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माता पिता को ईश्वर मानने वाला ही सच्चा पुत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, जालौन
Updated Sat, 21 Jan 2017 11:14 PM IST
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उरई में आयोजित भागवत कथा में आचार्य पुरुषोत्तम शरण शास्त्री।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सच्चा पुत्र वही है जो अपने माता, पिता की सेवा करता है। उनके लिए माता, पिता ही ईश्वर होते हैं। ध्रुव-प्रह्लाद, श्रवण कुमार ऐसे पुत्र हैं। यह बात शनिवार को नेहरू बाल मंदिर अंबेडकर चौराहा पर श्रीबांके बिहारी जनकल्याण समिति की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य पुरुषोत्तम शरण शास्त्री ने कही।
कहा कि जीव 24 घंटे के समय में सिर्फ आधा घंटा सुबह, शाम ही प्रभु का स्मरण कर ले तो उद्धार अवश्य हो जाएगा। कथा के अंत में संगीतमय भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। इसके बाद कथा परीक्षित अखिलेश श्रीवास्तव, कल्पना श्रीवास्तव ने आरती उतारी। इस दौरान रामगोविंद पोरवाल, संजीव श्रीवास्तव गुड्डा, महेश चंद्र, मनीश, बब्लू, दिनेश, गुलशन श्रीवास्तव, गिरिजा खरे आदि मौजूद रहे।
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कहा कि जीव 24 घंटे के समय में सिर्फ आधा घंटा सुबह, शाम ही प्रभु का स्मरण कर ले तो उद्धार अवश्य हो जाएगा। कथा के अंत में संगीतमय भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। इसके बाद कथा परीक्षित अखिलेश श्रीवास्तव, कल्पना श्रीवास्तव ने आरती उतारी। इस दौरान रामगोविंद पोरवाल, संजीव श्रीवास्तव गुड्डा, महेश चंद्र, मनीश, बब्लू, दिनेश, गुलशन श्रीवास्तव, गिरिजा खरे आदि मौजूद रहे।
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