फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Health stalled , too upset Hostelar

स्वास्थ्य सेवाएं ठप, हास्टलर भी परेशान

Wed, 09 Dec 2015 11:17 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई Updated Wed, 09 Dec 2015 11:17 PM IST
विज्ञापन
Health stalled , too upset Hostelar
मेडिकल कालेज जालौन में ठेके पर कार्य कर रहे कर्मचारियों की हड़ताल नौवें
विज्ञापन
दिन भी जारी रही। इसके चलते अस्पताल की इमरजेंसी, वार्ड, आपरेशन जैसी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। अब हास्टल में रह रहे छात्र, छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह फैली गंदगी से उन्हे संक्रमण की चपेट में आने का डर सता रहा है। कर्मचारियों की

स्थिति तो इतनी दयनीय है कि घर का चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है। ऊपर से बच्चों की फीस जमा न होने से बच्चों के भविष्य की चिंता भी खाए जा रही है। मालूम हो कि राजकीय मेडिकल कालेज में ठेके पर काम कर रहे स्वीपर, वार्ड ब्वाय व गार्ड को नौ माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे ये कर्मचारी लगातार नौवें दिन बुधवार को भी हड़ताल पर रहे।

इससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं। इमरजेंसी, जनरल वार्ड एवं आपरेशन थिएटर बंद रहे। इससे इलाज कराने आ रहे दूरदराज के मरीजों को दिक्कत हो रही है। वहीं, दूसरी ओर साफ सफाई न होने से हास्टल में जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है। बाथरूम का हाल तो इतना खराब है कि वहां जाना भी मुश्किल हो गया है। हास्टल में फैली गंदगी से छात्र, छात्राएं

परेशान हैं। उन्हें डर सता रहा है कि कहीं वह संक्रमण की चपेट में आने से बीमार न हो जाएं। उधर मानदेय न मिलने से कर्मचारियों के घरों के चूल्हे ठंडे पड़ रहे हैं। ऊपर से बच्चों की स्कूल में फीस जमा न होने से बच्चों को अर्द्धवार्षिक परीक्षा से वंचित रखने केे लिए स्कूल वालों ने नोटिस भी थमा दिया है। इससे बच्चों के भविष्य को लेकर और भी चिंता सता रही है। कुछ समझ नहीं आ रहा कि वे क्या करें।

मरीजों की संख्या हुई आधी
राजकीय मेडिकल कालेज में कर्मचारियों की हड़ताल से परिसर में इतनी गंदगी हो गई है कि इससे मरीजों की संख्या 50 फीसदी रह गई है। तीमारदारों का कहना है कि वह मरीज को ठीक कराने के चक्कर में खुद बीमार न पड़ जाएं। इससे तो कहीं और इलाज को चले जाएं।

दो दिन में मिल जाएगा पैसा
पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी बुधवार को हड़ताली कर्मचारियों से मिले। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उन्हें दो दिन में वेतन दिला दिया जाएगा। कहा कि कर्मचारियों की समस्या को लेकर राज्य सरकार काफी चिंतित भी है। इसे लेकर राज्य सरकार के आला अधिकारियों से बात की गई है। उन्होंने खुद हेल्थ विभाग के डायरेक्टर जनरल से बात की है। साथ ही उन्हें दो दिनों के भीतर कर्मचारियों का पैसा देने को कहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed