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कुरौती गांव में मिले दो कुष्ठ रोगी
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उरई (जालौन)। माधौगढ़ ब्लाक के कुरौती गांव में संदिग्ध कुष्ठ रोगी होने की सूचना पर कुष्ठ विभाग की टीम ने गांव में जाकर जांच पड़ताल की तो दो रोगी मिले। एक रोगी कुष्ठ से विकलांग मिला। इस पर टीम ने उसे दवाइयां दी। इसके बाद पूरे गांव में डोर टू डोर जाकर जांच की। फिर संचार सामग्री (आईईसी) प्रचार मैटेरियल बांटकर लोगों को कुष्ठ रोग के बारे में बताकर इलाज कराने की सलाह दी।
जिला कुष्ठ अधिकारी डा. पवन कुमार ने बताया कि जालौन के एक प्राइवेट चिकित्सक की क्लीनिक में कुरौती गांव का एक मरीज आया। जहां डाक्टर को उसके कुष्ठ रोगी होने का संदेह हुआ तो उन्होंने उसे माधौगढ़ सीएचसी जाकर जांच कराने की सलाह दी। जब उसने जांच कराई तो उसमें कुष्ठ रोग के लक्षण मिले। इस पर कुष्ठ रोग परामर्शदाता डा. मदनमोहन की अगुवाई में शिवनारायण, कामरान जाहिद के साथ टीम गांव पहुंची।
वहां गांव की आशा के साथ टीम मरीज के घर पहुंची। जांच में कुष्ठ रोग होने की पुष्टि होने पर उसे दवा दी। इसके अलावा उनके परिजनों को भी दवा वितरित की। डा. मदनमोहन ने बताया कि इस गांव में दो मरीज पहले से थे, जबकि दो नए मरीज मिले, इनका इलाज चल रहा है। इन्हें एमडीटी (मल्टी ड्रग थेरेपी) दी जा रही है। उन्होंने बताया कि टीम ने गांव में करीब तीन सौ घरों में डोर टू डोर सर्वे किया और उनसे पूछा कि उन्हें किसी तरह के लाल, पीले दाग धब्बे, सुन्नपन आदि तो नहीं है। इसके अलावा कुष्ठ रोग के लक्षण व उपचार के बारे में जानकारी दी।
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19 रोगियों के बनाए गए प्रमाणपत्र
वर्ष 2018-19 में जिले में 19 लोगों को कुष्ठ रोग की वजह से विकलांग होने पर प्रमाणपत्र बनाए गए हैं और उन्हें कुष्ठ के कारण हुई विकलांगता के लिए तीन हजार रुपये मासिक पेंशन भी दी जा रही है। इसके अलावा सरकारी खर्च पर कुष्ठ रोगियों का आपरेशन, दवाएं आने-जाने आदि का इंतजाम भी विभाग की ओर से किया जा रहा है।
जिले में कुष्ठ रोगियों पर एक नजर
जिले में उपचार ले रहे कुष्ठ रोगियों की संख्या 126 है। जबकि 157 रोगियों को कुष्ठ मुक्त घोषित कर दिया गया है। महिला कुष्ठ रोगियों की संख्या 55 है। जबकि दो बाल रोगी है। यहां कुष्ठ व्यापकता की दर 0.66 प्रतिशत है। अधिकतम कुष्ठ व्यापकता वाले ब्लाक माधौगढ़, रामपुरा व महेबा हैं। जबकि न्यूनतम कुष्ठ व्यापकता वाले ब्लाक कालपी व पिंडारी हैं।
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जिला कुष्ठ अधिकारी डा. पवन कुमार ने बताया कि जालौन के एक प्राइवेट चिकित्सक की क्लीनिक में कुरौती गांव का एक मरीज आया। जहां डाक्टर को उसके कुष्ठ रोगी होने का संदेह हुआ तो उन्होंने उसे माधौगढ़ सीएचसी जाकर जांच कराने की सलाह दी। जब उसने जांच कराई तो उसमें कुष्ठ रोग के लक्षण मिले। इस पर कुष्ठ रोग परामर्शदाता डा. मदनमोहन की अगुवाई में शिवनारायण, कामरान जाहिद के साथ टीम गांव पहुंची।
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वहां गांव की आशा के साथ टीम मरीज के घर पहुंची। जांच में कुष्ठ रोग होने की पुष्टि होने पर उसे दवा दी। इसके अलावा उनके परिजनों को भी दवा वितरित की। डा. मदनमोहन ने बताया कि इस गांव में दो मरीज पहले से थे, जबकि दो नए मरीज मिले, इनका इलाज चल रहा है। इन्हें एमडीटी (मल्टी ड्रग थेरेपी) दी जा रही है। उन्होंने बताया कि टीम ने गांव में करीब तीन सौ घरों में डोर टू डोर सर्वे किया और उनसे पूछा कि उन्हें किसी तरह के लाल, पीले दाग धब्बे, सुन्नपन आदि तो नहीं है। इसके अलावा कुष्ठ रोग के लक्षण व उपचार के बारे में जानकारी दी।
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19 रोगियों के बनाए गए प्रमाणपत्र
वर्ष 2018-19 में जिले में 19 लोगों को कुष्ठ रोग की वजह से विकलांग होने पर प्रमाणपत्र बनाए गए हैं और उन्हें कुष्ठ के कारण हुई विकलांगता के लिए तीन हजार रुपये मासिक पेंशन भी दी जा रही है। इसके अलावा सरकारी खर्च पर कुष्ठ रोगियों का आपरेशन, दवाएं आने-जाने आदि का इंतजाम भी विभाग की ओर से किया जा रहा है।
जिले में कुष्ठ रोगियों पर एक नजर
जिले में उपचार ले रहे कुष्ठ रोगियों की संख्या 126 है। जबकि 157 रोगियों को कुष्ठ मुक्त घोषित कर दिया गया है। महिला कुष्ठ रोगियों की संख्या 55 है। जबकि दो बाल रोगी है। यहां कुष्ठ व्यापकता की दर 0.66 प्रतिशत है। अधिकतम कुष्ठ व्यापकता वाले ब्लाक माधौगढ़, रामपुरा व महेबा हैं। जबकि न्यूनतम कुष्ठ व्यापकता वाले ब्लाक कालपी व पिंडारी हैं।