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Jalaun News: पचनद तट पर हिमांशु शेखर करेंगे 9 को रेत कला का अनोखा प्रदर्शन
Thu, 02 Jan 2025 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Thu, 02 Jan 2025 11:50 PM IST
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रामपुरा। पचनद संगम पर चंबल संग्रहालय के बैनर तले कटक (उड़ीसा) के प्रसिद्ध रेत कलाकार हिमांशु शेखर परीड़ा अपनी रेत कला का जादू बिखेरेंगे। 9 जनवरी को पचनद तट उनके उत्कृष्ट सृजन से गुलजार होगा।
हिमांशु शेखर रेत कला के क्षेत्र में एक अग्रणी कलाकार हैं, जिनकी रचनात्मकता व कौशल ने उन्हें वैश्विक मंच पर ख्याति दिलाई है। उनके पिता गगन बिहारी परीड़ा भी प्रसिद्ध चित्रकार व मूर्तिकार थे। उन्होंने बचपन से ही हिमांशु के भीतर कला के प्रति प्रेम और समर्पण का बीज बोया। दस वर्ष की आयु में हिमांशु ने अपने पिता के मूर्तिकला कार्यों में हाथ बंटाना शुरू किया।
उनके शुरुआती दिन कटक की शांत नदियों के किनारे रेत के साथ खेलते हुए बीते। 12वीं के बाद उन्होंने दृश्य कला में स्नातक की पढ़ाई की। उन्होंने मूर्तिकला में विशेषज्ञता के साथ परास्नातक डिग्री प्राप्त की। उनकी रेत मूर्तियां न केवल भारत में बल्कि इटली, स्लोवेनिया, ऑस्ट्रिया और नेपाल जैसे देशों में भी प्रदर्शित हुई हैं। चंबल संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राना ने बताया कि नौ जनवरी को पचनद तट पर उनकी प्रस्तुति कला प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होगी।
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हिमांशु शेखर रेत कला के क्षेत्र में एक अग्रणी कलाकार हैं, जिनकी रचनात्मकता व कौशल ने उन्हें वैश्विक मंच पर ख्याति दिलाई है। उनके पिता गगन बिहारी परीड़ा भी प्रसिद्ध चित्रकार व मूर्तिकार थे। उन्होंने बचपन से ही हिमांशु के भीतर कला के प्रति प्रेम और समर्पण का बीज बोया। दस वर्ष की आयु में हिमांशु ने अपने पिता के मूर्तिकला कार्यों में हाथ बंटाना शुरू किया।
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उनके शुरुआती दिन कटक की शांत नदियों के किनारे रेत के साथ खेलते हुए बीते। 12वीं के बाद उन्होंने दृश्य कला में स्नातक की पढ़ाई की। उन्होंने मूर्तिकला में विशेषज्ञता के साथ परास्नातक डिग्री प्राप्त की। उनकी रेत मूर्तियां न केवल भारत में बल्कि इटली, स्लोवेनिया, ऑस्ट्रिया और नेपाल जैसे देशों में भी प्रदर्शित हुई हैं। चंबल संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. शाह आलम राना ने बताया कि नौ जनवरी को पचनद तट पर उनकी प्रस्तुति कला प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होगी।
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