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अन्ना मवेशियों ने 90 बीघा फसल नष्ट की
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कदौरा। स्थायी गोशाला का टट्टर तोड़कर निकले अन्ना मवेशियों ने किसानों की करीब 90 बीघा फसल को रौंदकर या फिर चरकर नष्ट कर दिया। किसानों ने न सिर्फ इसकी शिकायत सीएम पोर्टल पर की बल्कि छुट्टा मवेशियों को वापस लाकर गोशाला में भी बंद किया। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
सोमवार रात्रि क्षेत्र के इकौना गांव स्थित गोशाला का टट्टर तोड़कर निकले लगभग 30-40 मवेशियों ने गांव के किसानों की 90 बीघा चना, मटर, लाही आदि की फसलों को नष्ट कर दिया। किसान धीरेंद्र की 10 बीघा चना, रामप्रकाश की 7 बीघा लाही, चना, मुन्ना की 10 बीघा मटर गेंहू व लाही, सुंदर की 9 बीघा मटर, गेहूं एवं शिवकुंवर की छह बीघा गेहूं आदि की फसलें शामिल हैं। मंगलवार की सुबह खेतों में घुसे मवेशियों को देखकर किसानों में हड़कंप मच गया और उन्होंने एकजुट होकर मवेशियों को खेतों से निकालकर वापस गोशाला में ले जाकर बंद किया। किसानों ने सीएम पोर्टल पर शिकायत करते हुए मुआवजे की मांग की है।
किसानों का कहना है कि स्थायी गोशाला होने के बाद भी न तो वहां पर मजबूत गेट ही लगा है और न ही मवेशियों के खाने पीने का कोई इंतजाम है। जिस कारण ही मवेशी आए दिन फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मुआवजा दिलाने के लिए कोई अधिकारी आगे भी नहीं आता है। इस बाबत बीडीओ अतिरंजन सिंह का कहना है कि फिलहाल निगरानी के लिए दो चरवाहों को लगाया गया है। टट्टर हटाकर गेट का भी इंतजाम कराया जाएगा।
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सोमवार रात्रि क्षेत्र के इकौना गांव स्थित गोशाला का टट्टर तोड़कर निकले लगभग 30-40 मवेशियों ने गांव के किसानों की 90 बीघा चना, मटर, लाही आदि की फसलों को नष्ट कर दिया। किसान धीरेंद्र की 10 बीघा चना, रामप्रकाश की 7 बीघा लाही, चना, मुन्ना की 10 बीघा मटर गेंहू व लाही, सुंदर की 9 बीघा मटर, गेहूं एवं शिवकुंवर की छह बीघा गेहूं आदि की फसलें शामिल हैं। मंगलवार की सुबह खेतों में घुसे मवेशियों को देखकर किसानों में हड़कंप मच गया और उन्होंने एकजुट होकर मवेशियों को खेतों से निकालकर वापस गोशाला में ले जाकर बंद किया। किसानों ने सीएम पोर्टल पर शिकायत करते हुए मुआवजे की मांग की है।
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किसानों का कहना है कि स्थायी गोशाला होने के बाद भी न तो वहां पर मजबूत गेट ही लगा है और न ही मवेशियों के खाने पीने का कोई इंतजाम है। जिस कारण ही मवेशी आए दिन फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मुआवजा दिलाने के लिए कोई अधिकारी आगे भी नहीं आता है। इस बाबत बीडीओ अतिरंजन सिंह का कहना है कि फिलहाल निगरानी के लिए दो चरवाहों को लगाया गया है। टट्टर हटाकर गेट का भी इंतजाम कराया जाएगा।
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