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Jalaun News: कुत्ते खूंखार... 19 माह से 51 हजार को बनाया शिकार

Wed, 26 Nov 2025 01:50 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Nov 2025 01:50 AM IST
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Dogs are ferocious... they have hunted 51 thousand people in 19 months.
फोटो- 19 शहर के मोहल्ला रामनगर में घूमते आवारा कुत्ते। संवाद
उरई। खूंखार आवारा कुत्तों ने 19 महीनों में 51 हजार लोगों को काटा है। इसके बाद भी कुत्तों को पकड़ा नहीं जा रहा है। कोंच में दो दिनों में कुत्तों ने 27 लोगों को काटा। आलम यह है कि जिले में आवारा कुत्ते व बंदरों के लिए शेल्टर होम तक नहीं हैं।
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यह कुत्ते शहर की गलियों से लेकर गांव तक घूम रहे हैं। सरकारी कार्यालयों के साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर भी यह अक्सर घूमते नजर आ जाते हैं। जब तब बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को शिकार बना रहे हैं। जिले में हर सीएचसी में कुत्ते के काटे जाने के मरीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। कोंच में तो तीन दिनों से कुत्तों का आतंक है। वह बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक को अपना निशाना बना रहे हैं।
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एक जनवरी 2024 से दिसंबर 2024 तक जिले में कुत्ता काटने के 36,014 केस सामने आए हैं। वहीं, इस साल एक जनवरी से जुलाई 2025 तक 15,304 केस कुत्ता काटने के आए हैं। हालांकि कुत्तों से मौत का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है।
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केवल जिला अस्पताल में सौ लोग रोज पहुंच रहे एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने

जिला अस्पताल में एंटी रैबीज डोज लगवाने के लिए रोज करीब सौ लोग पहुंचते हैं। लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी जिले में कुत्तों को नहीं पकड़ा जा रहा है। इससे वह लोगों को जख्मी कर रहे हैं।

न नसबंदी की व्यवस्था और न शेल्टर होम

लोगों का कहना है कि कुत्तों और बंदरों की समय-समय पर नसबंदी होनी चाहिए, लेकिन न तो नगर निकाय ध्यान दे रही है और न ही ग्राम पंचायतों इसके लिए गंभीर है। कुत्ता, बंदरों के लिए शेल्टर होम बनाने में भी दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। इसकी वजह से यह आवारा कुत्ते किसी न किसी को अपना शिकार बना लेते हैं। वहीं, कुत्तों को पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम भी नहीं है।





रेबीज जानलेवा है। इससे बचाव के लिए एंटी रैबीज डोज लगवानी जरूरी है। यह जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी में मुफ्त लगाई जाती है। कुत्ता काटने के मामले में लापरवाही न बरतें, तत्काल एंटी रैबीज डोज लगवाएं।

डॉ. वीरेंद्र सिंह, एसीएमओ व नोडल अधिकारी





नगर निकाय क्षेत्रों में एबीसी सेंटर (कुत्तों की नसबंदी सेंटर) खोलने की योजना है। इसके बारे में उरई नगर पालिका के अधिकारियों को जगह देकर सेंटर बनाना है। यह काम जल्द शुरू होगा।


- डॉ. राजेंद्र बाबू, डिप्टी सीवीओ, पशुपालन विभाग



इस साल माहवार कुत्ते के शिकार लोगों की संख्या

जनवरी 2365

फरवरी 2469

मार्च 2444

अप्रैल 2280

मई 1981

जून 1645

जुलाई 2117

अगस्त 1691

सितंबर 1584

अक्तूबर 1693

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पालिका का दावा, पकड़ा गया खूंखार कुत्ता

कोंच। दो दिन पहले कस्बे के आराजी लेन व गिरवर नगर इलाके में एक खूंखार कुत्ते ने 15 लोगों पर हमला किया था। पालिका ने उसे पकड़ने के लिए तीन टीमें लगाई थीं। मंगलवार को पालिका ने दावा किया है कि खूंखार कुत्ते को पकड़ लिया गया है। नगर पालिका आरआई सुनील कुमार ने बताया कि कस्बे के जयप्रकाश नगर मोहल्ले के लोगों के कुत्ते को बाड़े में बंद कर लिया था। मोहल्ले वालों ने बताया कि यह वही कुत्ता है, जिससे कई लोगों को काटा था। पालिका ने उसका टीकाकरण करा दिया है। अभी भी उसको बंद किया गया है। (संवाद)
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