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जोखिम भरा है गड्ढों में तब्दील सड़कों से गुजरना

Tue, 02 Jul 2019 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2019 11:51 PM IST
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Dangerous road passes through transformed roads
आटा संदी मार्ग सड़क बनने के बाद उखड़ी पड़ी - फोटो : ORAI
उरई। जनपद की सड़कें चलने लायक नहीं रह गई है। कहीं डामर गायब हो गया है तो कहीं गिट्टी बाहर झांक रही है। सड़कों पर गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश का पानी भरने कहीं गड्ढा तो कहीं जलाशय सा नजर आने लगता है। बारिश के दिनों में तो इन सड़कों से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। खासतौर पर गांव-कस्बों को जाने वाली सड़कों का तो और भी बुरा हाल है। पूरे जिले में सिर्फ हाईवे को छोड़ दिया जाए तो शायद ही ऐसी कोई सड़क होगी, जहां वाहन फर्राटा भरते हों। गांवों की सड़कों का हाल तो यह है कि चाहे भीतर की रोड हो या मुख्य संपर्क मार्ग किसी में गड्ढे न हों ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। अब जब बारिश का मौसम है तो इन जर्जर सड़कों का सफर और भी कष्टकारी हो जाता है। ग्रामीणों की मानें तो नाते रिश्तेदारों का आना-जाना बंद, शादी-ब्याह किसी मुसीबत से नहीं कम और अस्पताल व स्कूल की तो सोचकर ही लोगों के पसीने छूट जाते हैं। कुल मिलाकर गांव तक जाना बरसात में नाकों चने चबाने के बराबर है।
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सरावन प्रतिनिधि के अनुसार, गोहनी सरावन बाया माधौगढ़ मार्ग सालों से जर्जर पड़ा है। सड़क पर इतने बड़े बड़े गड्ढे है ंकि वाहन में बैठा सवार कई बार उछलता है और पीछे बैठा व्यक्ति बेफिक्र रहा तो गिरता है। इस मार्ग से जुड़े गांव गोहनी, सरावन, बौहरा, गिरेंद्रपुरा आदि के ग्रामीणों हरदेव सिंह, रमेश कुमार, सरनाम सिंह आदि का कहना है कि बारिश के दिनों में तो तहसील से संपर्क कट सा जाता है। मजबूरन घरों में ही बैठकर पानी के सूखने का इंतजार करना पड़ता है। सड़क पर जलभराव के कारण गड्ढों का पता ही नहीं चलता है। जिससे बाइक चलाना बहुत ही मुश्किल होता है।
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आटा प्रतिनिधि के अनुसार, साल भर पहले बना आटा संदी मार्ग जगह-जगह से उखड़ गया है। सड़क पर एक भी रोड लाइट नहीं है। लिहाजा शाम के बाद से ही रोड का आवागमन बंद हो जाता है। जबकि अधिक बरसात होने पर तो दिन के वक्त भी वाहन रोड से गुजरने के बजाय लंबा चक्कर काटकर निकलते हैं। संदी, जोराखेरा, रिरुआ व आटा के ग्रामीण रामजी अवस्थी, दिवाकर आदि का कहना है कि इन दिनों तो अक्सर टेंपो, आटो व ई रिक्शा रोड के गड्ढों में उलझकर पलट जाते हैं। जिससे उसमें सवार लोग चुटहिल भी हो जाते हैं।
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मुहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, डकोर ब्लाक के ऐर ददरी मार्ग पर खरका, टीकर, कुइंया, करूई, ऐर व ददरी समेत करीब एक दर्जन गांव पड़ते हैं। इन गांवों का संपर्क बरसात के दिनों में बिल्कुल कट सा जाता है क्योंकि सड़कें ही ऐसी है कि बारिश के वक्त उन पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी संभव नहीं होता है। प्रधान सोनू राजपूत, कैलाश सिंह, मुन्ना राजपूत आदि का कहना है कि सालों से न तो सड़क का चौड़ीकरण ही हुआ और न ही मरम्मत, जिस कारण हालात दिन पर दिन खराब होते जा रहे हैं। बारिश का मतलब सड़क पर चलना बंद।

ऐर खरका मार्ग पर सड़क के गड्ढों में भरा पानी

ऐर खरका मार्ग पर सड़क के गड्ढों में भरा पानी- फोटो : ORAI

सरावन में क्षतिग्रस्त पड़ी सड़क

सरावन में क्षतिग्रस्त पड़ी सड़क- फोटो : ORAI

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