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डाक्टर मोबाइल पर मस्त, कंपाउंडर के इंजेक्शन से बच्चे की जान गई
अमर उजाल, जालौन
Updated Mon, 23 Apr 2018 11:35 PM IST
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रोती बिलखती मां। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
सीएचसी में सोमवार को मोबाइल में चैटिंग पर व्यस्त डाक्टर ने छह साल के मासूम का इलाज करने से मनाकर उसे कंपाउंडर के पास भेज दिया। कंपाउंडर के इंजेक्शन लगाने के बाद मासूम ने दम तोड़ दिया। खफा परिजनों ने सीएचसी में हंगामा कर दिया तो डाक्टर व स्टाफ ने खुद को कमरे में बंद कर पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। परिजनों ने डाक्टर और स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी है।
कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पथरेहटा के मजरा रघुराजपुर निवासी मुलिया पत्नी शालिग्रराम के छह वर्षीय बेटे संदीप की सोमवार की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत ज्यादा खराब होने पर मुलिया बेटे को लेकर अकेले ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा पहुंची। जहां पर्चा बनवाकर वह ड्यूटी पर तैनात डाक्टर के पास पहुंची। उसने डाक्टर से बच्चे को जल्द देखकर दवा देने की मिन्नत की। मगर मोबाइल में चैटिंग कर रहे डाक्टर ने बच्चे को देखने से मना कर दिया। इस पर जब मुलिया ने हाथ पैर जोड़े तो डाक्टर ने बिना देखे सीएचसी में तैनात कंपाउंडर से इंजेक्शन लगाने को कहा दिया और बाहर से जांच कराकर दवा लाने की बात कही।
कंपाउंडर ने संदीप को इंजेक्शन लगाया और मुलिया से दवाई लाने को कहा। मुलिया जब दवा लेकर सीएचसी लौटी तो संदीप की सांसें थम चुकी थीं। वह बिलखकर रोने लगी और डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाने लगी। मुलिया की सूचना पर परिजन भी सीएचसी पहुंच गए और हंगामा करने लगे। यह देखकर डाक्टर व अन्य स्टाफ ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने बताया कि डाक्टर की लापरवाही से मासूम की जान गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं परिजनों ने थाने पहुंच कर डाक्टर व सीएचसी के स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी। थानाध्यक्ष का कहना है कि तहरीर पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पथरेहटा के मजरा रघुराजपुर निवासी मुलिया पत्नी शालिग्रराम के छह वर्षीय बेटे संदीप की सोमवार की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत ज्यादा खराब होने पर मुलिया बेटे को लेकर अकेले ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा पहुंची। जहां पर्चा बनवाकर वह ड्यूटी पर तैनात डाक्टर के पास पहुंची। उसने डाक्टर से बच्चे को जल्द देखकर दवा देने की मिन्नत की। मगर मोबाइल में चैटिंग कर रहे डाक्टर ने बच्चे को देखने से मना कर दिया। इस पर जब मुलिया ने हाथ पैर जोड़े तो डाक्टर ने बिना देखे सीएचसी में तैनात कंपाउंडर से इंजेक्शन लगाने को कहा दिया और बाहर से जांच कराकर दवा लाने की बात कही।
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कंपाउंडर ने संदीप को इंजेक्शन लगाया और मुलिया से दवाई लाने को कहा। मुलिया जब दवा लेकर सीएचसी लौटी तो संदीप की सांसें थम चुकी थीं। वह बिलखकर रोने लगी और डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाने लगी। मुलिया की सूचना पर परिजन भी सीएचसी पहुंच गए और हंगामा करने लगे। यह देखकर डाक्टर व अन्य स्टाफ ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने बताया कि डाक्टर की लापरवाही से मासूम की जान गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं परिजनों ने थाने पहुंच कर डाक्टर व सीएचसी के स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी। थानाध्यक्ष का कहना है कि तहरीर पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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