाम लगाकर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पाकर एसडीएम एसपी अग्रवाल, सीओ महेंद्र
कुमार व थानाध्यक्ष बृजनेश यादव मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जाम के दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। स्कूली वाहन व नौकरी पेशा लोग अपने गंतव्य तक नहीं जा सके।
आखिर कब चेतेगा विभाग
रजपुरा गांव के ग्रामीणों के मुताबिक वह कई मर्तबा जर्जर तार बदलने को लेकर तहसील दिवस से लेकर थाना दिवस में प्रार्थना पत्र दे चुके है लेकिन नतीजा अब तक सिफर रहा और यही मोहनी की मौत का कारण बना। ग्रामीणों ने मांग की आरोपी बिजली अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादउतन हत्या की रिपोर्ट दर्जकर परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
जिले में कई जगह जर्जर तारों का संजाल
किशोरी की मौत के बाद क्या बिजली विभाग चेतेगा या फिर उसी पुराने ढर्रे पर चलता रहेगा। बताते चलें कि कुठौंद से लेकर रामपुरा व गोहन से लेकर रेंढ़र तक जर्जर तारों का संजाल है। इस साल 10 लोग टूटे पड़े जर्जर तार की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं। अधिशासी अभियंता से लेकर कई बिजली कर्मियों पर रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी है लेकिन विभाग
ने जर्जर तार बदलने की जहमत नहीं उठाई है। बीते दिनों मदनेपुर गांव के बाहर भी एक किसान की मौत हो गई थी। आक्रोशित लोगों ने जाम लगाकर पथराव भी किया था । बिजली विभाग के अधिकारियों पर भी गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद भी समस्या जस की तस है।
50 हजार दिए, दो लाख और मिलेंगे
एसडीएम माधौगढ़ ने मोहनी के पिता महावीर पाल को बिजली विभाग की ओर से फौरी तौर पर पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई है। अभी करीब दो लाख का और मुआवजा दिलाने की बात कही है। एसओ गोहन ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया है। परिजन जो भी तहरीर देंगे उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।