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आठ दिन आराधना कर गड्ढे से निकले कृष्ण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
Updated Wed, 21 Oct 2015 12:36 AM IST
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डकोर ब्लाक क्षेत्र के बीहड़ में बसे गांव कमठा में नवरात्र के पहले दिन से आठ फुट गहरे गड्ढे में बैठकर अन्न-जल त्यागकर देवी की आराधना कर रहे कृष्ण कुमार प्रजापति (28) मंगलवार को अष्टमी के दिन अपना अनुष्ठान पूर्ण कर बाहर निकले। ग्रामीणों ने नारियल का पानी पिलाकर युवक का व्रत तोड़ा।
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण व पुलिस प्रशासन मौजूद रहा।गांव कमठा निवासी कृष्ण कुमार प्रजापति ने नवरात्र के पहले दिन गांव के बाहर सनातन बाबा आश्रम प्रांगण में आठ फुट गहरा व पांच फुट चौड़ा गड्ढा खुदवाया और त्रिशुल व तलवार लेकर नवरात्र भर आराधना करने के लिए गड्ढे में आसन जमा लिया।
यह जानकारी मिलने पर दूर-दूर से लोग वहां पहुंचने लगे। आठ दिन तक यहां पर भजन कीर्तन पूजा पाठ का दौर चलता रहा। मंगलवार को दोपहर 12 बजे से गड्ढे से मिट्टी हटाने का काम शुरू किया गया। मिट्टी हटाने के बाद लकड़ी का पटरा हटाया गया तो कृष्ण कुमार आसन पर बैठे माला जपते हुए दिखाई दिए।
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इस पर वहां मौजूद लोगों ने जयकारे लगाते हुए फूलों की वर्षा की। इसकेे बाद कृष्ण कुमार अपनी पूरी ताकत के साथ त्रिशूल व तलवार के सहारे उछल कर गड्ढे के बाहर आ गए। इसकेे बाद उन्हें चार नारियलों का पानी पिलाकर व्रत तुड़वाया गया।
उधर, कृष्ण कुमार का कहना है कि माता रानी ने उन्हें स्वप्न में ऐसा करने के लिए आदेश दिया था। उनका मानना है कि इससे जिले व गांव में भी खुशहाली आएगी।
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इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण व पुलिस प्रशासन मौजूद रहा।गांव कमठा निवासी कृष्ण कुमार प्रजापति ने नवरात्र के पहले दिन गांव के बाहर सनातन बाबा आश्रम प्रांगण में आठ फुट गहरा व पांच फुट चौड़ा गड्ढा खुदवाया और त्रिशुल व तलवार लेकर नवरात्र भर आराधना करने के लिए गड्ढे में आसन जमा लिया।
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यह जानकारी मिलने पर दूर-दूर से लोग वहां पहुंचने लगे। आठ दिन तक यहां पर भजन कीर्तन पूजा पाठ का दौर चलता रहा। मंगलवार को दोपहर 12 बजे से गड्ढे से मिट्टी हटाने का काम शुरू किया गया। मिट्टी हटाने के बाद लकड़ी का पटरा हटाया गया तो कृष्ण कुमार आसन पर बैठे माला जपते हुए दिखाई दिए।
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इस पर वहां मौजूद लोगों ने जयकारे लगाते हुए फूलों की वर्षा की। इसकेे बाद कृष्ण कुमार अपनी पूरी ताकत के साथ त्रिशूल व तलवार के सहारे उछल कर गड्ढे के बाहर आ गए। इसकेे बाद उन्हें चार नारियलों का पानी पिलाकर व्रत तुड़वाया गया।
उधर, कृष्ण कुमार का कहना है कि माता रानी ने उन्हें स्वप्न में ऐसा करने के लिए आदेश दिया था। उनका मानना है कि इससे जिले व गांव में भी खुशहाली आएगी।