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Jalaun News: गर्मी के साथ बिजली भी छुड़ाएगी पसीना
Tue, 11 Mar 2025 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Tue, 11 Mar 2025 12:23 AM IST
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उरई। तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली गुल होने लगी है। रोजाना दो से तीन ट्रांसफार्मर फुंकने लगे हैं। किसान भी फुंके हुए ट्रांसफार्मर को बदलवा रहे हैं। आशंका है कि इस साल भी गर्मियों में कई-कई घंटे बिजली गुल रहेगी। पिछले साल ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति 10 से 12 घंटे हो पा रही थी। वहीं, शहर में 15 से 16 घंटे मिल रही थी। इस साल गर्मियों में इसमें सुधार होने की कोई उम्मीद नहीं है।
मौसम विभाग चेता चुका है कि इस साल पिछली बार की अपेक्षा अधिक गर्मी पड़ेगी। मार्च के पहले ही सप्ताह में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के आसपास चल रहा है। आने वाले महीनों में अधिकतम तापमान जब 40 डिग्री के ऊपर जाएगा, तो बिजली की मांग बढ़ जाएगी। फिर लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर फुंकेंगे। फाल्ट होगा। इन्हें ठीक करने में समय लगेगा और लोगों को घंटों बिना बिजली के रहना पड़ेगा।
जानकार बताते हैं कि ट्रांसफार्मर ओवरलोड की वजह से फुंकते हैं। गर्म हो जाने की वजह से भी जल जाते हैं। यही वजह है कि गर्मियों में कई जगहों पर ट्रांसफार्मर के पास कूलर लगाना पड़ता है। वहीं, कनेक्शन बढ़ने के साथ बिजली विभाग ट्रांसफार्मर नहीं बढ़ाता है इस वजह से लोड बढ़ जाता है। बिजली विभाग का दावा है कि उसने लोड की समस्या को ठीक कर दिया है, लेकिन हकीकत में ऐसा नजर नहीं आता है। शहर में ही कई इलाकों में ट्रांसफार्मर से लोड कम नहीं किए गए हैं।
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बिजली विभाग का दावा है कि उसके पास 250 ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। जैसे ही कहीं से ट्रांसफार्मर फुंकने की सूचना मिलेगी उसे बदल दिया जाएगा। बता दें कि पिछले साल मई में 250 से ज्यादा ट्रांसफार्मरों फुंके थे। जाहिर है कि यदि 250 से ज्यादा ट्रांसफार्मर जले तो हालात खराब हो जाएंगे। विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने के 24 घंटे के अंदर 250 केवीए के नीचे के ट्रांसफार्मर को और इससे अधिक लोड वाले ट्रांसफार्मर को दो से तीन दिन में ठीक किया जाता है। यहां यह याद दिलाना उचित रहेगा कि पिछले साल ग्रामीण क्षेत्र में 15 से 20 दिन में फुंके हुए ट्रांसफार्मर बदले गए थे। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता नंदलाल ने कहा कि पुराने तारों को बदला जा रहा है। जहां ट्रांसफार्मर फुंकने की शिकायत थी, वहां लोड बढ़ाया जा रहा है। बिजलीघरों में ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का काम जारी है। इस बार व्यवस्था में काफी सुधार होगा।
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मौसम विभाग चेता चुका है कि इस साल पिछली बार की अपेक्षा अधिक गर्मी पड़ेगी। मार्च के पहले ही सप्ताह में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के आसपास चल रहा है। आने वाले महीनों में अधिकतम तापमान जब 40 डिग्री के ऊपर जाएगा, तो बिजली की मांग बढ़ जाएगी। फिर लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर फुंकेंगे। फाल्ट होगा। इन्हें ठीक करने में समय लगेगा और लोगों को घंटों बिना बिजली के रहना पड़ेगा।
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जानकार बताते हैं कि ट्रांसफार्मर ओवरलोड की वजह से फुंकते हैं। गर्म हो जाने की वजह से भी जल जाते हैं। यही वजह है कि गर्मियों में कई जगहों पर ट्रांसफार्मर के पास कूलर लगाना पड़ता है। वहीं, कनेक्शन बढ़ने के साथ बिजली विभाग ट्रांसफार्मर नहीं बढ़ाता है इस वजह से लोड बढ़ जाता है। बिजली विभाग का दावा है कि उसने लोड की समस्या को ठीक कर दिया है, लेकिन हकीकत में ऐसा नजर नहीं आता है। शहर में ही कई इलाकों में ट्रांसफार्मर से लोड कम नहीं किए गए हैं।
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बिजली विभाग का दावा है कि उसके पास 250 ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। जैसे ही कहीं से ट्रांसफार्मर फुंकने की सूचना मिलेगी उसे बदल दिया जाएगा। बता दें कि पिछले साल मई में 250 से ज्यादा ट्रांसफार्मरों फुंके थे। जाहिर है कि यदि 250 से ज्यादा ट्रांसफार्मर जले तो हालात खराब हो जाएंगे। विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने के 24 घंटे के अंदर 250 केवीए के नीचे के ट्रांसफार्मर को और इससे अधिक लोड वाले ट्रांसफार्मर को दो से तीन दिन में ठीक किया जाता है। यहां यह याद दिलाना उचित रहेगा कि पिछले साल ग्रामीण क्षेत्र में 15 से 20 दिन में फुंके हुए ट्रांसफार्मर बदले गए थे। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता नंदलाल ने कहा कि पुराने तारों को बदला जा रहा है। जहां ट्रांसफार्मर फुंकने की शिकायत थी, वहां लोड बढ़ाया जा रहा है। बिजलीघरों में ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का काम जारी है। इस बार व्यवस्था में काफी सुधार होगा।
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