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Jalaun News: हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से वृद्ध की मौत
Sat, 31 Aug 2024 03:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 31 Aug 2024 03:22 AM IST
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उरई। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से वृद्ध की मौत हो गई। वह खेतों में बकरियां चराने गया था, तभी छाता हाईटेंशन लाइन से छूने से हादसा हो गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मिनौरा गांव निवासी किसान संतराम (60) गुरुवार को बकरियां चराने खेतों की ओर गया था। धूप से बचने के लिए वह छाता लगाए था। तभी खेत के ऊपर से निकली झूलती हुई हाईटेंशन लाइन से छाता छू गया। जिससे उसकी मौके पर ही करंट लगने से मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी पर परिजनों को दी।
बड़े बेटे मनमोहन ने बताया कि पिता खेतों में बकरियां चराने गए थे, तभी हादसा हुआ है। खेत से निकली हाईटेंशन लाइन इतनी नीचे है कि उसे कोई भी व्यक्ति हाथ से पकड़ सकता है। कई बार विभागीय अधिकारियों के साथ साथ जनप्रतिनिधियों से इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बताया कि तीन वर्ष पहले भी पिता इस लाइन की चपेट में आ गए थे, लेकिन उस समय सिर्फ उन्हें झटका लगा था। लेकिन इस बार उनके पिता की जान चली गई।
बताया कि अगर लाइन को ठीक करा दिया जाता तो शायद उनके पिता की मौत न होती। बताया कि उसकी मां का पहले ही देहांत हो चुका है। उनके पास एक एकड़ जमीन है। वह खेती किसानी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। कोतवाल अजय ब्रह्म तिवारी का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच की जा रही है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मिनौरा गांव निवासी किसान संतराम (60) गुरुवार को बकरियां चराने खेतों की ओर गया था। धूप से बचने के लिए वह छाता लगाए था। तभी खेत के ऊपर से निकली झूलती हुई हाईटेंशन लाइन से छाता छू गया। जिससे उसकी मौके पर ही करंट लगने से मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी पर परिजनों को दी।
बड़े बेटे मनमोहन ने बताया कि पिता खेतों में बकरियां चराने गए थे, तभी हादसा हुआ है। खेत से निकली हाईटेंशन लाइन इतनी नीचे है कि उसे कोई भी व्यक्ति हाथ से पकड़ सकता है। कई बार विभागीय अधिकारियों के साथ साथ जनप्रतिनिधियों से इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बताया कि तीन वर्ष पहले भी पिता इस लाइन की चपेट में आ गए थे, लेकिन उस समय सिर्फ उन्हें झटका लगा था। लेकिन इस बार उनके पिता की जान चली गई।
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बताया कि अगर लाइन को ठीक करा दिया जाता तो शायद उनके पिता की मौत न होती। बताया कि उसकी मां का पहले ही देहांत हो चुका है। उनके पास एक एकड़ जमीन है। वह खेती किसानी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। कोतवाल अजय ब्रह्म तिवारी का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच की जा रही है।
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