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रायबरेली की घटना से ब्राह्मणों में आक्रोश
अमर उजाला जालौन
Updated Tue, 11 Jul 2017 12:11 AM IST
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सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने जाते संगठन के पदाधिकारी।
- फोटो : amarujala
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उरई। रायबरेली के अप्टा गांव में रोहित शुक्ला सहित पांच ब्राह्मणों की नृशंस हत्या से ब्राह्मण समाज के लोगों में आक्रोश है। ब्राह्मण समाज के लोगों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें पीड़ित परिवार के लोगों को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय सचिव विशंभर नारायण तिवारी, राजेंद्र तिवारी इकहरा, सचिन दीक्षित सरसई, जवाहर स्वामी, शिवम दुबे, राज शुक्ला, राजा दुबे, शिवम पाठक, सौरभ दीक्षित और वीरेंद्र तिवारी साहित दर्जनाें कार्यकर्ता सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि रायबरेली की घटना ने यह साबित कर दिया कि प्रदेश में जंगलराज कायम है। गुंडे माफियाओं को अपराध करने की खुली छूट है। एक जाति विशेष के पांच लोगों की नृशंस हत्या कर दी जाती है और प्रदेश के मुखिया प्रदेश में कानून व्यवस्था की बात करते हैं। मांग की है कि पीड़ित परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और घटना की जांच सीबीआई से कराई जाए। इसके अलावा श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के दिए गए बेतुके बयान को लेकर उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए।
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अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय सचिव विशंभर नारायण तिवारी, राजेंद्र तिवारी इकहरा, सचिन दीक्षित सरसई, जवाहर स्वामी, शिवम दुबे, राज शुक्ला, राजा दुबे, शिवम पाठक, सौरभ दीक्षित और वीरेंद्र तिवारी साहित दर्जनाें कार्यकर्ता सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि रायबरेली की घटना ने यह साबित कर दिया कि प्रदेश में जंगलराज कायम है। गुंडे माफियाओं को अपराध करने की खुली छूट है। एक जाति विशेष के पांच लोगों की नृशंस हत्या कर दी जाती है और प्रदेश के मुखिया प्रदेश में कानून व्यवस्था की बात करते हैं। मांग की है कि पीड़ित परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और घटना की जांच सीबीआई से कराई जाए। इसके अलावा श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के दिए गए बेतुके बयान को लेकर उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए।
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