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हर ओर गूंजा ‘सबसे प्यारा नवी हमारा’
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
Updated Thu, 24 Dec 2015 11:24 PM IST
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पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब की यौमे पैदायश पर जिले में जुलूस-ए-मुहम्मदी पूरे शान-ओ-शौकत से निकाला गया। जुलूस कादरी चौराहा से रवाना हुआ और विभिन्न मार्गो से गुजरा। जुलूस में शामिल लोगों का उत्साह देखते बन रहा था। ‘सबसे प्यारा नवी हमारा’ के नारे से समूचा माहौल गूंज रहा था।
जुलूस में सबसे आगे घोड़ों पर सवार होकर हाजी व बुजुर्ग, उनके पीछे मुहम्मदिया मदरसा गरीब नवाज, अहमद रजा मदरसा, मदरसा गौसे आजम, फजले रहमा कमेटी के साथ अन्य कमेटियों व मदरसों के छात्र हाथों में हरा परचम लहराते हुए ‘मरहबा मरहबा आए मुहम्मद हुआ उजाला’ नारे लगाते हुए चल रहे थे।
इनके पीछे सैकड़ों बच्चे ईरानी परिधान में सिर पर पगड़ी बांधे नात पढ़ते हुए चल रहे थे। जुलूस बजरिया से होता हुआ अंबेडकर चौराहा, शहीद भगत सिंह चौराहा, माहिल तालाब होते हुए पुन: बजरिया पहुंचा। भगत सिंह चौराहा पर शायरों ने नातेपाक पढ़ा। जब शायर नाते पाक पढ़ रहे थे तो जुलूस से पैगंबर साहब की शान में नारे लगाए जा रहे थे।
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सदर इमाम जमील अहमद कादरी ने कहा कि पैगंबर इस्लाम ने पूरी दुनिया को शांति का पैगाम दिया। सभी को उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए। इस मौके पर हाफिज जब्बार, फिरोज साहब, हाफिज मंजूर, शहर काजी शकील वेग रहमानी, हाफिज अनवार, कारी शमशुल कमर आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा बसपा के पूर्व विधायक पंकज अहिरवार, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सोहराब खान, सुरेंद्र बजरिया, वीरपाल दादी, सदर विधायक दयाशंकर वर्मा के अलावा आप पार्टी के दीनदयाल काका, राम सहाय चंद्र आदि भी मौजूद रहे। जुलूस की कमान शफीकुर्रहमान कश्फी, रेहान सिद्दीकि, मैराज सिद्दीकि, शानू अली, शम्मी, उसमान, राजू मंसूरी आदि संभाले रहे।
मुहम्मदाबाद प्रतिनिधि के मुताबिक यहां मोहल्ला तलैयामंडी से जुलूस-ए-मुहम्मदी बड़ी शान-औ-शौकत से निकाला गया। जुलूस पीरों के मैदान से होते हुए बस स्टैंड, बड़ी मस्जिद के रास्ते तलैयामंडी पर आकर खत्म हुआ। इसके बाद पीरों के मैदान स्थित गौसे आजम की मजार पर हजरत मुहम्मद मुस्तफा की फातिहा ख्वानी हुई।
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जुलूस में सबसे आगे घोड़ों पर सवार होकर हाजी व बुजुर्ग, उनके पीछे मुहम्मदिया मदरसा गरीब नवाज, अहमद रजा मदरसा, मदरसा गौसे आजम, फजले रहमा कमेटी के साथ अन्य कमेटियों व मदरसों के छात्र हाथों में हरा परचम लहराते हुए ‘मरहबा मरहबा आए मुहम्मद हुआ उजाला’ नारे लगाते हुए चल रहे थे।
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इनके पीछे सैकड़ों बच्चे ईरानी परिधान में सिर पर पगड़ी बांधे नात पढ़ते हुए चल रहे थे। जुलूस बजरिया से होता हुआ अंबेडकर चौराहा, शहीद भगत सिंह चौराहा, माहिल तालाब होते हुए पुन: बजरिया पहुंचा। भगत सिंह चौराहा पर शायरों ने नातेपाक पढ़ा। जब शायर नाते पाक पढ़ रहे थे तो जुलूस से पैगंबर साहब की शान में नारे लगाए जा रहे थे।
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सदर इमाम जमील अहमद कादरी ने कहा कि पैगंबर इस्लाम ने पूरी दुनिया को शांति का पैगाम दिया। सभी को उनके बताए रास्ते पर चलना चाहिए। इस मौके पर हाफिज जब्बार, फिरोज साहब, हाफिज मंजूर, शहर काजी शकील वेग रहमानी, हाफिज अनवार, कारी शमशुल कमर आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा बसपा के पूर्व विधायक पंकज अहिरवार, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सोहराब खान, सुरेंद्र बजरिया, वीरपाल दादी, सदर विधायक दयाशंकर वर्मा के अलावा आप पार्टी के दीनदयाल काका, राम सहाय चंद्र आदि भी मौजूद रहे। जुलूस की कमान शफीकुर्रहमान कश्फी, रेहान सिद्दीकि, मैराज सिद्दीकि, शानू अली, शम्मी, उसमान, राजू मंसूरी आदि संभाले रहे।
मुहम्मदाबाद प्रतिनिधि के मुताबिक यहां मोहल्ला तलैयामंडी से जुलूस-ए-मुहम्मदी बड़ी शान-औ-शौकत से निकाला गया। जुलूस पीरों के मैदान से होते हुए बस स्टैंड, बड़ी मस्जिद के रास्ते तलैयामंडी पर आकर खत्म हुआ। इसके बाद पीरों के मैदान स्थित गौसे आजम की मजार पर हजरत मुहम्मद मुस्तफा की फातिहा ख्वानी हुई।