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आजम की टिप्पणी के खिलाफ लेखपालों का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 02 Aug 2016 10:52 PM IST
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ज्ञापन सौंपते लेखपाल
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खां की ओर से लेखपालों पर की गई अभद्र टिप्पणी से बौखलाए लेखपाल कामकाज बंद कर मंगलवार को धरने पर बैठे। इसके उपरांत लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष परमात्मा शरण के नेतृत्व में मंत्री कौशलेंद्र श्रीवास्तव, पवन श्रीवास्तव,
दयाशंकर, रामदत्त, पुष्पेंद्र, शिवराज सिंह, दुर्गा प्रसाद, तेज प्रकाश, राज मिश्रा राजवर्धन, शिखा गोस्वामी, लवी गुप्ता आदि सहित तहसील क्षेत्र के समस्त 49 लेखपालों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी शीतला प्रसाद यादव को सौंपते हुए कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण संवर्ग है। जो शासन की किसानों व
ग्रामीणें से संबंधित सभी योजनाओं व नीतियों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री आजम खां ने 29 जुलाई को जनपद मुरादाबाद के तहसील बिलारी में नगरपालिका भवन के शिलान्यास के अवसर पर अपने उद्बोधन में लेखपाल को समाज का सबसे गंदा व्यक्ति कहकर पूरे संवर्ग को
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अपमानित किया है। जिस ऑटो रिक्शा वितरण कार्य के संबंध में वह शिकायत कर रहे थे, उसमें लेखपालों का कोई दायित्व नहीं था। नगर निगम व नगर पालिका द्वारा रिक्शा चालकों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। अपने विभाग की कमी छिपाकर वह लेखपालों को निशाना बना रहे हैं। इसे लेखपाल संवर्ग कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। लेखपालों ने नगर विकास
मंत्री द्वारा की गई टिप्पणी की घोर निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को इस प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणियां करने से रोकें। इससे पूर्व लेखपालों ने मंगलवार को कामकाज ठप्प रखते हुए तहसील परिसर में धरना भी दिया।
आजम मुर्दाबाद के नारे लगाये, कार्य बहिष्कार किया लेखपालों ने
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार को संघ की कोंच इकाई के तत्वाधान में तहसील के सभी लेखपालों ने तहसील दिवस में असहयोग करते हुए कार्य बहिष्कार किया। लेखपाल संघ ने धरना देकर उत्तर प्रदेश शासन के काबीना मंत्री आजम खां के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। स्थानीय अध्यक्ष प्रेमनारायण मिश्रा व मंत्री सुरेंद्र सिंह ने कहा
कि 29 जुलाई को मुरादाबाद जिले की बिलारी तहसील में पालिका भवन के शिलान्यास के दौरान मंत्री आजम खां अपने गैर जिम्मेदाराना उद्बोधन से पद की मर्यादा की सीमा लांघी है। इस दौरान लाखनसिंह, सुरेशचंद्र खरे, महेश निरंजन, देवेन्द्र परिहार, नरेन्द्रसिंह, मुलायमसिंह, वीरसिंह, बलवानसिंह, कृष्णपाल सिंह, बलराम, हरीशंकर, प्रेमकिशोर, श्यामकुमार, अशोक राजपूत आदि लेखपाल मौजूद रहे।
लेखपालों का धरना रहा जारी
मंगलवार को तहसील परिसर कालपी में मांगों को लेकर उरई, माधौगढ़ व कालपी में भी लेखपालों ने धरना दिया, इसकेे बाद अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया।
तहसील में आयोजित विरोध सभा में जिलाध्यक्ष शत्रुघन सिंह ने कहा कि लेखपाल संवर्ग राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण संवर्ग है।इसके बावजूद भी सरकार के मंत्रियों द्वारा इस संवर्ग के
खुले तौर पर गालियां देने का काम किया जा रहा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। लेखपाल दिनेश बाबा, रामराजा सिंह, कमलेश कुमार, रमेश चंद्र पचौरी, रामकिशोर गुप्ता, दिग्विजय सिंह, रामरतन आदि मौजूद रहे। कालपी तहसील केे सभी लेखपाल धरने पर बैठे रहे। इस मौके
पर अध्यक्ष लक्ष्मीनारायन ने आजम खां की लेखपालों के खिलाफ निंदनीय टिप्पणी का विरोध किया। माधौगढ़ प्रतिनिधि केे अनुसार तहसील परिसर में आयोजित धरने में लेखपालों ने जमकर नारेबाजी की। ब्लाक अध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि बयानबाजी करने वाले आजम खां के खिलाफ कार्रवाई हो।
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दयाशंकर, रामदत्त, पुष्पेंद्र, शिवराज सिंह, दुर्गा प्रसाद, तेज प्रकाश, राज मिश्रा राजवर्धन, शिखा गोस्वामी, लवी गुप्ता आदि सहित तहसील क्षेत्र के समस्त 49 लेखपालों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी शीतला प्रसाद यादव को सौंपते हुए कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण संवर्ग है। जो शासन की किसानों व
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ग्रामीणें से संबंधित सभी योजनाओं व नीतियों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री आजम खां ने 29 जुलाई को जनपद मुरादाबाद के तहसील बिलारी में नगरपालिका भवन के शिलान्यास के अवसर पर अपने उद्बोधन में लेखपाल को समाज का सबसे गंदा व्यक्ति कहकर पूरे संवर्ग को
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अपमानित किया है। जिस ऑटो रिक्शा वितरण कार्य के संबंध में वह शिकायत कर रहे थे, उसमें लेखपालों का कोई दायित्व नहीं था। नगर निगम व नगर पालिका द्वारा रिक्शा चालकों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। अपने विभाग की कमी छिपाकर वह लेखपालों को निशाना बना रहे हैं। इसे लेखपाल संवर्ग कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। लेखपालों ने नगर विकास
मंत्री द्वारा की गई टिप्पणी की घोर निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को इस प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणियां करने से रोकें। इससे पूर्व लेखपालों ने मंगलवार को कामकाज ठप्प रखते हुए तहसील परिसर में धरना भी दिया।
आजम मुर्दाबाद के नारे लगाये, कार्य बहिष्कार किया लेखपालों ने
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार को संघ की कोंच इकाई के तत्वाधान में तहसील के सभी लेखपालों ने तहसील दिवस में असहयोग करते हुए कार्य बहिष्कार किया। लेखपाल संघ ने धरना देकर उत्तर प्रदेश शासन के काबीना मंत्री आजम खां के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। स्थानीय अध्यक्ष प्रेमनारायण मिश्रा व मंत्री सुरेंद्र सिंह ने कहा
कि 29 जुलाई को मुरादाबाद जिले की बिलारी तहसील में पालिका भवन के शिलान्यास के दौरान मंत्री आजम खां अपने गैर जिम्मेदाराना उद्बोधन से पद की मर्यादा की सीमा लांघी है। इस दौरान लाखनसिंह, सुरेशचंद्र खरे, महेश निरंजन, देवेन्द्र परिहार, नरेन्द्रसिंह, मुलायमसिंह, वीरसिंह, बलवानसिंह, कृष्णपाल सिंह, बलराम, हरीशंकर, प्रेमकिशोर, श्यामकुमार, अशोक राजपूत आदि लेखपाल मौजूद रहे।
लेखपालों का धरना रहा जारी
मंगलवार को तहसील परिसर कालपी में मांगों को लेकर उरई, माधौगढ़ व कालपी में भी लेखपालों ने धरना दिया, इसकेे बाद अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया।
तहसील में आयोजित विरोध सभा में जिलाध्यक्ष शत्रुघन सिंह ने कहा कि लेखपाल संवर्ग राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण संवर्ग है।इसके बावजूद भी सरकार के मंत्रियों द्वारा इस संवर्ग के
खुले तौर पर गालियां देने का काम किया जा रहा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। लेखपाल दिनेश बाबा, रामराजा सिंह, कमलेश कुमार, रमेश चंद्र पचौरी, रामकिशोर गुप्ता, दिग्विजय सिंह, रामरतन आदि मौजूद रहे। कालपी तहसील केे सभी लेखपाल धरने पर बैठे रहे। इस मौके
पर अध्यक्ष लक्ष्मीनारायन ने आजम खां की लेखपालों के खिलाफ निंदनीय टिप्पणी का विरोध किया। माधौगढ़ प्रतिनिधि केे अनुसार तहसील परिसर में आयोजित धरने में लेखपालों ने जमकर नारेबाजी की। ब्लाक अध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि बयानबाजी करने वाले आजम खां के खिलाफ कार्रवाई हो।