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Jalaun News: थीसिस रोकने व पास न करने की धमकी देने का आरोप

Wed, 11 Sep 2024 12:47 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन Updated Wed, 11 Sep 2024 12:47 AM IST
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Accused of threatening to stop the thesis and not pass it
उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज की कम्युनिटी मेडिसन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके वर्मा पर महिला डॉक्टर की अभद्रता की शिकायत के बाद खलबली मची है। उनके खिलाफ कई अधीनस्थ चिकित्सकों ने भी बयान दिए हैं। आरोप है कि वह थीसिस रोकने व पास न करने की धमकी देकर मनमानी करते थे। हालांकि शिकायत के बाद विभागाध्यक्ष को पद से हटा कर लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज की कम्युनिटी विभाग के विभागाध्यक्ष पद पर तैनात डॉ. एसके वर्मा के अधीन पांच महिलाओं समेत नौ चिकित्सक पीजी कर रहे हैं। इनमें एक-दो चिकित्सकों को छोड़कर अधिकांश चिकित्सक विभागाध्यक्ष की मनमानी से त्रस्त थे। 13 अगस्त को महिला चिकित्सक ने प्राचार्य को शिकायती पत्र देकर विभागाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस पर प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने उपप्राचार्य डॉ. आरएन कुशवाहा व स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. किरन पांडेय की अगुवाई की दो सदस्यीय टीम गठित की।
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टीम ने सभी नौ पीजी चिकित्सकों के अलावा चार सह आचार्यों से भी बयान लिए थे। बयान 23 अगस्त और तीन सितंबर को दर्ज किए गए। टीम ने पहले मौखिक रूप से बात की और फिर सभी से अपनी बात लिखित रुप में देने को कहा। लिखित बयान कलमबंद लिफाफे में जांच टीम को दिए गए। कम्युनिटी विभाग के आरोपी विभागाध्यक्ष को हटाकर सह आचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह को कार्यवाहक विभागाध्यक्ष बनाया गया है।
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पूर्व प्राचार्य से भी की जा चुकी है शिकायत



विभागाध्यक्ष डॉ. एसके वर्मा की मनमानी की शिकायत एक महिला चिकित्सक ने पूर्व प्राचार्य डॉ. आरके मौर्य से भी की थी पर शिकायत के हफ्ते भर बाद ही उनका ट्रांसफर हो गया था। इसके चलते इस मामले में कार्रवाई नहीं हो पाई थी।



फोन कर आवास पर बुलाने का आरोप

आरोप है कि विभागाध्यक्ष टाइप 5 के आवास में अकेले रहते हैं। वह अधीन पढ़ने वाली पीजी महिला चिकित्सकों को फोन कर बुलाते थे। कुछ पुरुष चिकित्सकों को भी घरेलू काम के लिए बुलाते थे। साथ ही धमकाते भी थे।


वर्जन



मामले की गंभीरता से जांच की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विभागाध्यक्ष को सभी पदों से हटा दिया गया है। अग्रिम कार्रवाई के लिए पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। -डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज उरई
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