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65 फिट ऊंचा होगा लंकेश का पुतला, निकलेगी यात्रा
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लंकेश का पुतला तैयार करते मुस्लिम करीगर।
- फोटो : ORAI
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उरई। बुराई पर अच्छाई की जीत पर मनाया जाने वाला दशहरा शुक्रवार को है। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। हर बार की तरह इस बार भी अब्दुल गफूर ने बेटे राशिद व भतीजे रहमत के साथ मिलकर रावण का पुतला तैयार किया है। इस बार पुतले की ऊंचाई करीब 65 फिट की है। पुतले को देर रात गल्ला मंडी में खड़ा कर दिया जाएगा। गल्ला व्यापार के अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी ने बताया कि शुक्रवार की शाम 5 से 6 बजे के बीच पुतले का दहन मंडी में किया जाएगा।
बता दें कि हर साल की तरह इस बार भी दशहरे पर पुतले का दहन मंडी में किया जाएगा। प्रदीप ने बताया कि राठ रोड स्थित रामलीला मैदान से भगवान राम और लक्ष्मण की शोभायात्रा निकाली जाएगी। जो रीब 500 मीटर की दूरी तय करके मंडी पहुंचेगी। इस बार लंकेश के पुतले पर करीब एक से डेढ़ लाख रुपये का खर्च आया है। वहीं टीआई लाखन सिंह का कहना है कि यात्रा और पुतला दहन के वक्त किसी भी तरह का यातायात बाधित न हो। इसके लिए रूट पर भारी वाहनों का आवागमन रात 8 बजे तक प्रतिबंधित रखा जाएगा। यात्रा के साथ भी पुलिस और ट्रैफिक के सिपाही रहेंगे।
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फोटो-19-बल्दाऊ धर्मशाला में रावण मेघनाद के पुतले बनाते कारीगर। संवाद
मुस्लिम समुदाय बनाता है रावण, मेघनाद के पुतले
कोंच। रामलीला के दूसरे और तीसरे मैदानी आयामों में मारीच, जटायु रावण और मेघनाद के पुतलों की जरूरत पड़ती है। इन पुतलों का निर्माण मुस्लिम समुदाय के कारीगरों द्वारा किया जाता है। इनके निर्माण की मजदूरी का मूल्य रामलीला कमेटी को चुकाना पड़ता है। तीन दशक पहले तक इन पुतलों का निर्माण सल्ले वहीद आदि कारीगर करते थे। इसके बाद से वहीद और उनकी टीम के वसीम मकरानी, मुकीम अहमद, नसीम अहमद, अनस, रेहान आदि करने लगे हैं। वहीद बताते हैं कि वह ताजियों का निर्माण भी करते हैं। अपनी इस कला को वह अपने बेटों को विरासत के रूप में देना चाहते हैं ताकि पुतला निर्माण की कला को आगे बढ़ाया जा सके।
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फोटो-20 .मेला ग्राउंड का जायजा लेते रामलीला कमेटी और पालिका के लोग
कोंच में कल होगा रावण का वध
कोंच। विजयदशमी का पर्व समूचे देश में 15 अक्तूबर शुक्रवार को होगा जिसमें रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। कोंच में दशहरा का मेला रामलीला के हिसाब से होता है जो 16 अक्तूबर को धनुताल के मैदान में होगा। कोंच रामलीला का यह तीसरा और अंतिम मैदानी आयाम है जिसमें राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध का सजीव चित्रण किया जाएगा। रावण, मेघनाद के पुतलों को पहियों वाली गाड़ियों पर मैदान में दौड़ाया जाएगा और युद्ध को सजीवता प्रदान की जाएगी। धर्मादा रक्षिणी सभा के अध्यक्ष गंगाचरण बाजपेई, मंत्री मिथलेश गुप्ता आदि की देखरेख में मेला ग्राउंड को पालिका दुरुस्त करने में लगी है। सीनरी विभाग के संतोष तिवारी, रामसहाय, पवन आदि लंका को सजाने और नंदीग्राम के निर्माण में जुटे हैं।
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मेले के चलते यातायात व्यवस्था में बदलाव
कोंच। दशहरा मेले के मद्देनजर यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है। सीओ राहुल पांडे व कोतवाल बलिराज शाही ने बताया कि मेला ग्राउंड की ओर जाने वाले रास्तों को बैरीकेडिंग करके बड़े वाहनों की आवाजाही को रोका जाएगा। बाइक जैसे हल्के वाहनों को भी मलंगा पुल से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।
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फोटो-16-बाण लगने से पृथ्वी पर पड़े बालि को ज्ञान देते राम। संवाद
बालि-सुग्रीव का युद्ध हुआ रोमांचकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोंच। कोंच की ऐतिहासिक रामलीला के जारी 169वें महोत्सव में बुधवार की रात बालि वध लीला का मंचन किया गया। जिसमें प्रभु राम का शबरी को दर्शन देना, राम-सुग्रीव मैत्री आदि प्रसंग दर्शाए गए।
पवन अग्रवाल द्वारा भगवान गजानन की आरती और रंगकर्मियों द्वारा कोरस गीत से प्रारंभ हुई लीला में माता सीता की खोज करते हुए भीलनी शबरी की कुटिया में राम और लक्ष्मण पहुंचते हैं। जहां शबरी जूठे बेरों से उनका स्वागत करती है। शबरी को राम नवधा भक्ति का ज्ञान देते हैं। शबरी के बताए अनुसार राम की हनुमान से भेंट होती है। और हनुमान अग्नि को साक्षी करके सुग्रीव से उनकी मैत्री कराते हैं। राम के कहने पर सुग्रीव बालि को युद्ध के लिए ललकारता है। बालि युद्ध में सुग्रीव को परास्त कर दिया। तब राम विजयमाल उसके कंठ में डालकर पुन: युद्ध के लिए भेजते हैं और पेड़ की ओट से बालि पर बाण चलाकर उसे अपने धाम भेज देते हैं। इससे पूर्व बालि और सुग्रीव के बीच हुए संवादों का दर्शकों ने आनंद उठाया। बालि की भूमिका रुचिर रस्तोगी, सुग्रीव ध्रुव सोनी, हनुमान अभिषेक रिछारिया, शबरी प्रमोद सोनी, तारा दुर्गेश शुक्ला, कबंध जवाहर अग्रवाल आदि ने निभाए। अभिनय विभाग के अध्यक्ष रमेश तिवारी, मंत्री डॉ मृदुल दांतरे, नीरज दुबे, राम चौरसिया आदि मंचन में सहयोग कर रहे थे। रामलीला समिति के उपमंत्री संजय सोनी ने बताया कि शुक्रवार की रात आठ बजे से रामलीला रंगमंच पर अंगद रावण संवाद लीला का मंचन किया जाएगा।
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बता दें कि हर साल की तरह इस बार भी दशहरे पर पुतले का दहन मंडी में किया जाएगा। प्रदीप ने बताया कि राठ रोड स्थित रामलीला मैदान से भगवान राम और लक्ष्मण की शोभायात्रा निकाली जाएगी। जो रीब 500 मीटर की दूरी तय करके मंडी पहुंचेगी। इस बार लंकेश के पुतले पर करीब एक से डेढ़ लाख रुपये का खर्च आया है। वहीं टीआई लाखन सिंह का कहना है कि यात्रा और पुतला दहन के वक्त किसी भी तरह का यातायात बाधित न हो। इसके लिए रूट पर भारी वाहनों का आवागमन रात 8 बजे तक प्रतिबंधित रखा जाएगा। यात्रा के साथ भी पुलिस और ट्रैफिक के सिपाही रहेंगे।
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फोटो-19-बल्दाऊ धर्मशाला में रावण मेघनाद के पुतले बनाते कारीगर। संवाद
मुस्लिम समुदाय बनाता है रावण, मेघनाद के पुतले
कोंच। रामलीला के दूसरे और तीसरे मैदानी आयामों में मारीच, जटायु रावण और मेघनाद के पुतलों की जरूरत पड़ती है। इन पुतलों का निर्माण मुस्लिम समुदाय के कारीगरों द्वारा किया जाता है। इनके निर्माण की मजदूरी का मूल्य रामलीला कमेटी को चुकाना पड़ता है। तीन दशक पहले तक इन पुतलों का निर्माण सल्ले वहीद आदि कारीगर करते थे। इसके बाद से वहीद और उनकी टीम के वसीम मकरानी, मुकीम अहमद, नसीम अहमद, अनस, रेहान आदि करने लगे हैं। वहीद बताते हैं कि वह ताजियों का निर्माण भी करते हैं। अपनी इस कला को वह अपने बेटों को विरासत के रूप में देना चाहते हैं ताकि पुतला निर्माण की कला को आगे बढ़ाया जा सके।
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फोटो-20 .मेला ग्राउंड का जायजा लेते रामलीला कमेटी और पालिका के लोग
कोंच में कल होगा रावण का वध
कोंच। विजयदशमी का पर्व समूचे देश में 15 अक्तूबर शुक्रवार को होगा जिसमें रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। कोंच में दशहरा का मेला रामलीला के हिसाब से होता है जो 16 अक्तूबर को धनुताल के मैदान में होगा। कोंच रामलीला का यह तीसरा और अंतिम मैदानी आयाम है जिसमें राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध का सजीव चित्रण किया जाएगा। रावण, मेघनाद के पुतलों को पहियों वाली गाड़ियों पर मैदान में दौड़ाया जाएगा और युद्ध को सजीवता प्रदान की जाएगी। धर्मादा रक्षिणी सभा के अध्यक्ष गंगाचरण बाजपेई, मंत्री मिथलेश गुप्ता आदि की देखरेख में मेला ग्राउंड को पालिका दुरुस्त करने में लगी है। सीनरी विभाग के संतोष तिवारी, रामसहाय, पवन आदि लंका को सजाने और नंदीग्राम के निर्माण में जुटे हैं।
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मेले के चलते यातायात व्यवस्था में बदलाव
कोंच। दशहरा मेले के मद्देनजर यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है। सीओ राहुल पांडे व कोतवाल बलिराज शाही ने बताया कि मेला ग्राउंड की ओर जाने वाले रास्तों को बैरीकेडिंग करके बड़े वाहनों की आवाजाही को रोका जाएगा। बाइक जैसे हल्के वाहनों को भी मलंगा पुल से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।
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फोटो-16-बाण लगने से पृथ्वी पर पड़े बालि को ज्ञान देते राम। संवाद
बालि-सुग्रीव का युद्ध हुआ रोमांचकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोंच। कोंच की ऐतिहासिक रामलीला के जारी 169वें महोत्सव में बुधवार की रात बालि वध लीला का मंचन किया गया। जिसमें प्रभु राम का शबरी को दर्शन देना, राम-सुग्रीव मैत्री आदि प्रसंग दर्शाए गए।
पवन अग्रवाल द्वारा भगवान गजानन की आरती और रंगकर्मियों द्वारा कोरस गीत से प्रारंभ हुई लीला में माता सीता की खोज करते हुए भीलनी शबरी की कुटिया में राम और लक्ष्मण पहुंचते हैं। जहां शबरी जूठे बेरों से उनका स्वागत करती है। शबरी को राम नवधा भक्ति का ज्ञान देते हैं। शबरी के बताए अनुसार राम की हनुमान से भेंट होती है। और हनुमान अग्नि को साक्षी करके सुग्रीव से उनकी मैत्री कराते हैं। राम के कहने पर सुग्रीव बालि को युद्ध के लिए ललकारता है। बालि युद्ध में सुग्रीव को परास्त कर दिया। तब राम विजयमाल उसके कंठ में डालकर पुन: युद्ध के लिए भेजते हैं और पेड़ की ओट से बालि पर बाण चलाकर उसे अपने धाम भेज देते हैं। इससे पूर्व बालि और सुग्रीव के बीच हुए संवादों का दर्शकों ने आनंद उठाया। बालि की भूमिका रुचिर रस्तोगी, सुग्रीव ध्रुव सोनी, हनुमान अभिषेक रिछारिया, शबरी प्रमोद सोनी, तारा दुर्गेश शुक्ला, कबंध जवाहर अग्रवाल आदि ने निभाए। अभिनय विभाग के अध्यक्ष रमेश तिवारी, मंत्री डॉ मृदुल दांतरे, नीरज दुबे, राम चौरसिया आदि मंचन में सहयोग कर रहे थे। रामलीला समिति के उपमंत्री संजय सोनी ने बताया कि शुक्रवार की रात आठ बजे से रामलीला रंगमंच पर अंगद रावण संवाद लीला का मंचन किया जाएगा।