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Jalaun News: एक साल बाद में गांव में राशन की दुकान का चयन नहीं, बिफरे ग्रामीण
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फोटो-20-तहसील में मौजूद ग्रामीण।
- फोटो : कैसरगंज में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
जालौन। जगनेवा गांव की उचित दर की दुकान के चयन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लगभग एक वर्ष से दुकान निरस्त होने के कारण ग्रामीणों को राशन व्यवस्था में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, तीन बार तिथि निर्धारित होने के बावजूद खुली बैठक में चयन प्रक्रिया पूरी न होने से ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आ गया।
सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन पर उचित दर विक्रेता के चयन की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें चयन प्रक्रिया होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद पता चला कि उस दिन भी चयन नहीं कराया जाएगा। इससे नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताया और बाद में लगभग आधा सैकड़ा ग्रामीण तहसील पहुंच गए।
तहसील पहुंचकर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया को लगातार टाला जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि पहले भी तीन बार तिथि निर्धारित की गई, लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से चयन प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। इससे गांव के लोगों को राशन वितरण में दिक्कतें हो रही हैं और उन्हें दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि चयन स्थगित होने की पूर्व सूचना उन्हें नहीं दी जाती, जिससे ग्रामीणों का समय और श्रम दोनों व्यर्थ हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पारदर्शी तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की।
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मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम रिंकू सिंह राही से ग्रामीणों की वार्ता हुई। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 14 मई को खुली बैठक आयोजित कर उचित दर विक्रेता का चयन कराया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और लौट गए।
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सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन पर उचित दर विक्रेता के चयन की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें चयन प्रक्रिया होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद पता चला कि उस दिन भी चयन नहीं कराया जाएगा। इससे नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताया और बाद में लगभग आधा सैकड़ा ग्रामीण तहसील पहुंच गए।
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तहसील पहुंचकर ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया को लगातार टाला जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि पहले भी तीन बार तिथि निर्धारित की गई, लेकिन हर बार किसी न किसी कारण से चयन प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। इससे गांव के लोगों को राशन वितरण में दिक्कतें हो रही हैं और उन्हें दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि चयन स्थगित होने की पूर्व सूचना उन्हें नहीं दी जाती, जिससे ग्रामीणों का समय और श्रम दोनों व्यर्थ हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पारदर्शी तरीके से चयन प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की।
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मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम रिंकू सिंह राही से ग्रामीणों की वार्ता हुई। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 14 मई को खुली बैठक आयोजित कर उचित दर विक्रेता का चयन कराया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और लौट गए।