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भूमि, बीज का करें शोधन, रसायन भी छिड़कें

Wed, 14 Oct 2020 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2020 11:48 PM IST
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bhoomi, beej ka karen shodhan, rasaayan bhee chhidaken
उरई(जालौन)। रबी की फसलों को कीटों के प्रकोप से बचाने के लिए बुआई से पहले कृषि विभाग ने गाइड लाइन जारी की है। कृषि उपनिदेशक आरके तिवारी ने बताया कि किसान बुआई के पहले मिट्टी और बीज की जांच करा लें। इससे कि फसलों को कीटों के प्रकोप और बीमारी से बचाया जा सके।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि रबी सीजन में गेहूं, चना, मटर, मसूर, राई और सरसों की बुआई शुरू होने वाली है, फसल को कीटों से बचाने के लिए बुआई से पहले बीज और भूमि शोधन अवश्य करें। ट्राइकोडर्मा 4.5 ग्राम प्रति किलो बीज या कार्वेन्डाजिम 2.25 ग्राम मात्रा प्रति किलोग्राम अथवा थीरम 250.30 ग्राम प्रति किलो की दर से बीजों को उपचारित करें। भूमि शोधन के लिए 2.50 किलो ग्राम ब्यूवेरिया वैसियाना को 65 किलोग्राम गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर, 2.50 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा को 65 किलोग्राम गोबर की सड़ी हुई खाद में मिलाकर छायादार स्थान के नीचे भीगे टाटा के बोरे में ढककर रख दें। नमी के लिए रोज पानी छिड़कते रहें। 10 दिन के बाद बुआई से पहले भूमि में मिलाकर प्रति हेक्टेयर की दर से भूमि शोधन करें। इससे कि कीट और रोगों पर नियंत्रण किया जा सके।
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रोगों से बचाव व जानकारी के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के कृषि रक्षा अनुभाग ने फसलों में कीट सम्बंधी समस्या के समाधान को सहभागी फसल निगरानी और निदान प्रणाली समिति बनाई है। विभाग ने जिले स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इन नंबरों पर किसान अपना नाम, ग्राम का नाम, विकास खंड, जनपद का नाम और फसल में लगने वाले कीट के संभावित नाम व लक्षण, फोटो सहित विवरण एसएमएस व व्हाट्स एप के माध्यम से भेज सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर 9452247111 और 9452257111 हैं।
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कीटनाशक विक्रेता लगाएंगे स्टाक बोर्ड
कृषि उप निदेशक ने बताया कि रबी की फसल में कीटों के प्रकोप को देखते पंजीकृत कीटनाशक विक्रेताओं को दुकान के बाहर रेट बोर्ड और स्टाक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। दुकानदार किसानों को कैश मेमो जरूर दें।

घर के बीजों की भी कराएं जांच
कृषि उप निदेशक आरके तिवारी ने बताया कि जिले में अधिकांश किसान घर के बीजों का इस्तेमाल करते हैं। घर के बीजों की जांच न होने से फसलों में लगने वाले रोगों के विषय में जानकारी करने में काफी समय लगता है। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में बीजों की जांच जरूर करा लें।
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