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नई तकनीक से निर्मित करें कालपी का हाथ कागज
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कालपी। भारत सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के तत्वावधान में नगर के मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र में हुई उद्योग गोष्ठी में विशेषज्ञों ने हाथ कागज उद्योग के उत्पादों को नई तकनीक से निर्मित करने पर बल दिया।
किला घाट स्थित मंडलीय प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में आयोजित गोष्ठी में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर आरके निगम ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तमाम प्रकार की योजनाओं का संचालन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अंचलों में उद्योग स्थापना के लिए युवक युवतियों को कम दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
साथ ही सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। युवा पीढ़ी स्वावलंबी बनकर ग्रामों में उद्योग स्थापना के लिए जागरूक होकर कार्य करे। राजस्थान के कुमार इंस्टीट्यूट सांगानेर के एमए खान ने उद्यमियों को जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में नई नई तकनीक उत्पन्न हो गई है। डाइजेस्टर एवं सोलर सिस्टम के आधार पर नए कागज का निर्माण करें।
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नई तकनीकी से बने कागज के उद्यमियों को अच्छे रेट भी मिलेंगे साथ ही भविष्य में मार्केट भी इसका अच्छा है। मंडलीय प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य एलके दिवाकर ने कहा कि हाथ कागज उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए उनके उत्पाद फाइल कवर एवं हस्त निर्मित कागज यूनिवर्सिटियों, रेलवे विभाग आदि संस्थानों में प्रयोग हों, इसके लिए सरकार से आरक्षित करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
जिला उद्योग केंद्र के सहायक एम शंखवार ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना में कालपी के हाथ कागज उद्योग को शामिल किया गया है। उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ही ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। आवेदक उद्यमियों के ऋण की पत्रावलियां संबंधित बैंक में भेज दी गईं हैं, जो 40 आवेदन पत्र शेष हैं उनको चुनाव के बाद आवेदकों का इंटरव्यू कराकर संबंधित बैंकों को उपलब्ध ऋण कराने के लिए भेजा जाएगा।
इस दौरान हाथ कागज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, रविंद्र नाथ गुप्ता, राजू पतारा, पदमकांत पुरवार, सीताराम गुप्ता आदि उद्यमियों ने गोष्ठी में उच्च अधिकारियों को मांगपत्र सौंपकर अवगत कराया कि हाथ कागज में जीएसटी को खत्म कराया जाए व बिजली में सब्सिडी प्रदान की जाए। ग्रामोद्योग आयोग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रस्ताव संबंधित अफसरों को भेज कर समस्या का निदान कराया जाएगा।
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किला घाट स्थित मंडलीय प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में आयोजित गोष्ठी में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर आरके निगम ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तमाम प्रकार की योजनाओं का संचालन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अंचलों में उद्योग स्थापना के लिए युवक युवतियों को कम दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
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साथ ही सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। युवा पीढ़ी स्वावलंबी बनकर ग्रामों में उद्योग स्थापना के लिए जागरूक होकर कार्य करे। राजस्थान के कुमार इंस्टीट्यूट सांगानेर के एमए खान ने उद्यमियों को जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में नई नई तकनीक उत्पन्न हो गई है। डाइजेस्टर एवं सोलर सिस्टम के आधार पर नए कागज का निर्माण करें।
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नई तकनीकी से बने कागज के उद्यमियों को अच्छे रेट भी मिलेंगे साथ ही भविष्य में मार्केट भी इसका अच्छा है। मंडलीय प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य एलके दिवाकर ने कहा कि हाथ कागज उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए उनके उत्पाद फाइल कवर एवं हस्त निर्मित कागज यूनिवर्सिटियों, रेलवे विभाग आदि संस्थानों में प्रयोग हों, इसके लिए सरकार से आरक्षित करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
जिला उद्योग केंद्र के सहायक एम शंखवार ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना में कालपी के हाथ कागज उद्योग को शामिल किया गया है। उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए 25 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ही ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। आवेदक उद्यमियों के ऋण की पत्रावलियां संबंधित बैंक में भेज दी गईं हैं, जो 40 आवेदन पत्र शेष हैं उनको चुनाव के बाद आवेदकों का इंटरव्यू कराकर संबंधित बैंकों को उपलब्ध ऋण कराने के लिए भेजा जाएगा।
इस दौरान हाथ कागज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, रविंद्र नाथ गुप्ता, राजू पतारा, पदमकांत पुरवार, सीताराम गुप्ता आदि उद्यमियों ने गोष्ठी में उच्च अधिकारियों को मांगपत्र सौंपकर अवगत कराया कि हाथ कागज में जीएसटी को खत्म कराया जाए व बिजली में सब्सिडी प्रदान की जाए। ग्रामोद्योग आयोग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रस्ताव संबंधित अफसरों को भेज कर समस्या का निदान कराया जाएगा।