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आनलाइन शिक्षण में लापरवाही पर जीआईसी प्रधानाचार्य को चेतावनी
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उरई। ऑनलाइन शिक्षण में लापरवाह बरतने पर डीआईओएस भगवत पटेल ने जीआईसी प्रधानाचार्य को नोटिस जारी किया है। नोटिस में चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के अंदर सुधार नहीं होता है उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं शिक्षकों को वेतन भी तभी देय होगा, जब वे शत-प्रतिशत आनलाइन शिक्षण शुरू कर देंगे।
डीआईओएस ने बताया कि 21 अप्रैल को शासन के आदेशानुसार बच्चों को आनलाइन शिक्षण कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद दो चार शिक्षकों को छोड़कर अधिकांश शिक्षक आनलाइन पढ़ाई नहीं करा रहे है। यह स्थिति खेदजनक है। इस पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने भी नाराजगी जाहिर की है। डीआईओएस ने जीआईसी प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर सुधार की चेतावनी दी है। साथ ही कहा कि जो शिक्षक आनलाइन शिक्षण करता हुआ नहीं मिला, उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। वेतन भी तभी देय होगा, जब शत प्रतिशत आनलाइन शिक्षण कर देंगे और जिला स्तरीय मानीटरिंग सेल से उसकी पुष्टि हो जाएगी।
लापरवाही पर विशेष सचिव भी नाराज
उरई। आनलाइन शिक्षण में बरती जा रही लापरवाही पर विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा उदयभानु त्रिपाठी ने नाराजगी जाहिर की है। डीआईओएस भगवत पटेल ने कहा कि विशेष सचिव के निर्देश पर सभी राजकीय, वित्तविहीन और अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक शिक्षक कम से कम दस बच्चों को आनलाइन शिक्षण कराते हुए व्हाट्सएप पर अपनी वास्तविक स्थिति अपलोड करें। यदि दस दिन में दस फीसदी छात्र आनलाइन संवाद में मानक के अनुसार नहीं पाए जाते है तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डीआईओएस ने बताया कि 21 अप्रैल को शासन के आदेशानुसार बच्चों को आनलाइन शिक्षण कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद दो चार शिक्षकों को छोड़कर अधिकांश शिक्षक आनलाइन पढ़ाई नहीं करा रहे है। यह स्थिति खेदजनक है। इस पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने भी नाराजगी जाहिर की है। डीआईओएस ने जीआईसी प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर सुधार की चेतावनी दी है। साथ ही कहा कि जो शिक्षक आनलाइन शिक्षण करता हुआ नहीं मिला, उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। वेतन भी तभी देय होगा, जब शत प्रतिशत आनलाइन शिक्षण कर देंगे और जिला स्तरीय मानीटरिंग सेल से उसकी पुष्टि हो जाएगी।
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लापरवाही पर विशेष सचिव भी नाराज
उरई। आनलाइन शिक्षण में बरती जा रही लापरवाही पर विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा उदयभानु त्रिपाठी ने नाराजगी जाहिर की है। डीआईओएस भगवत पटेल ने कहा कि विशेष सचिव के निर्देश पर सभी राजकीय, वित्तविहीन और अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक शिक्षक कम से कम दस बच्चों को आनलाइन शिक्षण कराते हुए व्हाट्सएप पर अपनी वास्तविक स्थिति अपलोड करें। यदि दस दिन में दस फीसदी छात्र आनलाइन संवाद में मानक के अनुसार नहीं पाए जाते है तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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