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सावधान : यूं न छोड़कर जाएं सूना घर
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उरई। रजाई और कंबल में खुद को सर्द रात से सुरक्षित कर रहे लोगों की गहरी नींद के कारण घर का कीमती सामान असुरक्षित हो जाता है।
चोर सर्द रात में ऐसे मौकों को ढूंढते हैं। हालांकि पहला टारगेट सूने मकान होते हैं। चोरों की गैंग खामोशी के साथ चोरी की वारदात को अंजाम देती है।
ऐसी वारदातों को लेकर जरा सावधान हो जाइए। पुलिस विभाग के एक निरीक्षक ने बताया कि चोरों के लिए सर्द रातों में चोरी आसान होती है। सूना घर या फिर ठंड में रजाई, कंबल ओढ़कर गहरी नींद और सर्दी में चारपाई, बेड से उतरने में आलस, चोरों को बहुत भाता है। ये चोर अपनी गैंग में कम से कम एक ऐसा साथी शामिल करते हैं, जो ताले को बिना आवाज के खोलने में एक्सपर्ट होता है।
यो लोग कई चाबियां भी रखते हैं। उससे पहले वे घरों में रेकी कराकर वहां किसी पालतू जानवर के न होने और किसी के सक्रिय न रहने की पुष्टि कर लेते हैं। कीमती सामान कहां रखा हो सकता है, यह सब पहले ही जान लेते हैं। रेकी में जरूरी प्वाइंट, घर के लोगों सक्रियता और पालतू जानवरों की मौजूदगी को लेकर होता है। उसके बाद वे एक व उससे अधिक घरों को टारगेट भी बनाते हैं।
11 दिसंबर को रामपुरा थाना क्षेत्र के बघावली गांव निवासी महेंद्र कुशवाहा के घर पर 10 दिसंबर को चोरों ने बाइक, समेत दो लाख रुपये का सामान चोरी किया था। उस वक्त वे परिवार संग छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में थे।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जालौन रोड निवासी शिवम अपने पैतृक गांव माधौगढ़ से 19 दिसंबर को लौटे तो घर का ताला टूटा था। अलमारी से करीब साढ़े चार लाख रुपये और करीब पांच लाख रुपये के जेवरात गायब थे।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लहारियापुरवा निवासी सत्यप्रकाश तिवारी के घर पर 17 दिसंबर को चोरी हुई थी। अपने पैतृक गांव सिरसाकलार थाना क्षेत्र के हथना गांव में थे। करीब 75 हजार रुपये की नकदी समेत करीब आठ लाख रुपये का सामान चोरी हुआ था।
कुठौंद थाना व कस्बा निवासी नाथूराम अपनी रिश्तेदारी में त्रयोदशी भोज में शामिल होने गया था। पत्नी जानकी घर में थी। अलमारी में रखे करीब 80 हजार रुपये व सोने चांदी के आभूषण चोरी किए और जागने पर जानकी को पिटाई कर बेहोश कर दिया।
माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के चितौरा गांव स्थित गोशाला के पीछे बने इमली माता मंदिर में एक जनवरी की रात 17 घंटे चोरी हुए। सुबह पूजन -अर्चन के लिए मंदिर पहुंचे भक्तगण अवधेश कुमार, मुकेश, वीरू को घंटा नजर न आने पर पुलिस को सूचना दी।
एएसपी असीम चौधरी ने बताया कि चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए जिले में रात को अलग से पुलिस की टीमें गश्त पर लगाई गईं हैं। सायरन के साथ वे गश्त करती हैं। कहीं भी कोई ऐसी घटना की आहट हो, फौरन पुलिस को सूचना दें और मदद लें।
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चोर सर्द रात में ऐसे मौकों को ढूंढते हैं। हालांकि पहला टारगेट सूने मकान होते हैं। चोरों की गैंग खामोशी के साथ चोरी की वारदात को अंजाम देती है।
ऐसी वारदातों को लेकर जरा सावधान हो जाइए। पुलिस विभाग के एक निरीक्षक ने बताया कि चोरों के लिए सर्द रातों में चोरी आसान होती है। सूना घर या फिर ठंड में रजाई, कंबल ओढ़कर गहरी नींद और सर्दी में चारपाई, बेड से उतरने में आलस, चोरों को बहुत भाता है। ये चोर अपनी गैंग में कम से कम एक ऐसा साथी शामिल करते हैं, जो ताले को बिना आवाज के खोलने में एक्सपर्ट होता है।
यो लोग कई चाबियां भी रखते हैं। उससे पहले वे घरों में रेकी कराकर वहां किसी पालतू जानवर के न होने और किसी के सक्रिय न रहने की पुष्टि कर लेते हैं। कीमती सामान कहां रखा हो सकता है, यह सब पहले ही जान लेते हैं। रेकी में जरूरी प्वाइंट, घर के लोगों सक्रियता और पालतू जानवरों की मौजूदगी को लेकर होता है। उसके बाद वे एक व उससे अधिक घरों को टारगेट भी बनाते हैं।
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11 दिसंबर को रामपुरा थाना क्षेत्र के बघावली गांव निवासी महेंद्र कुशवाहा के घर पर 10 दिसंबर को चोरों ने बाइक, समेत दो लाख रुपये का सामान चोरी किया था। उस वक्त वे परिवार संग छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में थे।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जालौन रोड निवासी शिवम अपने पैतृक गांव माधौगढ़ से 19 दिसंबर को लौटे तो घर का ताला टूटा था। अलमारी से करीब साढ़े चार लाख रुपये और करीब पांच लाख रुपये के जेवरात गायब थे।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लहारियापुरवा निवासी सत्यप्रकाश तिवारी के घर पर 17 दिसंबर को चोरी हुई थी। अपने पैतृक गांव सिरसाकलार थाना क्षेत्र के हथना गांव में थे। करीब 75 हजार रुपये की नकदी समेत करीब आठ लाख रुपये का सामान चोरी हुआ था।
कुठौंद थाना व कस्बा निवासी नाथूराम अपनी रिश्तेदारी में त्रयोदशी भोज में शामिल होने गया था। पत्नी जानकी घर में थी। अलमारी में रखे करीब 80 हजार रुपये व सोने चांदी के आभूषण चोरी किए और जागने पर जानकी को पिटाई कर बेहोश कर दिया।
माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के चितौरा गांव स्थित गोशाला के पीछे बने इमली माता मंदिर में एक जनवरी की रात 17 घंटे चोरी हुए। सुबह पूजन -अर्चन के लिए मंदिर पहुंचे भक्तगण अवधेश कुमार, मुकेश, वीरू को घंटा नजर न आने पर पुलिस को सूचना दी।
एएसपी असीम चौधरी ने बताया कि चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए जिले में रात को अलग से पुलिस की टीमें गश्त पर लगाई गईं हैं। सायरन के साथ वे गश्त करती हैं। कहीं भी कोई ऐसी घटना की आहट हो, फौरन पुलिस को सूचना दें और मदद लें।