{"_id":"5c5dc97dbdec225eb27aa7e4","slug":"women-should-not-respect-compassion-for-women-on-land","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत भूमि पर नारी को दया नहीं सम्मान चाहिए...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारत भूमि पर नारी को दया नहीं सम्मान चाहिए...
Sat, 09 Feb 2019 12:24 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Sat, 09 Feb 2019 12:24 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला अपराजिता 100मिलियन स्माइलस के तहत नगर पालिका में आयोजित कवयित्री सम्मेलन में काव्य पाठ करती कवियत्री व मंचासीन अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस। अमर उजाला अपराजिता -100 मिलियन स्माइल्स और कवि दरबार के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को पालिका के हॉल में कवयित्री सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में नारी सशक्तीकरण की आवाज को बुलंद किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एडीएम रेखा एस चौहान, विशिष्ट अतिथि के रूप में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति थे। अध्यक्षता नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के छवि चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। मुख्य अतिथि एडीएम रेखा एस चौहान ने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में सदियों से नारी का सम्मान होता आया है। यदि हम इतिहास देखें तो देश में नारी का स्थान बहुत ऊपर था। बीच में कुछ कुरीतियां आ गईं। आज फिर नारी सशक्तीकरण की ओर देश बढ़ रहा है।
उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से अपील की वह अपने परिवार में ऐसे संस्कार पैदा करें, जिससे उनके घरों में नारी को पूरा सम्मान मिले। बेटियों को पढ़ाने पर सभी लोग ध्यान दें, जिससे नारी वास्तव में अपराजिता की भूमिका में आ सकें, कभी पराजित नहीं हों। वह आत्मनिर्भर बनें। दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि यहां से सभी नारी सुरक्षा का संकल्प लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि नारियों की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हम सभी अपनी बेटियों को पढ़ाएं-लिखाएं और स्वावलंबी बनाएं। इसके बाद कवयित्री सम्मेलन की शुरुआत पूजा चौहान ने मां सरस्वती वंदना से की।
विज्ञापन
तदुपरांत संचालन का जिम्मा संभाला ख्याति प्राप्त कवयित्री मनु दीक्षित ने। उन्होंने नारी के अधिकारों की बात करते हुए जब यह कविता प्रस्तुत की तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
अपने अधिकारों का अब अक्षर अक्षर ज्ञान चाहिए
भारत भूमि पर नारी को दया नहीं सम्मान चाहिए।
प्रियांशी ढाकरा ने अपनी यह कविता प्रस्तुत कर जमकर वाही वाही लूटी।
नारी का उत्थान नारी का सम्मान, देश का अभिमान
बेटी को न भ्रूण में मारो उसमें भी है प्राण।
दो अगर पंख तो बेटी भी भरेगी उड़ान, नन्हे नन्हे पंगों से चलकर छू लेगी वे भी आसमान।
शालिनी पाठक ने अपनी इस रचना से नारी सशक्तीकरण पर बल दिया
ओस की बूंद होती है बेटियां, चांद तारों से प्यारी होती है बेटियां।
बेटा रखता है लाज एक कुल की, दो कुल की लाज रखती हैं बेटियां।
मोनी देहलवी ने अपनी यह कविता प्रस्तुत कर जमकर तालियां बटोरीं।
मैं हिंद की बेटी हिंदुस्तानी हूं, माटी खुशबू पुरवा में सुहानी हूं। मिट जाऊं तिरंगे पर ऐसी दिवानी हूं।
पूजा चौहान की इस रचना को श्रोताओं ने बेहद सराहा।
इसे बेटी बना पालो ये इतिहास छूलेगी, करो विश्वास बेटी पर ये विश्वास छूलेगी।
कभी बेटी को जीवन में नजर अंदाज मत करना, जरा सा पंख खोलेगी तो आकाश छूलेगी।
कवयित्री नीलम वार्ष्णेय ने यह कविता सुनाकर तालियां बटोरीं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बेटी भोली जीवन की सुंदर ज्योति है।
पठन पाठन सुंदर प्रचलन में भी नीलकमल बेटी हीरा मोती है
इसके अलावा डॉ. प्रतिमा पांडेय, सोनिया सिंह आदि ने नारी सशक्तीकरण पर बल दिया। एडीएम रेखा एस चौहान ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार विद्यासागर विकल व साहित्यकार गोपाल चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर कवयित्रियों व कार्यक्रम के व्यवस्थापकों के अलावा अतिथियों को प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से नगर पालिका के ईओ स्वदेश आर्य, वैद्य मोहन बृजेश रावत, अजय गौड़, प्रभुदयाल दीक्षित, कृष्ण मुरारी वार्ष्णेय, राकेश शर्मा अनाड़ी, अतुल नारायन कुलश्रेष्ठ, सूरज मौर्य, दिनेश, प्रदीप पंडित, योगेश भारद्वाज, सत्यवीर सिंह, हरीशंकर राना, राजेश परिहार, राजीव कुलश्रेष्ठ, विजयप्रकाश स्वर्णकार, ममता गुप्ता, प्रमोद कुमार गौड़, रवि सौखिया, मोहन चंद्र कुबेर, सिलाश पौरुष, संजय अग्रवाल, रामशंकर, राजेश कुमार जैन, मनोज शर्मा, आशीष अस्थाना, रामबहादुर पटेल, अनिल कुमार, कमल बाबू, राजू शर्मा, विमल प्रधान आदि थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
विज्ञापन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एडीएम रेखा एस चौहान, विशिष्ट अतिथि के रूप में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति थे। अध्यक्षता नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के छवि चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। मुख्य अतिथि एडीएम रेखा एस चौहान ने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में सदियों से नारी का सम्मान होता आया है। यदि हम इतिहास देखें तो देश में नारी का स्थान बहुत ऊपर था। बीच में कुछ कुरीतियां आ गईं। आज फिर नारी सशक्तीकरण की ओर देश बढ़ रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से अपील की वह अपने परिवार में ऐसे संस्कार पैदा करें, जिससे उनके घरों में नारी को पूरा सम्मान मिले। बेटियों को पढ़ाने पर सभी लोग ध्यान दें, जिससे नारी वास्तव में अपराजिता की भूमिका में आ सकें, कभी पराजित नहीं हों। वह आत्मनिर्भर बनें। दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि यहां से सभी नारी सुरक्षा का संकल्प लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि नारियों की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हम सभी अपनी बेटियों को पढ़ाएं-लिखाएं और स्वावलंबी बनाएं। इसके बाद कवयित्री सम्मेलन की शुरुआत पूजा चौहान ने मां सरस्वती वंदना से की।
विज्ञापन
तदुपरांत संचालन का जिम्मा संभाला ख्याति प्राप्त कवयित्री मनु दीक्षित ने। उन्होंने नारी के अधिकारों की बात करते हुए जब यह कविता प्रस्तुत की तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
अपने अधिकारों का अब अक्षर अक्षर ज्ञान चाहिए
भारत भूमि पर नारी को दया नहीं सम्मान चाहिए।
प्रियांशी ढाकरा ने अपनी यह कविता प्रस्तुत कर जमकर वाही वाही लूटी।
नारी का उत्थान नारी का सम्मान, देश का अभिमान
बेटी को न भ्रूण में मारो उसमें भी है प्राण।
दो अगर पंख तो बेटी भी भरेगी उड़ान, नन्हे नन्हे पंगों से चलकर छू लेगी वे भी आसमान।
शालिनी पाठक ने अपनी इस रचना से नारी सशक्तीकरण पर बल दिया
ओस की बूंद होती है बेटियां, चांद तारों से प्यारी होती है बेटियां।
बेटा रखता है लाज एक कुल की, दो कुल की लाज रखती हैं बेटियां।
मोनी देहलवी ने अपनी यह कविता प्रस्तुत कर जमकर तालियां बटोरीं।
मैं हिंद की बेटी हिंदुस्तानी हूं, माटी खुशबू पुरवा में सुहानी हूं। मिट जाऊं तिरंगे पर ऐसी दिवानी हूं।
पूजा चौहान की इस रचना को श्रोताओं ने बेहद सराहा।
इसे बेटी बना पालो ये इतिहास छूलेगी, करो विश्वास बेटी पर ये विश्वास छूलेगी।
कभी बेटी को जीवन में नजर अंदाज मत करना, जरा सा पंख खोलेगी तो आकाश छूलेगी।
कवयित्री नीलम वार्ष्णेय ने यह कविता सुनाकर तालियां बटोरीं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बेटी भोली जीवन की सुंदर ज्योति है।
पठन पाठन सुंदर प्रचलन में भी नीलकमल बेटी हीरा मोती है
इसके अलावा डॉ. प्रतिमा पांडेय, सोनिया सिंह आदि ने नारी सशक्तीकरण पर बल दिया। एडीएम रेखा एस चौहान ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार विद्यासागर विकल व साहित्यकार गोपाल चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर कवयित्रियों व कार्यक्रम के व्यवस्थापकों के अलावा अतिथियों को प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से नगर पालिका के ईओ स्वदेश आर्य, वैद्य मोहन बृजेश रावत, अजय गौड़, प्रभुदयाल दीक्षित, कृष्ण मुरारी वार्ष्णेय, राकेश शर्मा अनाड़ी, अतुल नारायन कुलश्रेष्ठ, सूरज मौर्य, दिनेश, प्रदीप पंडित, योगेश भारद्वाज, सत्यवीर सिंह, हरीशंकर राना, राजेश परिहार, राजीव कुलश्रेष्ठ, विजयप्रकाश स्वर्णकार, ममता गुप्ता, प्रमोद कुमार गौड़, रवि सौखिया, मोहन चंद्र कुबेर, सिलाश पौरुष, संजय अग्रवाल, रामशंकर, राजेश कुमार जैन, मनोज शर्मा, आशीष अस्थाना, रामबहादुर पटेल, अनिल कुमार, कमल बाबू, राजू शर्मा, विमल प्रधान आदि थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।