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फूड प्वाइजनिंग: मामला दबाने में जुटे रहे अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला, जालौन
Updated Wed, 07 Oct 2015 01:33 AM IST
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दो दिन पूर्व शहर के गेस्ट हाउस में फूड प्वाइजनिंग के चलते एक युवक की मौत हो गई जबकि 65 लोग बीमार हो गए। इनमें से 38 लोगों को गंभीर स्थिति मेें उरई मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। इस संबंध में कोई भी अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
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मामले में प्रशासन की ओर से न तो गेस्ट हाउस संचालक के खिलाफ कोई मुकदमा दायर किया गया और न ही गेस्ट हाउस को सील आदि करने की कार्रवाई की गई। सूत्रों की माने तो कुछ प्रशासनिक अधिकारी इस मामले को दबाने में भी लगे रहे।
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मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सुरेश चंद्र ने बताया कि सभी मरीज खतरे से बाहर हैं। सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया है। सुबह एसडीएम एबी सिंह समेत कई आला अधिकारी मेडिकल कालेज में लोगों का हाल जानने पहुंचे। किसी अधिकारी ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
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अमर उजाला प्रतिनिधि ने एसडीएम एबी सिंह से इस बाबत बात की तो उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना के मामले की जांच करने की बात बताई। सिटी मजिस्ट्रेट से बात करने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
रिपोर्ट के संबंध में वे अभी कोई खुलासा नहीं करेंगे। उन्हें फूड प्वाइजनिंग के शिकार सभी लोगों की देखरेख का जिम्मा सौंपा गया था। डीएम के सचिव स्तर की वार्ता में शामिल होने कानपुर जाने से उनसे बात नहीं हो पाई।
पुलिस कह रही नहीं हुई मौत
कोतवाली उरई के प्रभारी एसएस राठौर ने बताया कि प्राथमिक जांच में किसी के भी मरने की सूचना नहीं है। दूषित पानी पीने से संक्रमण होने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि जांच में पता चला कि इन सभी लोगों ने रविवार को मीट बनाकर खाया था, जिसके बाद सभी की तबीयत बिगड़ गई।
गेस्ट हाउस संचालक के पास लाइसेंस और एनओसी होने की बात पूछने पर बताया कि पुलिस इसकी जांच कर रही है। संबंधित गेस्ट हाउस मालिक के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर कहा कि घटना में गेस्ट हाउस संचालक की कोई भूमिका नही है।
धड़ाधड़ खुले गेस्ट हाउस, नहीं लिया लाइसेंस
शहर में अवैध रूप से करीब एक दर्जन से अधिक गेस्ट हाउस संचालित हैं। प्रत्येक मेें पचास से अधिक लोगों के रुकने की व्यवस्था है। इन गेस्ट हाउसों में से अधिकतर के पास न तो फायर विभाग की एनओसी है और न गेस्ट हाउस संचालन का लाइसेंस।
नगर पालिका या जिला प्रशासन ने कभी इसकी जांच नहीं की। पिछले दिनों एसपी एन. कोलांची ने इन गेस्ट हाउसों में रुकने वालों की जांच करने के आदेश दिए थे। ऐसा पंचायत चुनाव के चलते था। उनके निर्देश से यह स्पष्ट है कि इन गेस्ट हाउसों में असामाजिक तत्व रुक रहे हैं।
यह है मामला....
उरई। एक प्राईवेट कंपनी का प्रोडक्ट घर-घर जाकर बेचने के लिए आधा सैकड़ा से ऊपर युवक बघौरा स्थित जय मां दुर्गे गेस्ट हाउस में रह रहे थे। इन्होंने बिना आईडी के यहां पर कमरा ले रखा था। चार सितंबर को सभी युवक फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए।
हालत बिगड़ने पर इन्हें मेडिकल कालेज ले जाया गया, जहां एक युवक की मौत हो गई। 38 युवकों को उपचार के बाद मंगलवार को मेडिकल कालेज से डिस्चार्ज कर दिया गया। इस मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट कर रहे हैं। फू ड प्वाइजनिंग की चपेट में आकर जान गंवाने वाले युवक का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। वहीं प्रशासन इस मामले में किसी मौत की खबर से इनकार कर रहा है।