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Jalaun News: विकास पथ... जालौन बनेगा सौर ऊर्जा हब
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उरई। जनपद अब सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022 और जिला प्रशासन की सक्रिय पहल के चलते जिले में 300 मेगावाट से अधिक क्षमता की सौर परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिनमें करीब 1500 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि अब तक 23 हजार एकड़ भूमि का भूमि बैंक तैयार किया गया है। इसमें अनुपयोगी और बंजर भूमि को सौर परियोजनाओं के लिए चिह्नित किया गया है। इसके माध्यम से करीब 4000 मेगावाट विद्युत उत्पादन की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि शासन स्तर से बीएसयूएल, कोल इंडिया और एनएलसी जैसी कंपनियों को 2350 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही जनपद में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत नए विद्युत उपकेंद्रों और ट्रांसमिशन ढांचे का भी विकास किया जा रहा है।
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प्रशासन का दावा है कि प्रस्तावित परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, निवेश बढ़ेगा और स्थानीय व्यापार को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
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जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि अब तक 23 हजार एकड़ भूमि का भूमि बैंक तैयार किया गया है। इसमें अनुपयोगी और बंजर भूमि को सौर परियोजनाओं के लिए चिह्नित किया गया है। इसके माध्यम से करीब 4000 मेगावाट विद्युत उत्पादन की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं।
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उन्होंने बताया कि शासन स्तर से बीएसयूएल, कोल इंडिया और एनएलसी जैसी कंपनियों को 2350 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही जनपद में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत नए विद्युत उपकेंद्रों और ट्रांसमिशन ढांचे का भी विकास किया जा रहा है।
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प्रशासन का दावा है कि प्रस्तावित परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, निवेश बढ़ेगा और स्थानीय व्यापार को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।