Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Get your son released on bail; don't worry about anything else...

Jalaun News: बेटे की जमानत करवा लेना, बाकी चिंता मत करना...

Sat, 07 Nov 2026 01:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Nov 2026 01:27 AM IST
विज्ञापन
Get your son released on bail; don't worry about anything else...
फोटो - 36 अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की फाइल फोटो। - फोटो : udhampur news
उरई। कालपी बार संघ अध्यक्ष गयादीन अहिरवार हत्याकांड में पुलिस की जांच के दौरान सुपारी और हत्या की साजिश को लेकर अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, ठेकेदार इंद्रजीत यादव अधिवक्ता की किसी भी कीमत पर हत्या करवाना चाहता था। इसी दौरान उसके घर मालिश करने आने वाले अजय यादव से उसने अपनी परेशानी साझा की। अजय ने उसे भरोसा दिलाया कि बाबूजी, आप केवल बेटे की जमानत करवा लेना, बाकी किसी बात की चिंता मत करना। आप तो हमारे घर जैसे हैं। इसके बाद अजय ने दस लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय कर ली।
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार अजय यादव ने हत्या की जिम्मेदारी अपने बेटे मोनू यादव को सौंपी। उसने इंद्रजीत को यह भी भरोसा दिलाया कि उसका बेटा पहले से ही डिफाल्टर है, इसलिए उसे किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और उनका काम हो जाएगा। इस तरह अधिवक्ता की हत्या की साजिश में इंद्रजीत और अजय के बीच मध्यस्थता हुई और दस लाख रुपये में सुपारी तय हुई। पुलिस की जांच में सामने आए इन तथ्यों के बाद हत्याकांड में आरोपियों की भूमिका और साजिश की कड़ियां जुड़ती नजर आ रही हैं।
विज्ञापन


इधर, अधिवक्ता हत्याकांड में पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण और पांच प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश भी कम होता दिख रहा है। दीपावली के बाद उनके सामान्य रूप से न्यायिक कार्य पर लौटने की संभावना है। गत सप्ताह कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुरहना आलमगीर निवासी कालपी बार संघ अध्यक्ष गयादीन अहिरवार का जमीन विवाद में अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुख्य शूटर मोनू यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अजय ब्रह्म तिवारी को हटाने के साथ ही सीओ राजेश कमल का भी स्थानांतरण उरई कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को मार्च निकालकर मुआवजे की मांग उठाई थी, लेकिन शुक्रवार को उनके तेवर कुछ नरम नजर आए। अधिवक्ता रामकुमार तिवारी ने बताया कि हत्याकांड में अहम किरदारों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब सुपारी की मध्यस्थता कराने वाले अजय यादव की गिरफ्तारी शेष है। वहीं अधिवक्ता दीपचंद सैनी ने बताया कि सात नवंबर तक कार्य बहिष्कार की घोषणा की गई है, लेकिन दीपावली के बाद अधिवक्ता काम पर लौट सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed