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बगिया वाली मस्जिद में मिले 14 जमाती, क्वारंटीन
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कालपी, कदौरा। दिल्ली निजामुद्दीन की मरकज में शामिल होने वाले 14 लोगों के ग्राम बगिया वाली मस्जिद में रुके होने की सूचना से हड़कंप मच गया। आनन फानन में प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और सभी को बाहर निकालकर मस्जिद को सैनेटाइज कराया गया। इसके बाद उन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उन्हें मस्जिद में ही क्वारंटीन कर दिया।
एसडीएम कौशल कुमार का कहना है कि सभी दिल्ली से ही लौटे हैं लेकिन उनका निजामुद्दीन मरकज से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं है। फिर भी सभी को क्वारंटीन किया गया है।
शुक्रवार की दोपहर प्रशासन को सूचना मिली कि क्षेत्र के गुलौली गांव के मजरा बगिया की मस्जिद में कुछ बाहरी लोग रुके हुए हैं, जो मुस्लिम धर्म गुरु हैं और उनके तार निजामुद्दीन मरकज से भी जुड़े हो सकते हैं। सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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आनन फानन में एसडीएम कौशल कुमार, सीओ राहुल पांडे प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग टीम मौके पर पहुंची। सभी को मस्जिद से बाहर निकालकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद मस्जिद को सैनेटाइज किया गया और फिर उन्हें मस्जिद में अलग-अलग कमरों में क्वारंटीन किया गया। एसडीएम का कहना है कि इनमें से कोई भी निजामुद्दीन मरकज में शामिल नहीं था। फिलहाल किसी में बीमारी के कोई लक्षण भी नहीं मिले हैं।
एसडीएम ने बताया कि ये सभी बीती 2 मार्च को दिल्ली से चले थे। इसके बाद झांसी में कुछ दिन रुके फिर जनपद के एट और उरई शहर में रुकते हुए बीती 25 मार्च को कालपी पहुंचे थे। सभी आगे कानपुर की ओर जाने वाले थे लेकिन उसी वक्त लॉकडाउन होने से उन्हें गुलौली की बगिया वाली मस्जिद में ही आश्रय लेना पड़ा।
गुलौली गांव में इनके जमाती होने की सूचना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। हलांकि मस्जिद में नमाज पर लगी रोक के कारण कोई इनके संपर्क में नहीं थी, फिर भी बीमारी का भय लोगों को सता रहा है। इस पर प्रशासन ने शुक्रवार को ही गांव में दवाओं का छिड़काव कराया। एसडीएम का कहना है कि पूरी निगरानी की जा रही है, यदि किसी में भी बीमारी के लक्षण दिखे तो उसे तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
गुलौली के 14 जमाती मिलाकर जिले में इनकी कुल संख्या 29 हो गई है। इससे पहले जालौन में 11 जमाती मिले थे, जिन्हें भी मस्जिद में क्वारंटीन किया जा रहा है। इसी तरह कोंच के 3 और माधौगढ़ के एक जमाती को मेडिकल कालेज में रखकर क्वारंटीन कराया जा रहा है। इनमें से कोई निजामुद्दीन मरकज में बीमारी फैलने के वक्त शामिल नहीं था। अबी तक किसी की मेडिकल रिप ोर्ट भी नहीं आई है।
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एसडीएम कौशल कुमार का कहना है कि सभी दिल्ली से ही लौटे हैं लेकिन उनका निजामुद्दीन मरकज से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं है। फिर भी सभी को क्वारंटीन किया गया है।
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शुक्रवार की दोपहर प्रशासन को सूचना मिली कि क्षेत्र के गुलौली गांव के मजरा बगिया की मस्जिद में कुछ बाहरी लोग रुके हुए हैं, जो मुस्लिम धर्म गुरु हैं और उनके तार निजामुद्दीन मरकज से भी जुड़े हो सकते हैं। सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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आनन फानन में एसडीएम कौशल कुमार, सीओ राहुल पांडे प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग टीम मौके पर पहुंची। सभी को मस्जिद से बाहर निकालकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद मस्जिद को सैनेटाइज किया गया और फिर उन्हें मस्जिद में अलग-अलग कमरों में क्वारंटीन किया गया। एसडीएम का कहना है कि इनमें से कोई भी निजामुद्दीन मरकज में शामिल नहीं था। फिलहाल किसी में बीमारी के कोई लक्षण भी नहीं मिले हैं।
एसडीएम ने बताया कि ये सभी बीती 2 मार्च को दिल्ली से चले थे। इसके बाद झांसी में कुछ दिन रुके फिर जनपद के एट और उरई शहर में रुकते हुए बीती 25 मार्च को कालपी पहुंचे थे। सभी आगे कानपुर की ओर जाने वाले थे लेकिन उसी वक्त लॉकडाउन होने से उन्हें गुलौली की बगिया वाली मस्जिद में ही आश्रय लेना पड़ा।
गुलौली गांव में इनके जमाती होने की सूचना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। हलांकि मस्जिद में नमाज पर लगी रोक के कारण कोई इनके संपर्क में नहीं थी, फिर भी बीमारी का भय लोगों को सता रहा है। इस पर प्रशासन ने शुक्रवार को ही गांव में दवाओं का छिड़काव कराया। एसडीएम का कहना है कि पूरी निगरानी की जा रही है, यदि किसी में भी बीमारी के लक्षण दिखे तो उसे तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
गुलौली के 14 जमाती मिलाकर जिले में इनकी कुल संख्या 29 हो गई है। इससे पहले जालौन में 11 जमाती मिले थे, जिन्हें भी मस्जिद में क्वारंटीन किया जा रहा है। इसी तरह कोंच के 3 और माधौगढ़ के एक जमाती को मेडिकल कालेज में रखकर क्वारंटीन कराया जा रहा है। इनमें से कोई निजामुद्दीन मरकज में बीमारी फैलने के वक्त शामिल नहीं था। अबी तक किसी की मेडिकल रिप ोर्ट भी नहीं आई है।