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अन्ना मवेशियों ने चट की 77 बीघा फसल

Tue, 26 Nov 2019 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2019 12:33 AM IST
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Anna cattle destroyed 77 bigha crop
आटा में खेत के बाहर बैठे अन्ना मवेशी - फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। तमाम कोशिशों को बावजूद किसान अपनी फसल नहीं बचा पा रहे है। रविवार रात एट में अन्ना मवेशियों ने जहां सात किसानों की 50 बीघा फसल चट कर ली वहीं आटा में परासन के मजरा भडरा डेरा और ग्राम कहटा में चार किसानों की 27 बीघा चना अरहर, गेहूं, ज्वार की फसल बर्बाद कर दी।
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कोटरा थाना क्षेत्र में पड़ने वाले गांव धुरट में रविवार रात किसानों के खेतों में खड़ी हरी मटर की फसल को अन्ना जानवरों के झुंड ने चट कर दी। सुबह खेतों में पहुंचे किसानों ने अन्ना जानवरों का झुंड अपने खेतों में देखा तो उनके होश उड़ गए। किसान नीरज सोनी, कृष्णगोपाल, प्रवीण, गोविंद पाल, सुमेर, रामशरण पचौरी, कशोले ने बताया कि फसल बोने के बाद खेतों के चारों तरफ तारबाड़ी कर 24 घंटे रखवाली कर रहे हैं। उसके बाद भी जरा सी चूक होने पर अन्ना जानवर खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अगर इसी तरह अन्ना जानवरों का कहर बना रहा तो हम किसान भुखमरी की कगार पर आ जाएंगे। धुरट निवासी किसान गोविंद पाल का कहना है कि धुरट गांव स्थित गोशाला में अगर अन्ना जानवरों को बंद करने के लिए प्रधान से कहा जाता है तो वह लड़ने के लिए उतारू हो जाता है और ज्यादा बात विवाद होता है तो थाने में किसानों के खिलाफ शिकायती पत्र देकर पुलिस से परेशान कराया जाता है।
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धुरट निवासी किसान नीरज सोनी ने बताया है कि 10 बीघा खेत में हरी मटर बोई थी, जिसे सुरक्षित रखने के लिए गांव के कुछ लोगों से फसल आने तक ब्याज पर रुपये लेकर खेत के चारों ओर तारबाड़ी कराई थी। इसके बावजूद भी अन्ना जानवर फसल को नुकसान करने से पीछे नहीं हट रहे हैं जबकि खेत पर सुबह शाम निगरानी भी करनी पड़ रही है
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उधर, आटा में रविवार की रात परासन के मजरा भडरा डेरा और ग्राम कहटा में अलग-अलग ग्रामों में अन्ना मवेशियों ने 27 बीघा चना अरहर, गेहूं, ज्वार की फसल बर्बाद कर दी। भडरा डेरा के किसानों ने तो प्रधान के खिलाफ नारेबाजी भी की। बता दें क्षेत्र में गोशाला न होने के कारण जब किसान सो गए तभी करीब 2 बजे के आसपास जंगल से अन्ना मवेशियों का झुंड आ गया और फसल चटकर चला गया।

सुबह जब किसानों ने देखा तो सिर पकड़कर अधिकारियों की लापरवाही पर काफी नाराज हो गए। कहटा के किसान संतोष की 8 बीघा चने की फसल, ग्यासी की तीन बीघा में फैली लौकी, आलू व तरोई और भडरा डेरा के किसान रामसजीवन की तीन बीघा अरहर, मैयादीन की 5 बीघा में चना व 8 बीघा में मसूर की फसल बर्बाद कर दी। क्षेत्र में करीब एक हजार अन्ना मवेशी घूम रहे है। किसान मैयादीन ने बताया बड़ी मेहनत से फसल बोई थी और रात भर खेत पर होने के बावजूद नुकसान हो गया।
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