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दो अतिकुपोषित बच्चों को पहुंचाया अस्पताल
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जालौन। तहसील क्षेत्र में अतिकुपोषित दो बच्चों के परिजन उन्हें इलाज के लिए भर्ती नहीं करा रहे थे। एसडीएम ने चिकित्सा दल के सदस्यों के साथ गांव में पहुंचकर परिजनों को समझाया, तब परिजनों ने दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया।
तहसील क्षेत्र के ग्राम इटहिया गांव में वीरसिंह परिहार का पुत्र देवेंद्र (1) व वीर सिंह का पुत्र देवकरण (3) कुपोषणता की जांच में अतिकुपोषित मिले थे। जिसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी सहित कई लोगों ने दोनों बच्चों के पिता को उन्हें इलाज के लिए चिकित्सालय में भर्ती कराए जाने के लिए कहा। लेकिन बच्चों के परिजन किसी भी हालत में उन्हें भर्ती कराने के लिए तैयार नहीं हुए। जिसकी जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. मुकेश राजपूत ने एसडीएम भैरपाल सिंह को दी।
शनिवार को एसडीएम चिकित्सकों की टीम के साथ गांव में पहुंचकर बच्चों के पिता से मिले और उन्हें समझाया। एसडीएम के समझाए जाने के बाद दोनों बच्चों के पिता अपने बच्चों का इलाज कराने के लिए तैयार हो गए। जिसके बाद दोनों बच्चों को एसडीएम ने एंबुलेंस से एनआरसी सेंटर उरई भेजा। एसडीएम ने बताया कि इलाज के दौरान बच्चे के अभिभावकों को खाना एवं 50 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे। उन्होंने तहसील क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि अपने बच्चों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। यदि कोई कमी हो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर उनका उचित इलाज कराएं।
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तहसील क्षेत्र के ग्राम इटहिया गांव में वीरसिंह परिहार का पुत्र देवेंद्र (1) व वीर सिंह का पुत्र देवकरण (3) कुपोषणता की जांच में अतिकुपोषित मिले थे। जिसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी सहित कई लोगों ने दोनों बच्चों के पिता को उन्हें इलाज के लिए चिकित्सालय में भर्ती कराए जाने के लिए कहा। लेकिन बच्चों के परिजन किसी भी हालत में उन्हें भर्ती कराने के लिए तैयार नहीं हुए। जिसकी जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. मुकेश राजपूत ने एसडीएम भैरपाल सिंह को दी।
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शनिवार को एसडीएम चिकित्सकों की टीम के साथ गांव में पहुंचकर बच्चों के पिता से मिले और उन्हें समझाया। एसडीएम के समझाए जाने के बाद दोनों बच्चों के पिता अपने बच्चों का इलाज कराने के लिए तैयार हो गए। जिसके बाद दोनों बच्चों को एसडीएम ने एंबुलेंस से एनआरसी सेंटर उरई भेजा। एसडीएम ने बताया कि इलाज के दौरान बच्चे के अभिभावकों को खाना एवं 50 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे। उन्होंने तहसील क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि अपने बच्चों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। यदि कोई कमी हो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर उनका उचित इलाज कराएं।
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