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रामनवमी पर जुलूस निकाल रहे 200 लोग गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:02 PM IST
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रामनवमी पर जुलूस निकाल रहे लोगों को हिरासत मेें पुलिस लाइन ले जाते पुलिस कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के प्राचीन ठडे़श्वरी मंदिर से रामनवमी के पर्व पर शुक्रवार को शोभायात्रा निकाल रहे हिंदूवादी संगठनाें को पुलिस ने धारा 144 का वास्ता देकर रोकने का प्रयास किया लेकिन युवा जय श्रीराम के उद्घोष के साथ सड़क तक आ गए। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो तीखी झड़प हो गई। मौके पर मौजूद एएसपी व एडीएम ने हिंदूवादी संगठनाें के करीब 200
पदाधिकारियाें को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उन्हें ट्रकाें में लेकर पुलिस लाइन पहुंची और करीब दो घंटे बाद उनको रिहा कर दिया। एएसपी ने बताया कि जिले में धारा 144 लागू है और इन लोगों के पास प्रशासन से जुलूस निकालने की अनुमति भी नहीं थी। शुक्रवार को शहर के प्राचीन ठडेश्वरी मंदिर के प्रांगण में भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाने के बाद
करीब 300 लोग हाथाें में लाल झंडा लेकर जय श्रीराम के उद्घोष के साथ आगे बढ़ रहे थे। पहले से ही चौकन्ने जिला प्रशासन ने तीन चक्रों में सुरक्षा लगा रखी थी। इस पर भाजपा नेता गौरीशंकर वर्मा व कोतवाल आलोक सक्सेना के बीच तीखी झड़प हो गई। लोगाें ने जुलूस निकालने की कोशिश की तो पुलिस व पीएसी ने रोक दिया। काफी देर तक वहीं लोग धरने
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पर बैठे रहे। बाद में एडीएम आनंदकुमार व एएसपी शकील अहमद, सीओ जंगबहादु़र सिंह ने नारेबाजी कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया और पुलिस लाइन ले गए। यहां करीब दो घंटे हिरासत में रखने के बाद पुलिस ने सभी को रिहा कर दिया। इस दौरान क्रमांक शुक्ला, बलवीर सिंह , रामनरेश सहित करीब दौ सौ बजरंगी व भाजपाई मौजूद रहे।
कोंच में भी जुलूस को लेकर बवाल,
कोंच में भी शुक्रवार को रामनवमी के जुलूस को लेकर बवाल जैसी स्थिति रही। बिना अनुमति जुलूस निकालने की कोशिश कर रहे राम भक्तों को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने रोक दिया। इस पर रामभक्त जय श्रीराम के नारे लगाते हुए जबरदस्ती आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो राम भक्त मलंगा नाले पर बने श्रीराम द्वार पर धरने पर बैठ गए।
पुलिस ने इनको गिरफ्तार कर लिया। इन्हें सागर चौकी लाया गया जहां से छोड़ दिया गया। कोंच में रामनवमी पर हर वर्ष जुलूस निकाला जाता है। इस बार कुछ हिंदू संगठनों ने रामलला मंदिर से दोपहर तीन बजे जुलूस निकालने की योजना बनाई। शुक्रवार को राममंदिर पर भगवा झंडों के साथ वहां रामभक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में 200
युवा इकट्ठा हो गए जिनमें अंकित चंदेरिया, ऋषि अग्रवाल, नितिन सोनी, नीरज जग्गू, अंकित तिवारी, अमित व्यास, सुमित व्यास, रोहित, रजनीश, आदेश पटेल, रामजी अग्रवाल, विकास, निखिल, रघु शर्मा, अमित राठौर शामिल रहे। इसकी खबर पर सीओ अवधेश कुमार शुक्ल, तहसीलदार भूपाल सिंह, कोतवाल मनवीर सिंह के अलावा सभी चौकियों
और कोतवाली के दरोगा तथा भारी संख्या में पुलिस फोर्स रामलला मंदिर पहुंच गए। परमीशन नहीं होने से जुलूस निकालने से रोका। इससे भड़के राम भक्तों ने भी जुलूस निकालने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका रास्ता रोक लिया। इसी बीच रामभक्त अपना रूट कम करने पर भी राजी हो गए और प्रशासन ने उस रूट का जायजा भी ले लिया। इसके बाद
जुलूस नहीं निकालने दिया गया। उधर, प्रशासन ने दर्जन भर शैलेष सोनी, मिरकू महाराज, सूर्यदीप सोनी, सुमित झा, आशुतोष रावत, रामराजा निरंजन, रहीस यादव, सांसद प्रतिनिधि अनुरूद्घ मिश्रा आदि को गिरफ्तार कर सागर चौकी भेज दिया। थोड़ी देर वहां बिठाने के बाद उन्हें जाने दिया गया। तहसीलदार भूपालसिंह और सीओ अवधेशकुमार शुक्ल ने बताया कि इन लोगों को नियमत: इस कार्यक्रम की स्वीकृति लेनी चाहिए थी।
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पदाधिकारियाें को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उन्हें ट्रकाें में लेकर पुलिस लाइन पहुंची और करीब दो घंटे बाद उनको रिहा कर दिया। एएसपी ने बताया कि जिले में धारा 144 लागू है और इन लोगों के पास प्रशासन से जुलूस निकालने की अनुमति भी नहीं थी। शुक्रवार को शहर के प्राचीन ठडेश्वरी मंदिर के प्रांगण में भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाने के बाद
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करीब 300 लोग हाथाें में लाल झंडा लेकर जय श्रीराम के उद्घोष के साथ आगे बढ़ रहे थे। पहले से ही चौकन्ने जिला प्रशासन ने तीन चक्रों में सुरक्षा लगा रखी थी। इस पर भाजपा नेता गौरीशंकर वर्मा व कोतवाल आलोक सक्सेना के बीच तीखी झड़प हो गई। लोगाें ने जुलूस निकालने की कोशिश की तो पुलिस व पीएसी ने रोक दिया। काफी देर तक वहीं लोग धरने
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पर बैठे रहे। बाद में एडीएम आनंदकुमार व एएसपी शकील अहमद, सीओ जंगबहादु़र सिंह ने नारेबाजी कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया और पुलिस लाइन ले गए। यहां करीब दो घंटे हिरासत में रखने के बाद पुलिस ने सभी को रिहा कर दिया। इस दौरान क्रमांक शुक्ला, बलवीर सिंह , रामनरेश सहित करीब दौ सौ बजरंगी व भाजपाई मौजूद रहे।
कोंच में भी जुलूस को लेकर बवाल,
कोंच में भी शुक्रवार को रामनवमी के जुलूस को लेकर बवाल जैसी स्थिति रही। बिना अनुमति जुलूस निकालने की कोशिश कर रहे राम भक्तों को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने रोक दिया। इस पर रामभक्त जय श्रीराम के नारे लगाते हुए जबरदस्ती आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो राम भक्त मलंगा नाले पर बने श्रीराम द्वार पर धरने पर बैठ गए।
पुलिस ने इनको गिरफ्तार कर लिया। इन्हें सागर चौकी लाया गया जहां से छोड़ दिया गया। कोंच में रामनवमी पर हर वर्ष जुलूस निकाला जाता है। इस बार कुछ हिंदू संगठनों ने रामलला मंदिर से दोपहर तीन बजे जुलूस निकालने की योजना बनाई। शुक्रवार को राममंदिर पर भगवा झंडों के साथ वहां रामभक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में 200
युवा इकट्ठा हो गए जिनमें अंकित चंदेरिया, ऋषि अग्रवाल, नितिन सोनी, नीरज जग्गू, अंकित तिवारी, अमित व्यास, सुमित व्यास, रोहित, रजनीश, आदेश पटेल, रामजी अग्रवाल, विकास, निखिल, रघु शर्मा, अमित राठौर शामिल रहे। इसकी खबर पर सीओ अवधेश कुमार शुक्ल, तहसीलदार भूपाल सिंह, कोतवाल मनवीर सिंह के अलावा सभी चौकियों
और कोतवाली के दरोगा तथा भारी संख्या में पुलिस फोर्स रामलला मंदिर पहुंच गए। परमीशन नहीं होने से जुलूस निकालने से रोका। इससे भड़के राम भक्तों ने भी जुलूस निकालने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनका रास्ता रोक लिया। इसी बीच रामभक्त अपना रूट कम करने पर भी राजी हो गए और प्रशासन ने उस रूट का जायजा भी ले लिया। इसके बाद
जुलूस नहीं निकालने दिया गया। उधर, प्रशासन ने दर्जन भर शैलेष सोनी, मिरकू महाराज, सूर्यदीप सोनी, सुमित झा, आशुतोष रावत, रामराजा निरंजन, रहीस यादव, सांसद प्रतिनिधि अनुरूद्घ मिश्रा आदि को गिरफ्तार कर सागर चौकी भेज दिया। थोड़ी देर वहां बिठाने के बाद उन्हें जाने दिया गया। तहसीलदार भूपालसिंह और सीओ अवधेशकुमार शुक्ल ने बताया कि इन लोगों को नियमत: इस कार्यक्रम की स्वीकृति लेनी चाहिए थी।