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कलह से तंग युवक यमुना में कूदा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sun, 10 Jul 2016 10:50 PM IST
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आत्महत्या
- फोटो : Getty
पारिवारिक कलह से तंग एक युवक यमुना नदी में कूद गया। उसके साथी ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हुआ। शनिवार रात हुई इस घटना के बाद कालपी पुलिस ने गोताखोराें की मदद से यमुना में जाल डलवाया लेकिन युवक का पता नहीं चला। कानपुर के कोहना थाने में तैनात एसआई सिरसाकलार निवासी मुनीम यादव का बेटा रामलखन (26) खेती किसानी करता था। उसने इसी
साल कर्ज लेकर नया ट्रैक्टर खरीदा था। ग्रामीणाें की मानें तो रामलखन ने पिता से ट्रैक्टर खरीदने के लिए रुपये मांगे थे, पर पिता ने मना कर दिया। ट्रैक्टर का कर्ज चुकाने को लेकर वह परेशान था।
शनिवार को गांव की एक बारात कानपुर देहात जा रही थी। रामलखन घरवालों से गांव के साथी विनोद के साथ बारात में जाने की बात कह कर घर से निकला। रात नौ बजे वह कालपी के यमुना पुल पर पहुंचा
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और बाइक रोक कर पिता से मोबाइल पर बात करने लगा। उसने पिता से फोन पर कहा कि अपना पैसा अपने पास रखो। वह यमुना में कूद कर जान दे रहा है। विनोद ने यह बात सुनकर रामलखन को पकड़ लिया और 10 मिनट तक उसे पकड़े रहा। इस दौरान उसे पुल से गुजर रहे एक बाइक सवार से मदद भी मांगी, लेकिनवह नहीं रुका। इस दौरान पकड़ ढीली पड़ते ही रामलखन ने यमुना में छलांग लगा दी।
बाद में विनोद ने ही पुलिस व परिजनाें को घटना की सूचना दी। कोतवाल सतेंद्र सिंह राठौर ने यमुना में जाल डलवाकर गोताखोरों के जरिए उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। कोतवाल का कहना है कि हमीरपुर पुलिस को भी मामले की जानकारी दे दी है। वहां की पुलिस ने नदी में जाल डलवाया है, लेकिन जलस्तर अधिक होने से रामलखन का पता नहीं चल रहा।
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तीन साल पहले दादा भी कूदे थे यमुना में
मुनीम यादव के घर यह पहला हादसा नहीं है। ग्रामीण बताते हैं कि रामलखन के बाबा ने भी तीन साल पहले यमुना में छलांग लगाई थी। उनका अब तक कुछ पता नहीं चला।
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साल कर्ज लेकर नया ट्रैक्टर खरीदा था। ग्रामीणाें की मानें तो रामलखन ने पिता से ट्रैक्टर खरीदने के लिए रुपये मांगे थे, पर पिता ने मना कर दिया। ट्रैक्टर का कर्ज चुकाने को लेकर वह परेशान था।
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शनिवार को गांव की एक बारात कानपुर देहात जा रही थी। रामलखन घरवालों से गांव के साथी विनोद के साथ बारात में जाने की बात कह कर घर से निकला। रात नौ बजे वह कालपी के यमुना पुल पर पहुंचा
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और बाइक रोक कर पिता से मोबाइल पर बात करने लगा। उसने पिता से फोन पर कहा कि अपना पैसा अपने पास रखो। वह यमुना में कूद कर जान दे रहा है। विनोद ने यह बात सुनकर रामलखन को पकड़ लिया और 10 मिनट तक उसे पकड़े रहा। इस दौरान उसे पुल से गुजर रहे एक बाइक सवार से मदद भी मांगी, लेकिनवह नहीं रुका। इस दौरान पकड़ ढीली पड़ते ही रामलखन ने यमुना में छलांग लगा दी।
बाद में विनोद ने ही पुलिस व परिजनाें को घटना की सूचना दी। कोतवाल सतेंद्र सिंह राठौर ने यमुना में जाल डलवाकर गोताखोरों के जरिए उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। कोतवाल का कहना है कि हमीरपुर पुलिस को भी मामले की जानकारी दे दी है। वहां की पुलिस ने नदी में जाल डलवाया है, लेकिन जलस्तर अधिक होने से रामलखन का पता नहीं चल रहा।
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तीन साल पहले दादा भी कूदे थे यमुना में
मुनीम यादव के घर यह पहला हादसा नहीं है। ग्रामीण बताते हैं कि रामलखन के बाबा ने भी तीन साल पहले यमुना में छलांग लगाई थी। उनका अब तक कुछ पता नहीं चला।