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Jalaun News: बिना बनाए ही डकार गए अन्नपूर्णा भवन की रकम
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फोटो - 16 हरिपुरा सारंगपुर में दो दिन पहले शुरू कराया गया काम। संवाद
जालौन। ब्लॉक के सारंगपुर हरिपुरा गांव में अन्नपूर्णा भवन के लिए आए बजट को जिम्मेदारों ने हजम कर लिया। जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो खलबली मच गई। उनका कहना है कि भवन की नींव भी नहीं डल पाई और जिम्मेदारों से बजट को खाते में डालकर निर्माण कार्य को पूरा दिखा दिया। हालत यह है कि वहां दो फीट की दीवार बनी है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और दुरुस्त बनाने व राशन कार्डधारकों को सुचारू रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अन्नपूर्णा भवन योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत हर ग्राम पंचायत में 484 वर्गफीट क्षेत्रफल में भवन बनना था। इन भवनों को ग्राम पंचायत की आय का साधन भी बनना था। जालौन ब्लॉक के हरिपुरा सारंगपुर में बिना अन्नपूर्णा भवन बनाए ही लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। इससे योजना का उद्देश्य पूरा होने से पहले ही भ्रष्टाचार उजागर हो गया है।
हीरापुर गांव में अन्नपूर्णा भवन बनाने के नाम पर करीब छह लाख का भुगतान कर लिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत अधिकारी, प्रधान और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से यह रकम जारी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सांठगांठ करके फर्जी तरीके से लाखों रुपये निकाल लिए। ग्रामीणों का कहना है कि अन्नपूर्णा भवन बनने से उन्हें राशन वितरण में सुविधा मिलती और ग्राम पंचायत को आय का स्रोत भी मिलता। जिम्मेदारों की लापरवाही और भ्रष्टाचार से उनका हक छीन लिया गया। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो दो दिन पहले ही तीन मिस्त्री लगाकर काम शुरू करवा दिया गया है।
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बिना मौका मुआयना के हो गया भुगतान ब्लॉक क्षेत्र में किस तरीके से घोटाले किए जा रहे हैं, अन्नपूर्णा भवन निर्माण के दौरान यह देखने को मिल गया। अधिकारियों की माने तो भुगतान के पहले तकनीकि सहायक व अन्य अधिकारी मौके का मुआयना करते हैं। इसके बाद अपनी रिपोर्ट देते हैं कि निर्माण कितना हुआ है, इसके बाद भुगतान किया जाता है। लेकिन इसमें बिना जांच के ही भुगतान कर दिया गया। इसमें कई अधिकारियों की भी सांठगांठ है जो बिना मौके पर जाए ही अपनी रिपोर्ट लगा देते हैं और मनमानी तरीके से भुगतान भी करवा लेते हैं। शासन ने हाल ही में जालौन ब्लॉक को वर्ष 2024-25 के कार्यों के भुगतान के लिए करीब 10 करोड़ रुपये भेजे थे। लेकिन अधिकारियों ने इस धनराशि का उपयोग पुराने लंबित कार्यों के बजाय 2025-26 के अन्नपूर्णा भवनों के नाम पर कर दिया। नए वित्तीय वर्ष के बजट से ही बिना बने भवनों का भुगतान कर दिया गया।
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और दुरुस्त बनाने व राशन कार्डधारकों को सुचारू रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अन्नपूर्णा भवन योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत हर ग्राम पंचायत में 484 वर्गफीट क्षेत्रफल में भवन बनना था। इन भवनों को ग्राम पंचायत की आय का साधन भी बनना था। जालौन ब्लॉक के हरिपुरा सारंगपुर में बिना अन्नपूर्णा भवन बनाए ही लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। इससे योजना का उद्देश्य पूरा होने से पहले ही भ्रष्टाचार उजागर हो गया है।
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हीरापुर गांव में अन्नपूर्णा भवन बनाने के नाम पर करीब छह लाख का भुगतान कर लिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत अधिकारी, प्रधान और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से यह रकम जारी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सांठगांठ करके फर्जी तरीके से लाखों रुपये निकाल लिए। ग्रामीणों का कहना है कि अन्नपूर्णा भवन बनने से उन्हें राशन वितरण में सुविधा मिलती और ग्राम पंचायत को आय का स्रोत भी मिलता। जिम्मेदारों की लापरवाही और भ्रष्टाचार से उनका हक छीन लिया गया। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो दो दिन पहले ही तीन मिस्त्री लगाकर काम शुरू करवा दिया गया है।
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बिना मौका मुआयना के हो गया भुगतान ब्लॉक क्षेत्र में किस तरीके से घोटाले किए जा रहे हैं, अन्नपूर्णा भवन निर्माण के दौरान यह देखने को मिल गया। अधिकारियों की माने तो भुगतान के पहले तकनीकि सहायक व अन्य अधिकारी मौके का मुआयना करते हैं। इसके बाद अपनी रिपोर्ट देते हैं कि निर्माण कितना हुआ है, इसके बाद भुगतान किया जाता है। लेकिन इसमें बिना जांच के ही भुगतान कर दिया गया। इसमें कई अधिकारियों की भी सांठगांठ है जो बिना मौके पर जाए ही अपनी रिपोर्ट लगा देते हैं और मनमानी तरीके से भुगतान भी करवा लेते हैं। शासन ने हाल ही में जालौन ब्लॉक को वर्ष 2024-25 के कार्यों के भुगतान के लिए करीब 10 करोड़ रुपये भेजे थे। लेकिन अधिकारियों ने इस धनराशि का उपयोग पुराने लंबित कार्यों के बजाय 2025-26 के अन्नपूर्णा भवनों के नाम पर कर दिया। नए वित्तीय वर्ष के बजट से ही बिना बने भवनों का भुगतान कर दिया गया।