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हादसे हुए तो हेलमेट ने बचा ली जान

Sun, 06 Dec 2015 11:04 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई Updated Sun, 06 Dec 2015 11:04 PM IST
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By accident the helmet saved his life
भले ही जिले में हेलमेट लगाकर बाइक चलाने को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी हो, पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें यह पता है कि हेलमेट का क्या महत्व है और किस तरह हेलमेट ने उनकी जान भी बचाई है। ये लोग अब हमेशा हेलमेट
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लगाकर निकलते हैं और दूसरों को भी हेलमेट लगाने के लिए जागरूक करते हैं। कई लोग ऐसे हैं जो एक बार हादसे का शिकार होने के बाद अब हेलमेट लगाए वाहन चलाते ही नहीं। पेश है हेलमेट के प्रति जागरूकता पैदा करने वाले इन जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों से एक बातचीत।
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दूसरों को भी कर रहे जागरूक
शहर के मोहल्ला रामनगर निवासी मनीष राज क ा कहना है कि वह कभी भी बिना हेलमेट लगाए घर से बाहर नहीं निकलते। वे हेलमेट का महत्व समझते हैं। एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में वे लोगों में हेलमेट के प्रति जागरूकता लाने
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को अपना नैतिक कर्तव्य मानते हैं। यही नहीं, अपने साथियों को भी हेलमेट लगाकर बाइक चलाने के लिए हमेशा प्रेरित करते हैं। उनकी इस प्रेरणा से कई साथियों ने हेलमेट लगाकर बाइक चलाना शुरू कर दिया है। कई वर्षों से मनीष राज यह जागरूकता फैला रहे हैं और इसमें उन्हें काफी सफलता भी मिली है।

हादसे का शिकार होते-होते बचे
कोंच निवासी अधिवक्ता विकास श्रीवास्तव एक वर्ष पूर्व कोंच से उरई आते वक्त हादसे का शिकार होते-होते बचे थे। तब उन्होंने हेलमेट लगा रखा था और इसी ने उनकी जान बचाई थी। तबसे उन्होंने रेग्युलर हेलमेट पहनना शुरू कर दिया। अब

वह जब भी घर से बाहर निकलते हैं, हेलमेट जरूर लगाते हैं। उनका कहना है कि एक व्यक्ति से उसका परिवार और कई लोगों की भावनाएं जुड़ी होती हैं। इसलिए अपने जीवन का महत्व समझते हुए हेलमेट लगाना बहुत ही जरूरी है। इससे खुद में एक जिम्मेदार नागरिक होने का एहसास होता है, साथ ही यह देखकर दूसरे लोगों को भी प्रेरणा मिलती है।

हादसे के बाद लगाने लगे हेलमेट
शहर के मोहल्ला नया पटेल नगर निवासी विवेक श्रीवास्तव दो वर्ष पूर्व एक बड़े सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। हादसे के वक्त उन्होंने हेलमेट पहन रखा था। यह हेलमेट ही था जिसकी वजह से उनकी जान बच गई। अब वह रेग्युलर हेलमेट का इस्तेमाल करते हैं। उनका कहना है कि हेलमेट लगाने से दुर्घटना के वक्त सर बचा रहता है। ऐसे में जान को कोई खतरा नहीं रहता। वे अक्सर लोगों से कहते हैं, हेलमेट लगाओ दुर्घटनाओं से दूरी बनाओ।  

आईएसआई मार्का हेलमेट ही लगाएं
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में मिलने वाले आम हेलमेट की बजाए हमेशा आईएसआई मार्का हेलमेट ही खरीदना चाहिए। बाजार में साधारण हेलमेट की कीमत 100 रुपये से दो सौ रुपये तक है लेकिन इनके पहने से कोई फायदा नहीं। दुर्घटना के

वक्त ये ज्यादा बचाव भी नहीं कर पाते। वहीं आईएसआई के ओरिजनल मार्का वाले हेलमेट बाजार में साढ़े तीन सौ से दो हजार रुपये तक में उपलब्ध हैं। ये काफी अच्छे होते हैं और दुर्घटना के समय पूरा बचाव करते हैं। ऐसे में आईएसआई मार्का हेलमेट को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


पुलिस चलाएगी बड़ा अभियान
एसपी एन कोलांचि ने कहा कि पुलिस जल्द ही एक बड़ा अभियान चलाएगी जिसमें न केवल बाइक चलाने के दौरान हेलमेट न पहनने वालों को जागरूक किया जाएगा बल्कि ऐसे लोगों का लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार शहरी होने के नाते यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम हेलमेट पहनकर ही बाइक चलाएं और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
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