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बिना प्रेक्टिस खेलों में कैसे दिखाएंगे हुनर
अमर उजाला ब्यूूराे/हाथ्ारस
Updated Thu, 22 Oct 2015 11:28 PM IST
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डॉ. बीआर अंबेडकर विवि की अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिताएं महाविद्यालयों में सिर्फ लापरवाही की भेंट चढ़ गई हैं। दूसरे और तीसरे वर्ष के एडमिशन प्रक्रिया की गति काफी धीमी होने के कारण जहां प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों को जुटाने में पसीने छूट रहे हैं तो वहीं अभी तक खेल प्रतियोगिता के लिए नाम दर्ज करा चुके विद्यार्थियों को नियमित रूप से खेल प्रेक्टिस तक नहीं कराई जा रही।
खेल के नाम पर छात्र छात्राओं से महाविद्यालयों में क्रीड़ा शुल्क तो वसूला जाता है, लेकिन उन्हें खेल सुविधाएं देने में कॉलेज काफी पीछे रह जाते हैं। विवि का खेल कैलेंडर जारी होने के बाद भी महाविद्यालयों में खेल गतिविधियां ठप पड़ी हुई हैं। इसमें लापरवाही सिर्फ कॉलेजों की ही नहीं, बल्कि विवि की भी है। विवि की लापरवाही के कारण अभी तक महाविद्यालय अपने यहां स्नातक व स्नातकोत्तर दूसरे व तीसरे वर्ष के एडमिशन नहीं कर पाए हैं। जिस वजह से महाविद्यालयों को खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने में पसीने छूट रहे हैं, तो दूसरी तरफ कॉलेजों में खेल प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ी अपने नाम तो दर्ज करा रहे हैं, लेकिन अभी तक कॉलेजों में खेल प्रेक्टिस भी शुरू नहीं कराई गई है, जबकि अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिताएं 29 अगस्त से शुरू हो चुकी हैं।
शहर के बागला महाविद्यालय में 7 व 8 नवंबर को अंतर महाविद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता होनी है, लेकिन यहां भी प्रतियोगिताओं की तैयारी ठप पड़ी हुई हैं। प्रतियोगिताओं के नाम पर सिर्फ लकीर पीटी जाएगी।
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खेल के नाम पर छात्र छात्राओं से महाविद्यालयों में क्रीड़ा शुल्क तो वसूला जाता है, लेकिन उन्हें खेल सुविधाएं देने में कॉलेज काफी पीछे रह जाते हैं। विवि का खेल कैलेंडर जारी होने के बाद भी महाविद्यालयों में खेल गतिविधियां ठप पड़ी हुई हैं। इसमें लापरवाही सिर्फ कॉलेजों की ही नहीं, बल्कि विवि की भी है। विवि की लापरवाही के कारण अभी तक महाविद्यालय अपने यहां स्नातक व स्नातकोत्तर दूसरे व तीसरे वर्ष के एडमिशन नहीं कर पाए हैं। जिस वजह से महाविद्यालयों को खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने में पसीने छूट रहे हैं, तो दूसरी तरफ कॉलेजों में खेल प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ी अपने नाम तो दर्ज करा रहे हैं, लेकिन अभी तक कॉलेजों में खेल प्रेक्टिस भी शुरू नहीं कराई गई है, जबकि अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिताएं 29 अगस्त से शुरू हो चुकी हैं।
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शहर के बागला महाविद्यालय में 7 व 8 नवंबर को अंतर महाविद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता होनी है, लेकिन यहां भी प्रतियोगिताओं की तैयारी ठप पड़ी हुई हैं। प्रतियोगिताओं के नाम पर सिर्फ लकीर पीटी जाएगी।
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