फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Changing business is a compulsion even if circumstances change

बदले हालात तो काम धंधा बदलना भी हुई मजबूरी

Sun, 19 Apr 2020 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2020 12:09 AM IST
विज्ञापन
Changing business is a compulsion even if circumstances change
मुहम्मदाबाद में रेडीमेड कपड़े बेचने वाला आरिफ सब्जी बेचता - फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। लॉकडाउन के दिनों ने लोगों की न सिर्फ अपनी दिनचर्या ही बदल दी है बल्कि बदलते हालात में कुछ लोगों ने अपने व्यवसाय तक बदल डाले हैं। ऐसे लोगों का कहना है कि मरता क्या न करता, पेट पालना है तो कब तक घर पर हाथ पर हाथ धरे बैठा जा सकता है। स्थिति यह है कि कोई फुटपाथ पर कपड़े की दुकान करता था तो अब घर के दरवाजे पर ही सब्जी और ब्रेड बेच रहा है तो चाट, पानी पूरी और चाऊमीन बेचने वाले दुकानदार भी अब सब्जी बेचते नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन

रामपुरा संवाद के अनुसार, रामपुरा कस्बे के राजेंद्र नगर निवासी धर्मेंद्र बताते हैं कि लॉकडाउन के पहले तक चाट, पानी पूरी और चाऊमीन आदि बेचते थे। रोजाना के तीन चार सौ रुपये की कमाई भी हो जाती थी। जबसे लॉकडाउन हुआ तो ठेला घर पर ही खड़ा करना पड़ा। परिवार में तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, रोज कोई राशन भी देने वाला नहीं है। लिहाजा ठेले की दोबारा से साफ सफाई कर उसमें सब्जी रखकर बेचने लगे हैं। दूसरी गलियों में भी फेरी लगा लेते हैं, दो ढाई सौ रुपये तो मिलने भी लगे हैं।
विज्ञापन

मुहम्मदाबाद संवाद के मुताबिक, मुहम्मदाबाद निवासी आरिफ ने बताया कि लॉकडाउन के पहले तक पिता रहमतउल्ला के साथ मिलकर उरई के राजमार्ग स्थित बाजार में छोटी सी कपड़े की दुकान चलाते थे। लॉकडाउन ने सब कुछ बंद करा दिया। अब जीवनयापन के लिए गांव में घर के बाहर ही सब्जी की दुकान कर ली है। कुछ न कुछ हाथ आ ही जाता है। इस दुकान पर भी पिता पुत्र दोनों बारी बारी से बैठ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिरसाकलार संवाद के अनुसार, यही हाल सिरसाकलार स्थित दमरास गांव के घनश्याम का भी है। जो पहले चाय पकौड़े की दुकान किए था। ग्राहक बिना बुलाए ही चाय नाश्ते के लिए दुकान आया करते थे, अब सब्जी बेच रहे हैं और चिल्ला-चिल्ला कर ग्राहकों को बुला रहे हैं। घनश्याम के मुताबिक आखिर घर पर रखी बचत से कब तक काम चल सकता था, पेट पालने के लिए कुछ तो करना ही था।

रामपुरा में पानी पूड़ी बेचने वाला दुकानदार सब्जी बेचता हुआ

रामपुरा में पानी पूड़ी बेचने वाला दुकानदार सब्जी बेचता हुआ- फोटो : ORAI

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed