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कटखने बंदरों ने फिर किया हमला, दो बच्चों समेत चार को काटा

Fri, 26 Feb 2016 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Fri, 26 Feb 2016 11:04 PM IST
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attacked by monkeys , including two children, cut four
डकोर ब्लाक क्षेत्र के गांव मुहम्मदाबाद में कटखने बंदरों का उत्पात इतना
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बढ़ गया है कि लोग परेशान हैं। गुरुवार को देर शाम मासूम सहित चार लोगों को बंदरों ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। ये सिर्फ एक दिन की बात नहीं है बल्कि आएदिन ऐसी घटनाएं पेश आ रही हैं। बेखौफ बंदर घर की छत से आंगन तक उतर आते हैं। फिर खानेपीने

की चीजों के लिए लोगों पर हमला बोल देते हैं। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दे दी है। बावजूद इसके विभाग ने इन बंदरों को पकड़ने के इंतजाम नहीं किए हैं। गांव में बंदरों का झुंड हमलावर हो चुका है। गुरुवार को गांव के बुजुर्ग रामसेवक वर्मा घरेलू कार्य में व्यस्त थे।  उसी समय आ धमके बंदरों के झुंड ने उन पर

हमला बोल कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। परिजन उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले ग। यहां उनके सिर में टांके लगाने पड़े हैं। इससे पहले दो दिन पूर्व इन कटखने बंदरों ने मुहम्मदाबाद निवासी धर्मेंद्र की पत्नी साधना को घरेलू कार्य करते समय काट लिया था। इनकी आंख के ऊपर गहरी चोट आई और बचने के चक्कर में गिरने से एक हाथ में फ्रैक्चर

हो गया था। इसके साथ ही बंदरों ने एक दो माह के बच्चे को घेर लिया। इस दौरान बच्चे की मां और पंकज सविता की पत्नी खाना बना रहीं थीं। बच्चे को बंदरों से घिरा देख मां की चीख निकल गई। इस पर पहुंचे परिजनों ने बंदरों को डंडा लेकर खदेड़ा। तब जाकर बंदरों ने बच्चा छोड़ा।  गुरुवार को ही दुकान से बिस्कुट लेकर लौट रही गांव की बच्ची नेहा

(5) पर भी बंदरों ने हमला बोला और काटकर घायल कर दिया। बच्ची को डाक्टर के यहां ले जाना पड़ा। पिछले दिनों भी इन्हीं बंदरों ने हमला बोलकर करीब छह लोगों को काट लिया था। इसकी सूचना भी वन विभाग को दी गई लेकिन विभाग की तरफ से इनको पकड़ने की व्यवस्था नहीं की गई। बताते चलें कि दो माह से गांव में अपना डेरा डाले कटखने

बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि गांव की गलियों से बच्चे अकेले नहीं गुजरते। छत पर बैठे लोगों के हाथ में खानेपीने की चीज देख ये बंदर झपट्टा मार कर उन्हें घायल कर देते हैं। विरोध की सूरत में काट भी लेते हैं। ज्यादातर छोटे बच्चे इनका निशाना बनते हैं। इस समस्या से ग्रामीण परेशान हैं। बच्चे क्या बड़े भी छत पर जाने में डरने लगे हैं।
 
मुहम्मदाबाद में बंदरों के आतंक की सूचना मिली है। इस ओर जररी कदम उठा जा रहा है। जल्द ही प्रशिक्षित टीम बुलाकर बंदरों को पकड़ा जाएगा। जिले में बंदर पकड़ने की कोई विशेषज्ञ टीम नहीं है।
                    -    भीमसेन  डीएफओ जालौन
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