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मासूम बच्ची की उपचार के दौरान मौत, हंगामा

Sun, 20 Jun 2021 10:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 10:58 PM IST
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उरई। उल्टी दस्त से बीमार मासूम की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची के परिजनों ने इमरजेंसी में मौजूद डाक्टर व स्वास्थ्य कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बच्ची के पिता का आरोप है कि बच्ची के इलाज में लापरवाही हुई है। दो दिन पहले चार माह के छोटी पुत्री बाबू की भी मौत उल्टी व दस्त से बिगड़ गई थी और अस्पताल में मौत हो गई थी। उन्होंने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गांधी नगर में किराए से रह रहे मजदूर पवन कुमार की बड़ी पुत्री हेमा (9) की शनिवार की देर रात दस्त व उल्टी होने से हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर रात दो बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। इमरजेंसी में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने इंजेक्शन व बोतल लगाने के बाद दवाई दी और घर ले जाने के लिए कहा। पर उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजन उसे लेकर इमरजेंसी के बाहर बैठे रहे। कुछ देर बाद ही उसकी दोबारा हालत बिगड़ने लगी। तो परिजन दोबारा अंदर पहुंचे पर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस पर मजदूर पवन कुमार ने इमरजेंसी डयूटी में तैनात कर्मियों व डाक्टर पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरु कर दिया। बच्ची के पिता पवन कुमार ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दे दी है। उसने पुलिस को बताया कि उसकी तीन बेटियां थी। जिसमें हेमा सबसे बड़ी थी। जबकि चार माह की छोटी पुत्री बाबू की भी दो दिन पहले उल्टी दस्त आने से तबियत बिगड़ गई थी। जिसकी महिला अस्पताल में मौत हो गई थी। तीन दिन में दो बेटियों की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
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समय पर सही इलाज मिलता तो बच जाती हेमा
पोस्टमार्टम हाउस पर पवन ने रोते हुए बताया कि जब वह बच्ची को लेकर इमरजेंसी में पहुंचा। तो डाक्टर ने उसकी बेटी को देखा तक नहीं। वहां मौजूद कर्मचारियों ने ही इंजेक्शन और बोतल लगाकर दवा देने के बाद टरका दिया। उसका कहना है कि अगर इलाज करते तो उसकी बच्ची की जान न जाती।
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