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Jalaun News: 27 बाढ़ चौकियां बनाईं, कालपी के गांवों में पानी को घुसने से रोकेगी रिटर्निंग वॉल

Wed, 02 Jul 2025 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:24 AM IST
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27 flood posts were built, returning wall will prevent water from entering the villages of Kalpi
उरई। दो दिन से हो रही तेज बारिश के चलते प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में लोगों को बाढ़ आने पर परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए 27 बाढ़ नियंत्रण चौकियां बनाई गईं हैं। कालपी में रिटर्निंग वॉल बनवाई गई है। यह गांव में पानी घुसने से रोकेगी।
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जिले में पिछले वर्ष आई बाढ़ से जालौन तहसील के 21 गांव, उरई तहसील के 31, कालपी के 35, कोंच के 33, माधौगढ़ के 38 गांव प्रभावित हुए थे। कोंच में पहूज नदी में बांध का पानी आ जाने से चारों तरफ सिर्फ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा था। एनडीआरएफ टीम व जवानों की टुकड़ी के साथ रेस्क्यू कर बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया था।
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इस बार बारिश आने से पहले ही जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशानिर्देश भी दिए हैं। जिले में 27 बाढ़ नियंत्रण चौकियां बनाई गई हैं। नदियों के किनारे बसे गांवों विशेष नजर रखने के लिए चौकियां बनाई गई हैं। सभी विभागों को विशेष आपदा से निपटने के लिए अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। यमुना व बेतवा नदी से सटे 157 गांव बाढ़ से प्रभावित होने लगते है। जलभराव से गांवों में बने कच्चे मकान गिरने का खतरा बना रहता है। इसलिए प्रशासन ने 27 चौकियों के माध्यम से नियंत्रण रखना शुरू कर दिया है। एसडीएम संजय सिंह ने बताया कि बाढ़ से बचाव के लिए जिले में नावों की व्यवस्था है। मानसून आने से पहले ही प्रशासन ने 27 चौकियों के माध्यम से नियंत्रण रखना शुरू कर दिया है।
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इसके लिए पिछले दिनों हुई बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। बाढ़ से बचाव के लिए गोताखोर व चीजों को भी व्यवस्था में रखा गया है।
वहीं, कालपी स्थित यमुना नदी में बाढ़ आने से शेखपुर गुढ़ा, मंगरौल, कीरतपुर, मैनूपुर, गुढ़ा आदि पानी से भर जाते थे। इसी को लेकर प्रशासन ने यमुना किनारे हो रही कटान एवं ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए शेखपुरा गुढा,से व्यास मंदिर एवं किले घाट महारानी लक्ष्मी बाई के कोषागार की कटान को रोकने व गांवों में पानी घुसने के लिए रिटर्निंग वॉल का निर्माण कराया है।
प्रशासन का दावा है, कि अगर यमुना में पानी बढ़ता है, तो यह वॉल पानी को गांवों की तरफ नहीं बढ़ने देगी।
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