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Jalaun News: फर्जी ई-परमिट से बालू-मौरंग परिवहन का आरोप, दो पर प्राथमिकी
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कालपी। जोल्हूपुर स्थित बालू-मौरंग भंडारण स्थल से कथित फर्जी ई-परमिट के जरिए उपखनिज का परिवहन किए जाने के मामले में कालपी कोतवाली पुलिस ने भंडारण अनुज्ञप्तिधारी यशपाल सिंह समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। खनिज इंस्पेक्टर कुलदीप कुमार राम की तहरीर पर बीएनएस और खनन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
खनिज इंस्पेक्टर कुलदीप कुमार राम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि खनिज विभाग की जांच के दौरान सिक्योरिटी पेपर पर दर्ज ई-फार्म सी नंबर, सीरियल नंबर, वाहन संख्या और तिथि में कथित छेड़छाड़ किए जाने की बात सामने आई। जांच के दौरान ई-फार्म सी क्रमांक 3138260799036600474 का दो अलग-अलग सिक्योरिटी पेपर पर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा वाहन को भी दोबारा इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
खनिज विभाग के अनुसार, कथित फर्जी परिवहन प्रपत्रों के जरिए उपखनिज का परिवहन कर आर्थिक लाभ लेने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी यशपाल सिंह समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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मामले की विवेचना ज्ञान भारती चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विपिन कुमार सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अब ई-परमिट, सिक्योरिटी पेपर, वाहन संख्या और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पिछले महीने से चल रहा था खेल
खनिज विभाग की कार्रवाई के बाद यह भी चर्चा है कि कथित फर्जीवाड़ा पिछले महीने से चल रहा था। हालांकि, इसकी पुष्टि पुलिस की विवेचना पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बालू-मौरंग कारोबारियों में खलबली मची है। पुलिस जांच में फर्जी ई-परमिट के इस्तेमाल और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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खनिज इंस्पेक्टर कुलदीप कुमार राम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि खनिज विभाग की जांच के दौरान सिक्योरिटी पेपर पर दर्ज ई-फार्म सी नंबर, सीरियल नंबर, वाहन संख्या और तिथि में कथित छेड़छाड़ किए जाने की बात सामने आई। जांच के दौरान ई-फार्म सी क्रमांक 3138260799036600474 का दो अलग-अलग सिक्योरिटी पेपर पर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा वाहन को भी दोबारा इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
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खनिज विभाग के अनुसार, कथित फर्जी परिवहन प्रपत्रों के जरिए उपखनिज का परिवहन कर आर्थिक लाभ लेने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी यशपाल सिंह समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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मामले की विवेचना ज्ञान भारती चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विपिन कुमार सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अब ई-परमिट, सिक्योरिटी पेपर, वाहन संख्या और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पिछले महीने से चल रहा था खेल
खनिज विभाग की कार्रवाई के बाद यह भी चर्चा है कि कथित फर्जीवाड़ा पिछले महीने से चल रहा था। हालांकि, इसकी पुष्टि पुलिस की विवेचना पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद बालू-मौरंग कारोबारियों में खलबली मची है। पुलिस जांच में फर्जी ई-परमिट के इस्तेमाल और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।