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122 मरीजों की जांच, 19 मानसिक रोगी मिले
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उरई। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को पीएचसी कुठौन्द में मेगा मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कैंप में 122 मरीजों का परीक्षण एव जांच हुई जिसमें 19 मरीज मानसिक रोग से ग्रस्त पाए गए। शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख अनिरुद कुमार द्विवेदी, बीडीओ ओम प्रकाश द्धिवेदी, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ अरुण तिवारी, डॉ सुरेश चद्रा, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार ने संयुक्त रुप से किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि आजकल मानसिक रोगियों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। कोरोना की वजह से भी लोगों को मानसिक बीमारी की समस्या बढ़ी है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए और समय से इसका इलाज कराना चाहिए। कैंप में बीपी एवं शुगर की जांच की गई। साथ ही 14 लाभार्थियो के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। मानसिक स्वास्थ्य की टीम ने 19 मानसिक रोगियों का परीक्षण कर उचित परामर्श एव दवा प्रदान की। दो मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर 8738830715 पर कॉल कर सकते हैं। इस दौरान साइकोलॉजिस्ट महेश कुमार, बीपीएम हेमंत कुमार, बीसीपीएम विनय कुमार, शिवम त्रिपाठी, राहुल आदि उपस्थित रहे।
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फोटो-15-सचिव के खिलाफ नारेबाजी करते ग्रामीण। संवाद
सचिव के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुठौंद। विकासखंड कुठौंद के ग्राम पंचायत कोटा मुस्तकिल के ग्राम प्रधान के नेतृत्व में एक सैकड़ा ग्रामीणों ने आकर विकास खंड कार्यालय में सचिव के खिलाफ नारेबाजी कर धरना दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रधान के अनुकूल सचिव कार्य नहीं कर रहा है। जिससे गांव का विकास कार्य प्रभावित हो रहे है।
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लंबे समय से पंचायत सचिव मजहर खान तथा ग्राम प्रधान बृजेश कुमार के बीच सामंजस्य नहीं बैठ रहा था। जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे थे। गुरुवार को मनरेगा मजदूर व ग्रामीण ब्लाक कार्यालय आकर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे बीडीओ ने प्रधान व ग्रामीणों को भरोसा दिया कि जल्द समस्या का निदान कराया जाएगा। प्रधान का आरोप है कि पंचायत सचिव द्वारा विकास कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। वह अपनी मर्जी से कार्यों को संपादित कर रहे हैं। वहीं पंचायत सचिव का कहना है कि प्रधान जानबूझकर दबाव बना रहे हैं। जबकि वह पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि आजकल मानसिक रोगियों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। कोरोना की वजह से भी लोगों को मानसिक बीमारी की समस्या बढ़ी है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए और समय से इसका इलाज कराना चाहिए। कैंप में बीपी एवं शुगर की जांच की गई। साथ ही 14 लाभार्थियो के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। मानसिक स्वास्थ्य की टीम ने 19 मानसिक रोगियों का परीक्षण कर उचित परामर्श एव दवा प्रदान की। दो मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर 8738830715 पर कॉल कर सकते हैं। इस दौरान साइकोलॉजिस्ट महेश कुमार, बीपीएम हेमंत कुमार, बीसीपीएम विनय कुमार, शिवम त्रिपाठी, राहुल आदि उपस्थित रहे।
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फोटो-15-सचिव के खिलाफ नारेबाजी करते ग्रामीण। संवाद
सचिव के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुठौंद। विकासखंड कुठौंद के ग्राम पंचायत कोटा मुस्तकिल के ग्राम प्रधान के नेतृत्व में एक सैकड़ा ग्रामीणों ने आकर विकास खंड कार्यालय में सचिव के खिलाफ नारेबाजी कर धरना दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रधान के अनुकूल सचिव कार्य नहीं कर रहा है। जिससे गांव का विकास कार्य प्रभावित हो रहे है।
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लंबे समय से पंचायत सचिव मजहर खान तथा ग्राम प्रधान बृजेश कुमार के बीच सामंजस्य नहीं बैठ रहा था। जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे थे। गुरुवार को मनरेगा मजदूर व ग्रामीण ब्लाक कार्यालय आकर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे बीडीओ ने प्रधान व ग्रामीणों को भरोसा दिया कि जल्द समस्या का निदान कराया जाएगा। प्रधान का आरोप है कि पंचायत सचिव द्वारा विकास कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। वह अपनी मर्जी से कार्यों को संपादित कर रहे हैं। वहीं पंचायत सचिव का कहना है कि प्रधान जानबूझकर दबाव बना रहे हैं। जबकि वह पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।