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Jalaun News: डकोर थाना इंचार्ज व एसओजी प्रभारी लाइन हाजिर
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फोटो - 23 राजकुमार की फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
फोटो - 24 मृतक राजकुमार के शरीर में चोट के निशान। संवाद
फोटो - 25 घर में मौजूद पिता भगवानदीन के साथ बैठे परिजन। संवाद
फोटो - 26 घर में रोती बहन उमा। संवाद
फोटो - 27-
पुलिस हिरासत में मौत का मामला, डकोर थाने में हुई थी युवक की मौत
डीएम ने दिए हैं एडीएम की अगुवाई में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। डकोर थाने में पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत के मामले में प्रभारी एसपी असीम चौधरी ने डकोर थाना इंचार्ज व एसओजी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण पर डीएम ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। पूरी कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मची है।
डकोर थाना पुलिस की हिरासत में शनिवार सुबह इंद्रा नगर निवासी हत्या के मामले में वांछित राजकुमार की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतक की बहन व पत्नी ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टार्चर और मारपीट की आरोप लगाया था। इस मामले में रविवार को डकोर थाना प्रभारी राजेश पाल सिंह व एसओजी प्रभारी सतेंद्र यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके साथ ही डीएम राजेश कुमार पांडेय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एडीएम विशाल यादव की अगुवाई में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। एएसपी असीम चौधरी ने बताया कि मृतक के शरीर में कोई चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई चोटों के निशान दर्शाए गए पर मौत की वजह हृदय गति रुकने से होना बताया गया है। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर राजनीति गर्माई हुई है। सपा-कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट से पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाए हैं।
पुलिस बल की मौजूदगी में अंतिम संस्कार, दहशत के साए में रहे परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत के मामले में पुलिस ने पूरे बल के साथ शव का अंतिम संस्कार करा दिया। लेकिन परिजन दहशत के साए में हैं, सुबह छह बजे पुलिस मृतक के घर पहुंची और शव का अंतिम संस्कार करा दिया। वसूत्रों की मानें तो शरीर पर कई चोटों के निशान थे, जिन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिखाया गया है। फिलहाल उसके विसरा को जांच के लिए भेजा गया है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला इंद्रा नगर में किराए के मकान में रहने वाले संतोष कुमार उर्फ मखंचू की 10 जुलाई को सिर कूच कर हत्या कर दी गई थी। उसकी पत्नी सरिता की तहरीर पर पुलिस ने राजकुमार व उसके भाई निर्भय सिंह उर्फ छंगे व निर्भय की पत्नी राधा, कार्तिक उर्फ फरसा वाले, आकाश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 11 जुलाई को पुलिस ने आरोपी राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप है कि उसकी पुलिस की पिटाई से मौत हो गई। इसके बाद डकोर थाने से आई पुलिस उसके शव को जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर छोड़कर भाग गई थी। रविवार सुबह छह बजे दो दर्जन पुलिस कर्मी मृतक के घर पहुंचे और शव का अंतिम संस्कार करा दिया।
सुबह पहुंचे रिश्तेदार, पुलिस ने उससे पहले ही करा दिया अंतिम संस्कार
उरई। मृतक राजकुमार के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन उसका शव घर ले गए। लेकिन सुबह पांच बजे ही पुलिस आई और जल्दी शव का अंतिम संस्कार करने की बात करने लगी। इसके बाद पुलिस ने मृतक राजकुमार के छोटे भाई जगत सिंह को बुलाया और शव को जल्दी अंतिम संस्कार करने के लिए कहा। इस पर मौजूद परिजन उसे लेकर श्मशान घाट लेकर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया। कई परिजन पहुंचे तब तक संस्कार हो चुका था। (संवाद)
एडीएम की अगुवाई में होगी मजिस्ट्रेट जांच
उरई। डकोर पुलिस की अभिरक्षा में हुई युवक की मौत के मामले में डीएम ने मजिस्ट्रेट जांच करने के आदेश दिए हैं। एडीएम की अगुवाई में बनी टीम पूरी जांच करने के बाद डीएम को रिपोर्ट सौपेंगी। डकोर कोतवाली पुलिस की लापरवाही से हुई युवक की मौत के मामले मेंडीएम राजेश पांडेय ने एडीएम विशाल यादव की अगुवाई में जांच टीम बनाई है।
विपक्षी पार्टियां हुई हमलावर, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
उरई। डकोर पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के मामले में समाजवादी पार्टी ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी मृतक के शरीर पर गंभीर चोंटों के निशान का वीडियो अपने सोशल अकाउंट से शेयर करते हुए पुलिस की बर्बर कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाए हैं। (संवाद)
पत्नी के सूख गए आंसू, बहन बोली-किसे राखी बांधेगी
उरई। डकोर थाने में पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत की जानकारी पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची पत्नी व बहन ने पुलिस पर मारपीट सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। रविवार सुबह उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पति की मौत के बाद पत्नी बेसुध पड़ी थी। उसकी आंखों के आंसू सूख गए थे। मानो अब वह कुछ भी नहीं कहना चाहती हो। उसे बच्चों की चिंता सताए जा रही है। उसकी इस चिंता ने उसके आंखों के आंसुओं को भी सुखा दिया। मृतक की बहन उमा ने बताया कि उसकी मां की बचपन में ही मौत हो गई थी। भाई ने ही उसकी परवरिश की थी। अब वह किसे राखी बांधेगी। बहन बोली अब पुलिस से दुश्मनी लेने से क्या फायदा मेरा भाई तो चला गया। (संवाद)
बहन और पत्नी को 11 बजे पुलिस ले गई, तीन बजे छोड़ा
उरई। मृतक की पत्नी अंजू व बहन उमा से जानकारी जुटाने के लिए अमर उजाला की टीम पहुंची तो परिजन दहशत में थे। परिजनों ने बताया कि सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए पुलिस मृतक की पत्नी व बहन को अपने साथ ले गई थी। इस दौरान उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस ने कई वीडियो बनवाए और उसमें यह कहा गया कि इसमें पुलिस का कोई दोष नहीं है, कहना कि भाई की बीमारी के चलते मौत हुई है। पुलिस सुबह 11 बजे से लेकर 3 बजे तक पूछताछ के लिए दोनों को अपने साथ ले गई। (संवाद)
पैर की पिड़लियों से हाथ की हथेली तक दर्जनों चोटों के निशान
उरई। डकोर थाने में पुलिस अभिरक्षा में हुई युवक की मौत के मामले में शव को जब मीडिया के कैमरों में कैद किया गया तो उसके पैर की पिड़लियों से लेकर हाथ की हथेली तक दर्जनों चोंट के निशान दिख रहे थे। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह चोट न होकर दम घुटने व हृदयगति रुकना बताया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पैर की पिड़लियों से लेकर हाथ की हथेली, कलाई और पीट पर चोटों के निशान दर्शाए गए हैं। कैमरे की निगरानी में दो डॉक्टरों के पैनल में डॉ. सुरेश चंद्रा व डॉ. अमित कुमार ने शव का पोस्टमार्टम किया है। (संवाद)
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फोटो - 24 मृतक राजकुमार के शरीर में चोट के निशान। संवाद
फोटो - 25 घर में मौजूद पिता भगवानदीन के साथ बैठे परिजन। संवाद
फोटो - 26 घर में रोती बहन उमा। संवाद
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पुलिस हिरासत में मौत का मामला, डकोर थाने में हुई थी युवक की मौत
डीएम ने दिए हैं एडीएम की अगुवाई में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। डकोर थाने में पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत के मामले में प्रभारी एसपी असीम चौधरी ने डकोर थाना इंचार्ज व एसओजी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। इसके साथ ही इस पूरे प्रकरण पर डीएम ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। पूरी कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मची है।
डकोर थाना पुलिस की हिरासत में शनिवार सुबह इंद्रा नगर निवासी हत्या के मामले में वांछित राजकुमार की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतक की बहन व पत्नी ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टार्चर और मारपीट की आरोप लगाया था। इस मामले में रविवार को डकोर थाना प्रभारी राजेश पाल सिंह व एसओजी प्रभारी सतेंद्र यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके साथ ही डीएम राजेश कुमार पांडेय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एडीएम विशाल यादव की अगुवाई में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। एएसपी असीम चौधरी ने बताया कि मृतक के शरीर में कोई चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई चोटों के निशान दर्शाए गए पर मौत की वजह हृदय गति रुकने से होना बताया गया है। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर राजनीति गर्माई हुई है। सपा-कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट से पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाए हैं।
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पुलिस बल की मौजूदगी में अंतिम संस्कार, दहशत के साए में रहे परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत के मामले में पुलिस ने पूरे बल के साथ शव का अंतिम संस्कार करा दिया। लेकिन परिजन दहशत के साए में हैं, सुबह छह बजे पुलिस मृतक के घर पहुंची और शव का अंतिम संस्कार करा दिया। वसूत्रों की मानें तो शरीर पर कई चोटों के निशान थे, जिन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिखाया गया है। फिलहाल उसके विसरा को जांच के लिए भेजा गया है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला इंद्रा नगर में किराए के मकान में रहने वाले संतोष कुमार उर्फ मखंचू की 10 जुलाई को सिर कूच कर हत्या कर दी गई थी। उसकी पत्नी सरिता की तहरीर पर पुलिस ने राजकुमार व उसके भाई निर्भय सिंह उर्फ छंगे व निर्भय की पत्नी राधा, कार्तिक उर्फ फरसा वाले, आकाश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 11 जुलाई को पुलिस ने आरोपी राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप है कि उसकी पुलिस की पिटाई से मौत हो गई। इसके बाद डकोर थाने से आई पुलिस उसके शव को जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर छोड़कर भाग गई थी। रविवार सुबह छह बजे दो दर्जन पुलिस कर्मी मृतक के घर पहुंचे और शव का अंतिम संस्कार करा दिया।
सुबह पहुंचे रिश्तेदार, पुलिस ने उससे पहले ही करा दिया अंतिम संस्कार
उरई। मृतक राजकुमार के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन उसका शव घर ले गए। लेकिन सुबह पांच बजे ही पुलिस आई और जल्दी शव का अंतिम संस्कार करने की बात करने लगी। इसके बाद पुलिस ने मृतक राजकुमार के छोटे भाई जगत सिंह को बुलाया और शव को जल्दी अंतिम संस्कार करने के लिए कहा। इस पर मौजूद परिजन उसे लेकर श्मशान घाट लेकर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया। कई परिजन पहुंचे तब तक संस्कार हो चुका था। (संवाद)
एडीएम की अगुवाई में होगी मजिस्ट्रेट जांच
उरई। डकोर पुलिस की अभिरक्षा में हुई युवक की मौत के मामले में डीएम ने मजिस्ट्रेट जांच करने के आदेश दिए हैं। एडीएम की अगुवाई में बनी टीम पूरी जांच करने के बाद डीएम को रिपोर्ट सौपेंगी। डकोर कोतवाली पुलिस की लापरवाही से हुई युवक की मौत के मामले मेंडीएम राजेश पांडेय ने एडीएम विशाल यादव की अगुवाई में जांच टीम बनाई है।
विपक्षी पार्टियां हुई हमलावर, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
उरई। डकोर पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के मामले में समाजवादी पार्टी ने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी मृतक के शरीर पर गंभीर चोंटों के निशान का वीडियो अपने सोशल अकाउंट से शेयर करते हुए पुलिस की बर्बर कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाए हैं। (संवाद)
पत्नी के सूख गए आंसू, बहन बोली-किसे राखी बांधेगी
उरई। डकोर थाने में पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत की जानकारी पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची पत्नी व बहन ने पुलिस पर मारपीट सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। रविवार सुबह उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पति की मौत के बाद पत्नी बेसुध पड़ी थी। उसकी आंखों के आंसू सूख गए थे। मानो अब वह कुछ भी नहीं कहना चाहती हो। उसे बच्चों की चिंता सताए जा रही है। उसकी इस चिंता ने उसके आंखों के आंसुओं को भी सुखा दिया। मृतक की बहन उमा ने बताया कि उसकी मां की बचपन में ही मौत हो गई थी। भाई ने ही उसकी परवरिश की थी। अब वह किसे राखी बांधेगी। बहन बोली अब पुलिस से दुश्मनी लेने से क्या फायदा मेरा भाई तो चला गया। (संवाद)
बहन और पत्नी को 11 बजे पुलिस ले गई, तीन बजे छोड़ा
उरई। मृतक की पत्नी अंजू व बहन उमा से जानकारी जुटाने के लिए अमर उजाला की टीम पहुंची तो परिजन दहशत में थे। परिजनों ने बताया कि सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए पुलिस मृतक की पत्नी व बहन को अपने साथ ले गई थी। इस दौरान उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस ने कई वीडियो बनवाए और उसमें यह कहा गया कि इसमें पुलिस का कोई दोष नहीं है, कहना कि भाई की बीमारी के चलते मौत हुई है। पुलिस सुबह 11 बजे से लेकर 3 बजे तक पूछताछ के लिए दोनों को अपने साथ ले गई। (संवाद)
पैर की पिड़लियों से हाथ की हथेली तक दर्जनों चोटों के निशान
उरई। डकोर थाने में पुलिस अभिरक्षा में हुई युवक की मौत के मामले में शव को जब मीडिया के कैमरों में कैद किया गया तो उसके पैर की पिड़लियों से लेकर हाथ की हथेली तक दर्जनों चोंट के निशान दिख रहे थे। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह चोट न होकर दम घुटने व हृदयगति रुकना बताया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पैर की पिड़लियों से लेकर हाथ की हथेली, कलाई और पीट पर चोटों के निशान दर्शाए गए हैं। कैमरे की निगरानी में दो डॉक्टरों के पैनल में डॉ. सुरेश चंद्रा व डॉ. अमित कुमार ने शव का पोस्टमार्टम किया है। (संवाद)