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Jalaun News: मटर और फूल वाली फसलों को पाला गिरने से नुकसान की आशंका

Fri, 26 Jan 2024 12:39 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jan 2024 12:39 AM IST
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Fear of damage to pea and flower crops due to frost
मुहम्मदाबाद। लगातार पाला गिरने से गेहूं की फसल पीली पड़ने लगी है। इससे किसान चिंतित हैं, लेकिन कृषि विभाग के विशेषज्ञों की मानें तो किसान घबराए नहीं।
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मौसम साफ होते ही उनकी फसल वापस रंग बदलेगी और हरियाली नजर आएगी। हालांकि मटर, मसूर समेत उन फसलों में नुकसान बताया है, जिनमें फली आती है।
जिले में करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर में किसान गेहूं की फसल करते हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार पाला गिरने और धूप न निकलने की वजह से गेहूं की फसलों में पीलापन आने लगा है। इससे किसानों को गेहूं की फसल को नुकसान होने का खतरा लग रहा था। जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि पाला गिरने और कोहरा छाने से गेहूं की फसल में पीलापन आ जाता है। सर्दी का यह मौसम इस फसल के लिए काफी अच्छा होता है। धूप निकलने के बाद पीलापन भी दूर हो जाता है।
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बताया कि फली वाली फसलों को नुकसान का खतरा है। जिले में करीब सवा लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि में मटर होती है। वहीं, करीब 20 हजार हेक्टेयर में मसूर होती है। जिन फसलों में फली आ गई है, पाला गिरने से उनके सड़ने की आशंका रहती है। धूप निकलने के बाद यह स्थिति काफी हद तक सामान्य हो जाती है।
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मुहम्मदाबाद के किसान मुबीन ने बताया कि सफेद मटर के लिए सर्दी, कोहरा और पाला नुकसानदेय है। कुछ किसानों ने गेहूं की सिंचाई की है, लेकिन ठंड और कोहरा पड़ने से खेतों में जरूरत से ज्यादा नमी हो गई है, इसे पीलापन आ गया है।
कुसमिलिया किसान राहुल राजपूत ने बताया कि ठंड और कोहरे के कारण खेतों में नमी है। इस वजह से फसल पर असर दिख रहा है। धूप निकले तो खेतों की नमी दूर हो। गेहूं और सफेद मटर की फसलें पीली पड़ रही हैं। उत्पादन घटने का खतरा है।




कालपी। लगातार पड़ रही सर्दी से किसानों की फसलों के साथ-साथ आम जनजीवन भी अस्त व्यस्त हो गया है। इसके साथ ही बाजार में सब्जी के दाम भी आसमान को छूने लगे हैं। इस बार लगातार एक महीने से अधिक भीषण सर्दी का प्रकोप रहा।
जिसके चलते आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। सर्दी में बेजुबान जानवरों का हाल सबसे ज्यादा खराब है। भीषण सर्दी में सबसे ज्यादा आवारा गोवंशों के साथ अन्य जानवर भी चपेट में आ रहे हैं, जिससे उनकी मौतें हो रहीं हैं। इस भीषण सर्दी में पाला के कारण किसानों की फसल मटर, लाही मसूर, के साथ अरहर की फसलों में सबसे अधिक नुकसान हो रहा है।
इसके बाद किसानों के द्वारा बोई गई टमाटर, मटर व बैगन आदि सब्जियों पर पाले का असर पड़ने से सब्जियों के दाम बाजार में ऊंचे भाव पर पहुंच गए हैं। 10-20 रुपये प्रति किलो बिकने वाला बैगन आज बाजार में 50 रुपये किलो बिक रहा है। टमाटर जो सर्दियों में 10 किलो बिकता था वह अब बढ़कर 20-30 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।

हीरापुर, कीरतपुर, देवकली निवासी किसानों ने बताया कि अबकी बार सबसे अधिक सर्दी का असर सब्जियों पर पड़ा है। सर्दी के कारण सबसे ज्यादा सेवन की जाने वाली चीज लहसुन और अदरक का भाव आसमान छू रहा है। लहसुन 240 रुपये और अदरक 120 रुपये प्रति किलो के भाव में बिक रहा है।
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