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प्राथमिक विद्यालय में बंद किए अन्ना मवेशी, हंगामा
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कुरहना गांव स्थित स्कूल परिसर में बंद मवेशी
- फोटो : ORAI
आटा/कदौरा। अन्ना मवेशियों से परेशान कालपी क्षेत्र किसानों ने करीब सौ से सवा सौ अन्ना मवेशियों के झुंड को प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया। किसानों का आरोप है कि हम लोग मवेशियों को अधूरी गोशाला ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में प्रधान पुत्र ने धमकाया तो मवेशियों समेत विद्यालय की ओर घूम पड़े। इधर, सुबह के वक्त विद्यालय पहुंचे शिक्षकों ने जब परिसर में अन्ना मवेशी बंद देखे तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस से भी किसानों की काफी देर तक झड़प हुई। आखिर में किसानों ने सभी मवेशियों को बाहर किया लेकिन स्कूल में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो सकी। देर शाम प्रधान की तहरीर पर तीन ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
बता दें कि अन्ना मवेशी इन दिनों पूरे जिले के लिए समस्या बने हुए हैं। किसान रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली करते हैं और जरा सी चूक होने पर मवेशी उनकी फसलों को चट कर जाते हैं। उस पर रही सही कसर अधूरी गोशालाएं पूरी कर रही हैं, जिससे किसानों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। शनिवार सुबह करीब सात बजे कदौरा ब्लाक के कुरहना गांव के 30-40 किसानों ने करीब सवा सौ अन्ना मवेशियों को हांककर प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया।
किसानों का कहना है कि वे तो गांव की गोशाला की ओर मवेशी लेकर जा रहे थे लेकिन बीच रास्ते में प्रधान पुत्र विनीत आ गए और उन्होंने धमकाते हुए कहा कि गोशाला में अभी गेट नहीं लगा है, यदि वहां मवेशी लेकर गए तो ठीक नहीं होगा। इसके बाद किसानों ने मवेशियों को विद्यालय में ही बंद करने का फैसला किया। इधर, जब बच्चे और शिक्षक विद्यालय पहुंचे तो स्कूल परिसर में मवेशियों का झुंड देखकर दंग रह गए। शिक्षकों ने विरोध किया तो किसानों से जमकर कहासुनी हुई।
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आनन फानन में पुलिस और प्रधान चंद्रशेखर को सूचना दी गई। प्रधान के मौके पर पहुंचते ही किसानों की उनसे भी तीखी झड़प हुई। नौबत अभद्रता व धक्कामुक्की तक पहुंच गई, तभी चौकी पुलिस भी पहुंच गई। आक्रोशित किसान पुलिस से भी भिड़े रहे और तत्काल गोशाला को पूरी कराने की बात करने लगे। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने किसानों को समझा बुझाकर लगभग 11 बजे के आसपास मवेशियों को स्कूल परिसर से बाहर निकलवाया लेकिन इस पूरे हंगामे के कारण बच्चों की पढ़ाई नहीं हो सकी और सभी को वापस घरों को भेज दिया गया।
प्रधान का कहना है कि जब मौके पर पहुंचे तो वहां एकत्र लोगों ने उनके साथ भी अभद्रता व मारपीट का प्रयास किया। इस संदर्भ में कोतवाल सुधाकर मिश्रा का कहना है कि प्रधान की तहरीर पर सुनील, पवन व रामू के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पैदा करना, मवेशियों से नुकसान के अलावा मारपीट व धमकाने का मामला दर्ज किया गया है।
- तीन लाख की गोशाला में गेट बना बाधा
गांव की गोशाला करीब एक माह पहले ही बनकर तैयार हो गई थी। करीब 150 मवेशियों की क्षमता वाली गांव की गोशाला में लगभग तीन लाख रुपये खर्च भी हो चुके हैं। इसके बाद भी अभी तक गेट का काम पूरा नहीं हो सका है। इस संदर्भ में बीडीओ अतिरंजन सिंह का कहना है कि गेट के लिए सचिव को आदेश कर दिया गया है। जल्द ही गेट लगा भी दिया जाएग ।
- हंगामा देख सहमे रहे बच्चे, अभिभावक परेशान
स्कूल खुलते ही शुरू हुआ हंगामा करीब चार घंटे तक चला। इस दौरान कुछ बच्चे तो काफी देर तक सहमे हुए खड़े होकर पूरा हंगामा देखते रहे। इसके बाद जब अभिभावकों को पता चला कि स्कूल में पढ़ाई के स्थान पर हंगामा हो रहा है तो वे भी दौड़ते हुए वहां पहुंचे और अपने बच्चों को लेकर घरों की ओर लौट पड़े। स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी कर दी गई है।
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बता दें कि अन्ना मवेशी इन दिनों पूरे जिले के लिए समस्या बने हुए हैं। किसान रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली करते हैं और जरा सी चूक होने पर मवेशी उनकी फसलों को चट कर जाते हैं। उस पर रही सही कसर अधूरी गोशालाएं पूरी कर रही हैं, जिससे किसानों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। शनिवार सुबह करीब सात बजे कदौरा ब्लाक के कुरहना गांव के 30-40 किसानों ने करीब सवा सौ अन्ना मवेशियों को हांककर प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया।
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किसानों का कहना है कि वे तो गांव की गोशाला की ओर मवेशी लेकर जा रहे थे लेकिन बीच रास्ते में प्रधान पुत्र विनीत आ गए और उन्होंने धमकाते हुए कहा कि गोशाला में अभी गेट नहीं लगा है, यदि वहां मवेशी लेकर गए तो ठीक नहीं होगा। इसके बाद किसानों ने मवेशियों को विद्यालय में ही बंद करने का फैसला किया। इधर, जब बच्चे और शिक्षक विद्यालय पहुंचे तो स्कूल परिसर में मवेशियों का झुंड देखकर दंग रह गए। शिक्षकों ने विरोध किया तो किसानों से जमकर कहासुनी हुई।
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आनन फानन में पुलिस और प्रधान चंद्रशेखर को सूचना दी गई। प्रधान के मौके पर पहुंचते ही किसानों की उनसे भी तीखी झड़प हुई। नौबत अभद्रता व धक्कामुक्की तक पहुंच गई, तभी चौकी पुलिस भी पहुंच गई। आक्रोशित किसान पुलिस से भी भिड़े रहे और तत्काल गोशाला को पूरी कराने की बात करने लगे। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने किसानों को समझा बुझाकर लगभग 11 बजे के आसपास मवेशियों को स्कूल परिसर से बाहर निकलवाया लेकिन इस पूरे हंगामे के कारण बच्चों की पढ़ाई नहीं हो सकी और सभी को वापस घरों को भेज दिया गया।
प्रधान का कहना है कि जब मौके पर पहुंचे तो वहां एकत्र लोगों ने उनके साथ भी अभद्रता व मारपीट का प्रयास किया। इस संदर्भ में कोतवाल सुधाकर मिश्रा का कहना है कि प्रधान की तहरीर पर सुनील, पवन व रामू के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पैदा करना, मवेशियों से नुकसान के अलावा मारपीट व धमकाने का मामला दर्ज किया गया है।
- तीन लाख की गोशाला में गेट बना बाधा
गांव की गोशाला करीब एक माह पहले ही बनकर तैयार हो गई थी। करीब 150 मवेशियों की क्षमता वाली गांव की गोशाला में लगभग तीन लाख रुपये खर्च भी हो चुके हैं। इसके बाद भी अभी तक गेट का काम पूरा नहीं हो सका है। इस संदर्भ में बीडीओ अतिरंजन सिंह का कहना है कि गेट के लिए सचिव को आदेश कर दिया गया है। जल्द ही गेट लगा भी दिया जाएग ।
- हंगामा देख सहमे रहे बच्चे, अभिभावक परेशान
स्कूल खुलते ही शुरू हुआ हंगामा करीब चार घंटे तक चला। इस दौरान कुछ बच्चे तो काफी देर तक सहमे हुए खड़े होकर पूरा हंगामा देखते रहे। इसके बाद जब अभिभावकों को पता चला कि स्कूल में पढ़ाई के स्थान पर हंगामा हो रहा है तो वे भी दौड़ते हुए वहां पहुंचे और अपने बच्चों को लेकर घरों की ओर लौट पड़े। स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी कर दी गई है।

स्कूल के बाहर ग्रामीण पुलिस को जानकारी देते- फोटो : ORAI