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कब्जा बनाने रखने को गोशाला के लिए दान की जमीन
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कोंच (जालौन)। जमीन बेचने के बाद उस पर कब्जा बनाने रखने के लिए जमीन को गोशाला निर्माण के लिए दान देने का मामला प्रकाश में आया है। गुरुवार को पूर्व जमीन मालिक की पुत्रवधू ने गोशाला में रह रहे अपने पिता के साथ मारपीट का आरोप लगाकर जमीन मालिक के खिलाफ थाने में तहरीर दी। मामले को लेकर दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंच गए। पुलिस ने दोनों पक्षों पर शांतिभंग की कार्रवाई की है।
मामला कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम कैथी का है। गांव निवासी ठाकुरदास वर्मा ने वर्ष 2013 में तकरीबन दो एकड़ जमीन ग्राम भदारी निवासी दुर्जन सिंह को बेची थी। दुर्जन सिंह के नाम तहसील में दाखिल खारिज की कार्रवाई भी हो चुकी है और खतौनी में उसका नाम दर्ज हो गया है। इसके बावजूद ठाकुरदास की पुत्रवधू उमा पत्नी चंद्रशेखर ने उस जमीन को एक माह पूर्व कुछ लोगों को गोशाला निर्माण के लिए दे दी।
जमीन कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है। गुरुवार को उमा के पिता सीताराम पुत्र झुत्ती निवासी सरसेंड़ा हाल निवास कैंथी ने थाने में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि वह रात में गोशाला में लेटा था तभी दुर्जनसिंह अपने कई साथियों के साथ आए और मारपीट कर मोबाइल और रुपये छीन ले गए। मामले को लेकर दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंचे।
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जहां उमा ने आरोप लगाया है कि दर्जन सिंह ने उसके ससुर से धोखे से जमीन लिखा ली है। वहीं दुर्जन सिंह का आरोप है कि जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद उमा की जमीन पर नीयत खराब है। इसलिए वह कब्जा बनाने रखने के लिए जमीन पर गोशाला बनाना चाहती है। मामले पर पुलिस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई की है। कोतवाल संजय सिंह का कहना है कि मामला जमीन के विवाद का है, दोनों एक दूसरे पर दबाव बनाने के लिए फर्जी शिकायती पत्र दे रहे हैं, इसलिए शांति व्यवस्था रखने के लिए दोनों पक्षों पर कार्रवाई की गई है।
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मामला कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम कैथी का है। गांव निवासी ठाकुरदास वर्मा ने वर्ष 2013 में तकरीबन दो एकड़ जमीन ग्राम भदारी निवासी दुर्जन सिंह को बेची थी। दुर्जन सिंह के नाम तहसील में दाखिल खारिज की कार्रवाई भी हो चुकी है और खतौनी में उसका नाम दर्ज हो गया है। इसके बावजूद ठाकुरदास की पुत्रवधू उमा पत्नी चंद्रशेखर ने उस जमीन को एक माह पूर्व कुछ लोगों को गोशाला निर्माण के लिए दे दी।
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जमीन कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है। गुरुवार को उमा के पिता सीताराम पुत्र झुत्ती निवासी सरसेंड़ा हाल निवास कैंथी ने थाने में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि वह रात में गोशाला में लेटा था तभी दुर्जनसिंह अपने कई साथियों के साथ आए और मारपीट कर मोबाइल और रुपये छीन ले गए। मामले को लेकर दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंचे।
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जहां उमा ने आरोप लगाया है कि दर्जन सिंह ने उसके ससुर से धोखे से जमीन लिखा ली है। वहीं दुर्जन सिंह का आरोप है कि जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद उमा की जमीन पर नीयत खराब है। इसलिए वह कब्जा बनाने रखने के लिए जमीन पर गोशाला बनाना चाहती है। मामले पर पुलिस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई की है। कोतवाल संजय सिंह का कहना है कि मामला जमीन के विवाद का है, दोनों एक दूसरे पर दबाव बनाने के लिए फर्जी शिकायती पत्र दे रहे हैं, इसलिए शांति व्यवस्था रखने के लिए दोनों पक्षों पर कार्रवाई की गई है।