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देवर-देवरानी ने नहीं घुसने दिया पैतृक घर में
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कोंच। बाहर रहकर रोजी-रोटी कमाना एक परिवार को भारी पड़ गया।
दीपावली का त्योहार मनाने अपने घर आए इस परिवार को उसके परिजनों ने घर में नहीं घुसने दिया। पैतृक घर से जबरन बाहर निकाल दिया।
इसकी शिकायत महिला ने पुलिस से की।
कोतवाली क्षेत्र के गांव चंदुर्रा निवासी वर्षा पत्नी रमाशंकर ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि वह काम धंधे और बच्चों की पढ़ाई के लिए पति समेत झांसी में रहती हैं।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे दीपावली के मद्देनजर बच्चों के साथ गांव में स्थित पैतृक घर पर पहुंची।
हमें देख देवर और देवरानी ने गालीगलौज शुरू कर दी और धक्का मारकर उसे, उसके पति और बच्चों को भगा दिया।
देवर ने घर में ताला भी डाल दिया। वर्षा ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
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दीपावली का त्योहार मनाने अपने घर आए इस परिवार को उसके परिजनों ने घर में नहीं घुसने दिया। पैतृक घर से जबरन बाहर निकाल दिया।
इसकी शिकायत महिला ने पुलिस से की।
कोतवाली क्षेत्र के गांव चंदुर्रा निवासी वर्षा पत्नी रमाशंकर ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि वह काम धंधे और बच्चों की पढ़ाई के लिए पति समेत झांसी में रहती हैं।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे दीपावली के मद्देनजर बच्चों के साथ गांव में स्थित पैतृक घर पर पहुंची।
हमें देख देवर और देवरानी ने गालीगलौज शुरू कर दी और धक्का मारकर उसे, उसके पति और बच्चों को भगा दिया।
देवर ने घर में ताला भी डाल दिया। वर्षा ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।