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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर फिर गरजे कर्मचारी, बनाई आंदोलन की रणनीति

Sat, 19 Jan 2019 12:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jan 2019 12:03 AM IST
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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर फिर गरजे कर्मचारी, बनाई आंदोलन की रणनीति
कोंच। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आंदोलित सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों ने एक बार फिर आंदोलन छेड़ने की बात कही। कर्मचारी बोले, पेंशन उनका अधिकार है और इसे लेकर रहेंगे, चाहें अंतिम सांस तक संघर्ष क्यों न करना पड़े। पदाधिकारियों ने कहा कि 21 जनवरी को जिला मुख्यालय पर बीएसए कार्यालय के बाहर धरना, 28 को कलक्ट्रेट तक मशाल जुलूस और फिर 6 से 12 फरवरी तक महा हड़ताल होगी।
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तहसील सभागार में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तहसील अध्यक्ष निर्भय यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह भाटिया ने कहा कि सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ तथा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी कर्मचारियों की जायज मांग का समर्थन किया है, फिर भी केंद्र सरकार का रवैया उदासीन है।
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हरीश राठौर ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा एकमात्र पेंशन ही है लेकिन सरकार ने नई पेंशन योजना लागू करके कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी को भी तोड़ दिया है। संचालन हरपाल सिंह यादव ने किया।
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इस दौरान कृष्णकांत वाजपेयी, शैलेंद्र निरंजन, निर्भय यादव, रवींद्र शुक्ला, रेखा, अखिलेश, अतुल, अशोक, प्रेमचंद्र, रामशरण, मोहम्मद साकेब, कमल, अनुराग, महेश निरंजन, पंकज, गणेश शंकर, हर्ष, रामराजा, जितेंद्र, रंजन, राघवेंद्र, अरविंद, ज्ञानसिंह, प्रदीप याज्ञिक, पूजा गुप्ता, नंदकुमार, मनीष आदि मौजूद रहे।
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